नई दिल्ली: मेटा में 600 कर्मचारियों की छंटनी होने जा रही है। इन सारे कर्मचारियों का इंटरनल एक्सेस बंद कर दिया है और इन्हें दूसरा काम खोजने के लिए कह दिया गया है। ये सारे कर्मचारी मेटा एआई यूनिट से जुड़े हैं। कंपनी ने इस छंटनी की जानकारी एक मेमो में दी है। इस मेमो को कंपनी के चीफ AI ऑफिसर अलेक्जेंडर वांग की ओर से भेजा गया है। अलेक्जेंडर वांग को मेटा ने इस साल जुलाई में हायर किया था। मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, इन कर्मचारियों को निकाल कर कंपनी लेयर्स को कम और काम तेज करना चाहती है।
AI यूनिट बड़ी होने से हो रही है छंटनी
बताया जा रहा है कि मेटा (Meta) की AI यूनिट में बड़ी संख्या में कर्मचारी हो गए हैं। जिस कारण यह छंटनी हो रही है। जब मेटा की सुपर इंटेलिजेंस लैब के लिए लोगों की नियुक्ति हुई तो AI यूनिट काफी बड़ा हो गयी थी। जिसके बाद अब कर्मचारियों को निकाला जा रहा है। वैसे भी पिछले कुछ वक्त से मेटा ने AI को लेकर अपनी अप्रोच में तेजी से बदलाव किया है और कंपनी OpenAI और Google को टक्कर देने के लिए काफी खर्च कर रही है। कंपनी ने अपना इंफ्रास्ट्रक्चर और मजबूत किया है। लेकिन काफी ज्यादा संख्या में कर्मचारियों को भरने के बाद फिर छंटनी करना मेटा पर कई सवाल खड़े कर सकता है।

मेटा ने इसी साल AI यूनिट में की थी जमकर हायरिंग
बताया जा रहा है कि इस छंटनी का असर मेटा की AI इंफ्रास्ट्रक्चर यूनिट्स, फंडामेंटल आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस रिसर्च यूनिट और दूसरे प्रोडक्ट संबंधित पोजिशन पर पड़ेगा। हालांकि यह कहा जा रहा है कि इस छंटनी का असर मेटा के एआई यूनिट के टॉप कर्मचारियों पर नहीं पड़ेगा। मेटा ने इसी साल एआई (AI) के टॉप लेवल के कर्मचारियों को हायर किया था। 600 लोगों की छंटनी के बाद Meta Superintelligence Labs में कर्मचारियों की संख्या 3000 से कम हो जाएगी। इन कर्मचारियों का 21 नवंबर को कंपनी में अंतिम दिन होगा और तब तक वे नॉन-वर्किंग नोटिस पीरियड पर होंगे। मेटा, Facebook, Instagram और WhatsApp की पैरेंट कंपनी है।










