अफगानिस्तान के साथ सीमा विवाद के कारण दिवालिया होने की कगार पर खड़े पाकिस्तान की हालत और बुरी हो गई है। सीमा सील होने के बाद वहां फल सब्जियों की आमद कम हो गई है, जिससे वहां एक किलो टमाटर 600 पाकिस्तानी रुपये तक बिक रहा है, जो पहले 50-100 रुपये के आसपास होता था। यानी कीमतें 400 प्रतिशत तक उछल गई हैं।
इस महंगाई का कारण
मुख्य समस्या पाकिस्तान-अफगानिस्तान बॉर्डर पर चल रही है। 11 अक्टूबर से टोर्कहम और चमन जैसे बड़े क्रॉसिंग पॉइंट बंद पड़े हैं। पाकिस्तान ने काबुल पर आतंकी हमलों का इल्जाम लगाया, जिससे दोनों देशों के बीच तनाव बढ़ गया। नतीजा? व्यापार रुक गया। करीब 5,000 कंटेनर फंस गए हैं, जिनमें टमाटर, सेब और अंगूर जैसे फल-सब्जियां भरी हुई हैं। ये कंटेनर अब लाइन में खड़े हैं, और सामान सड़ने लग रहा है।
मौसम ने भी मचाई तबाही
इसके अलावा, पाकिस्तान के खैबर पख्तूनख्वा, बलूचिस्तान और सिंध इलाकों में भारी बारिश और बाढ़ ने फसलों को भारी नुकसान पहुंचाया। टमाटर की पैदावार पहले से कम हो गई। विशेषज्ञ बताते हैं कि सिंध जैसे उत्पादक इलाकों में बाढ़ की वजह से लोकल सप्लाई हमेशा प्रभावित होती रहती है। नेशनल हॉर्टीकल्चर रिसर्च एंड डेवलपमेंट फाउंडेशन के डायरेक्टर आरपी गुप्ता कहते हैं कि भारत के नासिक, पुणे और अहमदनगर जैसे इलाके अभी नॉर्थ मार्केट की डिमांड पूरी कर रहे हैं, इसलिए पाकिस्तान को आयात पर निर्भर रहना पड़ता है। लेकिन बॉर्डर बंद होने से वो रास्ता भी बंद हो गया।
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2011 में भी हुआ था ऐसा
2011 में भी पाकिस्तान में टमाटर महंगा हो गया था। तब भारतीय व्यापारियों ने मौका देखा और दिल्ली-नासिक से ट्रक भर-भरकर टमाटर अटारी-वाघा बॉर्डर के रास्ते भेजे। इससे पाकिस्तान के बाजारों में कीमतें और चढ़ गईं। दो साल पहले, जुलाई 2023 में तो आटा 320 रुपये किलो तक पहुंच गया था। कराची में 20 किलो का बैग 3,200 रुपये का हो गया, जो 58 साल का रिकॉर्ड था। चीनी भी 160 रुपये किलो पर पहुंची। ये सब दिखाता है कि पाकिस्तान में खाद्य संकट बार-बार आते रहते हैं। ये सब उसकी नीतियों के कारण ही है।
बाजार में क्या हो रहा
लाहौर के बादामी बाग मार्केट में रोजाना 30 ट्रक टमाटर आते थे, अब सिर्फ 15-20 पहुंच रहे हैं। डिमांड वैसी ही है, लेकिन सप्लाई आधी रह गई। इसलिए दाम बढ़ गए। ग्राहक परेशान हैं, लेकिन विकल्प कम हैं। मीडिया रिपोर्ट्स कहती हैं कि ये गैप और बढ़ सकता है अगर बॉर्डर जल्द न खुले।











