बुडापेस्ट में ट्रंप-पुतिन मुलाकात: रूस यूक्रेन युद्ध के बीच एक तरफ जहां अमेरिका इस युद्ध को और अधिक आक्रामक बनाने यूक्रेन को टॉमहॉक क्रूज मिसाइल देने की तैयारी में हैं। वोलोडिमिर जेलेंस्की व्हाइट हाउस जा रहे हैं, और वहां डोनाल्ड ट्रंप से मिलने वाले हैं। ये मीटिंग बहुत बड़ी हो सकती है, क्योंकि टेबल पर अमेरिकी टोमाहॉक क्रूज मिसाइलें रखी हैं। ये मिसाइलें यूक्रेन को अभी तक की सबसे लंबी रेंज वाली हथियार देंगी, जो मॉस्को तक पहुंच सकती हैं। वहीं दूसरी ओर ट्रंप बुडापेस्ट में राष्ट्रपति पुतिन से मिलने की योजना बना रहे हैं।
ट्रंप-जेलेंस्की की फोन पर बात
पिछले वीकेंड पर ट्रंप और जेलेंस्की ने दो बार फोन पर बात की। जेलेंस्की ने इसे ‘उत्पादक’ बताया। अगस्त में ओवल ऑफिस में दोनों ने हाथ मिलाया था। ट्रंप ने कहा, “वो टॉमहॉक चाहते हैं, हमारे पास ढेर सारी हैं।” रविवार को ट्रंप ने रिपोर्टर्स से कहा, “अगर युद्ध न रुका, तो मैं टॉमाहॉक भेज सकता हूं। ये कमाल का हथियार है, रूस को इसकी जरूरत नहीं।” ये मिसाइलें 1,500 मील दूर तक मार कर सकती हैं, और 1991 से इस्तेमाल हो रही हैं। हर एक की कीमत करीब 1.3 मिलियन डॉलर है।
टॉमहॉक आमतौर पर जहाजों या सबमरीन से लॉन्च होती हैं, लेकिन यूक्रेन के पास ये नहीं हैं। इसलिए लैंड-लॉन्च वैरिएंट टाइफॉन ज्यादा फिट बैठेगा, लेकिन अमेरिका के पास सिर्फ दो लॉन्चर हैं। एक नया मोबाइल लॉन्चर एक्स-मैव इस हफ्ते दिखाया गया। एक्सपर्ट रॉब ली कहते हैं, “अमेरिका के पास टॉमहॉक कम हैं, ग्राउंड लॉन्चर भी सीमित।” रूसी एनालिस्ट पावेल लुजिन बोले, “टाइफॉन नया सिस्टम है, इसमें ट्रांसपोर्ट और कमांड पोस्ट भी चाहिए।” हाल ही में अमेरिका ने इंटेलिजेंस शेयर की, जिससे यूक्रेन ने रूसी ऑयल रिफाइनरी पर ड्रोन और एटैकम्स से हमले किए। इससे रूस में ईंधन की कमी हो गई, गैसोलीन के दाम चढ़ गए। वॉर स्टडी इंस्टीट्यूट के मुताबिक, 1,900 रूसी टारगेट टोमाहॉक की रेंज में हैं। पोलैंड के विदेश मंत्री राडेक सिकोर्स्की कहते हैं, “रूस का साइज बड़ा है, एयर डिफेंस कवर मुश्किल।” लेकिन एक्सपर्ट्स मानते हैं, सीमित संख्या (20-50) में सैल्वो अटैक मुश्किल होगा।
बुडापेस्ट में पुतिन से मिलेंगे ट्रंप
जेलेंस्की की यात्रा से पहले ट्रंप ने एक बयान जारी किया है कि वो बुडापेस्ट में व्लॉदिमिर पुतिन से मिलेंगे। हालांकि, इसकी तारीख तय नहीं है। अलास्का समिट के बाद ये दूसरी बार है, जब पुतिन और ट्रंप की मुलाकात होगी। ट्रंप ने पुतिन से फोन पर बात की, और सोशल मीडिया पर लिखा, “बहुत प्रोग्रेस हुई।” ट्रंप ने पहले रूस पर सैंक्शन की धमकी दी, लेकिन पुतिन से बात करने के बाद नरम पड़ गए। वो पुतिन को ‘क्लोज फ्रेंड’ कहते हैं। गाजा डील के बाद ट्रंप युद्ध खत्म करने के मूड में हैं।

















