आत्मनिर्भर भारत की दिशा में एक और कदम। जी हां, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने उत्तर प्रदेश के लखनऊ स्थित ब्रम्होस एयरोस्पेस प्रोडक्शन यूनिट में ब्रम्होस मिसाइलों की पहली खेप को रवाना किया। इस मौके पर प्रदेश के सीएम योगी आदित्यनाथ भी मौजूद रहे। धनतेरस के शुभ मौके पर ये समारोह हुआ, और इससे पहले दोनों नेताओं ने बूस्टर भवन का उद्घाटन भी किया। ब्रम्होस को दुनिया की सबसे खतरनाक मिसाइलों में से एक माना जाता है, क्योंकि इसे ट्रैक कर पाना बहुत ही मुश्किल होता है।
फ्लैगशिप के बाद ये मिसाइलें सेना को सौंप दी गई हैं। गोला-बारूद के बाद ये दूसरी बड़ी उपलब्धि है, जो बताती है कि यूपी रक्षा उत्पादन का नया केंद्र बन रहा है।
फ्लैग ऑफ का जोश भरा समारोह
गौरतलब है कि लखनऊ के सरोजनी नगर तहसील के भटगांव में बसा ये प्लांट भारत-रूस का संयुक्त रक्षा प्रोजेक्ट है। 2021 में करीब 200 एकड़ जमीन पर शुरू हुई ब्रह्मोस एयरोस्पेस यूनिट ने इस साल 11 मई को पहली मिसाइल तैयार करके अपना शुभारंभ किया। यहां सालाना 80 से 100 मिसाइलें बनेंगी। ब्रह्मोस का नया वर्जन एनजी भी यहीं बन रहा है, जो हल्की लेकिन ज्यादा घातक होगी। समारोह में राजनाथ सिंह और योगी ने पहले बूस्टर डॉकिंग प्रक्रिया देखी, फिर एयरफ्रेम, एवियोनिक्स और वारहेड भवन में प्री-डिस्पैच इंस्पेक्शन (पीडीआई) का डेमो लिया।
इस दौरान ब्रह्मोस सिम्युलेटर उपकरणों का प्रेजेंटेशन भी हुआ, जो मिसाइल की टेस्टिंग को आसान बनाता है। कार्यक्रम में और भी रोचक चीजें थीं – वृक्षारोपण से पर्यावरण को छुआ, स्टोरेज ट्रॉली और मोबाइल ऑटोनमस लॉन्चर का प्रदर्शन देखा गया। डीजी ब्रह्मोस डॉ. जयतीर्थ आर. जोशी ने योगी को चेक और जीएसटी बिल सौंपा, जिससे राज्य को तुरंत राजस्व मिलना शुरू हो गया। ये सब देखकर लगता है जैसे लखनऊ की ये यूनिट न सिर्फ मिसाइलें बना रही है, बल्कि पूरे इकोसिस्टम को जोड़ रही है।
स्वदेशी रक्षा को नई उड़ान
ये फ्लैग ऑफ आत्मनिर्भर भारत का बड़ा कदम है। लखनऊ की ब्रह्मोस यूनिट ने मिसाइल इंटीग्रेशन, टेस्टिंग और क्वालिटी चेक की सारी सुविधाएं घर में ही मुहैया करा दीं। पहले मई 2025 में उद्घाटन के बाद ये पूरी तरह चालू हो गई, और अब भारतीय सेना के लिए तैनाती तैयार मिसाइलें निकल रही हैं। इससे यूपी को लगातार जीएसटी आय मिलेगी, और हजारों युवाओं को हाई-स्किल जॉब्स का मौका।
डिफेंस कॉरिडोर की सबसे बड़ी उम्मीद
उत्तर प्रदेश डिफेंस इंडस्ट्रियल कॉरिडोर के लखनऊ नोड पर बनी ये यूनिट सबसे महत्वाकांक्षी प्रोजेक्ट्स में शुमार है। यहां असेंबली से लेकर फाइनल टेस्ट तक सब हाई-टेक स्टैंडर्ड्स पर होता है। पहली खेप रवाना होते ही प्रधानमंत्री के ‘मेक इन इंडिया, मेक फॉर द वर्ल्ड’ का सपने को नई उड़ान मिली है। ये पहली ऐसी सुविधा है जहां मिसाइल का पूरा सिस्टम देश में ही बनताहै।
यूपी बनेगा एयरोस्पेस का नया हब
ब्रह्मोस एयरोस्पेस तेजी से बढ़ रही है, ताकि सेना की जरूरतें समय पर पूरी हों। लखनऊ का ये सेंटर न सिर्फ घरेलू मांग संभालेगा, बल्कि एक्सपोर्ट मार्केट के लिए भी तैयार है। आने वाले दिनों में और एडवांस्ड वर्जन विकसित होंगे, जो टेक्नोलॉजी को नेक्स्ट लेवल पर ले जाएंगे। यूपी अब भारत का अगला एयरोस्पेस और डिफेंस मैन्युफैक्चरिंग हब बनने की राह पर है – वो जगह जहां सपने हकीकत बनते हैं, और देश की सुरक्षा मजबूत होती है।
















