नई दिल्ली: भारतीय मौसम विभाग (IMD) ने बुधवार को बताया कि गंभीर चक्रवाती तूफान मोंथा आंध्र प्रदेश के तट से टकराने के बाद कमजोर हो गया है। तूफान के कारण कई तटीय जिलों में भारी बारिश हुई और तेज हवाएं चलीं हैं। ओडिशा के मुख्यमंत्री मोहन माझी ने मोंथा के लैंडफॉल से पहले स्थिति का जायजा लेने के लिए विशेष राहत आयुक्तालय के नियंत्रण कक्ष का दौरा किया। उन्होंने कहा कि लोगों को सुरक्षित स्थानों पर स्थानांतरित किया गया है।
वहीं, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़ और पश्चिम बंगाल में इस तूफान का असर देखा गया है। जिससे किसानों की चिंता बढ़ गई है। बंगाल की खाड़ी में बने चक्रवाती तूफान मोंथा का असर छत्तीसगढ़ के धमतरी में भी देखा गया। जहां बादल छाए रहे और रुक-रुककर हल्की बारिश के साथ ठंडी हवाएं चलती रहीं। अचानक हुई बेमौसम बारिश ने खरीफ सीजन की तैयार धान फसल की कटाई-मिंजाई में लगे किसानों की चिंता बढ़ा दी है। खेतों में फसल भीगने लगी है, जिससे धान की गुणवत्ता पर असर पड़ रहा है।
मध्य प्रदेश में बारिश का दौर जारी, अगले 4 दिन ऐसा ही रहेगा मौसम
मध्य प्रदेश में बारिश का दौर जारी है। ग्वालियर, शिवपुरी और रतलाम समेत कई जिलों में बारिश हुई है। बुधवार को छिंदवाड़ा-बालाघाट समेत 11 जिलों में बारिश होने की संभावना है। मौसम विभाग का कहना है कि अगले चार दिन ऐसा ही मौसम रहेगा। मौसम विभाग का कहना है कि अरब सागर में एक डिप्रेशन एक्टिव है। इससे एक टर्फ मध्य प्रदेश के पास से गुजर रही है। वहीं, उत्तरी हिस्से में एक साइक्लोनिक सर्कुलेशन भी सक्रिय है। इस वजह से प्रदेश में बारिश का दौर चल रहा है। दूसरी ओर, तूफान ‘मोंथा’ की वजह से तेज आंधी का दौर है। अगले 24 घंटे के दौरान सिस्टम का असर बढ़ेगा और कई जिलों में भारी बारिश की संभावना है। इस सिस्टम की वजह से अगले चार दिन तक प्रदेश में बारिश होने के आसार हैं। अगले 24 घंटे के दौरान श्योपुर, मुरैना, बुरहानपुर, बैतूल, छिंदवाड़ा, पांढुर्णा, सिवनी, मंडला, बालाघाट, डिंडौरी और अनूपपुर में तेज बारिश हो सकती है। प्रदेश के बाकी के जिलों में हल्की बारिश और गरज-चमक का दौर बना रहेगा।

गौरतलब है कि मध्य प्रदेश से मानसून की विदाई हो चुकी है। लेकिन बारिश हो रही है। 29, 30 और 31 अक्टूबर को भी तेज बारिश हो सकती है। 30 अक्टूबर को सिस्टम का सबसे ज्यादा असर देखने को मिलेगा।
कमजोर हुआ मोंथा लेकिन पश्चिम बंगाल में अभी भी असर जारी
मोंथा का असर पश्चिम बंगाल में जारी है। यह चक्रवात भले की कमजोर पड़ गया है लेकिन बुधवार सुबह से कोलकाता और दक्षिण बंगाल के कई जिलों में लगातार बारिश हो रही है। मौसम विभाग ने पश्चिम मिदनापुर, झाड़ग्राम समेत दक्षिण बंगाल के सभी जिलों में बिजली चमकने और तेज हवाओं के साथ बारिश की संभावना जताई गई है। हालांकि बंगाल में तूफान का सीधा प्रहार नहीं हुआ लेकिन उसका अप्रत्यक्ष प्रभाव राज्य के मौसम को पूरी तरह बदल चुका है।
दक्षिण छत्तीसगढ़ के पांच जिलों में रेड अलर्ट
मौसम विभाग ने दक्षिण छत्तीसगढ़ के पांच जिलों नारायणपुर, बस्तर, बीजापुर, दंतेवाड़ा और सुकमा में रेड अलर्ट जारी किया गया है। मौसम विभाग का कहना है कि अगले 3 दिनों तक राज्य में तेज हवाएं चलेंगी और बारिश हो सकती है। कई इलाकों में आंधी-तूफान से खेतों में खड़ी फसल भी झुककर बर्बाद हो गई है जिससे किसानों को भारी आर्थिक नुकसान होने की आशंका है। मौसम विभाग ने रायपुर, दुर्ग और बस्तर संभाग में भी तेज हवाओं के साथ भारी बारिश होने की संभावना जताई है।

















