पश्चिम बंगाल के दुर्गापुर में हुई सामूहिक बलात्कार की घटना के मामले में पीड़िता के पिता ने मुख्यमंत्री ममता बनर्जी को ‘मां जैसी’ बताया और उनसे अपनी बेटी को न्याय दिलाने में मदद की अपील की है। उन्होंने यह भी कहा कि अगर उन्होंने मुख्यमंत्री के खिलाफ कुछ भी गलत कहा है, तो वह माफी मांगते हैं। पीड़िता के पिता ने मीडिया से बातचीत में बताया कि ममता बनर्जी उनके लिए मां जैसी हैं। उन्होंने कहा, “अगर मैंने कुछ भी गलत कहा है, तो मैं उनसे माफी मांगता हूं। मैं उनके चरणों में कोटि-कोटि नमन करता हूं। लेकिन मैं उनसे यह अनुरोध करता हूं कि मेरी बेटी को न्याय दिलाने में मेरी मदद करें।”
इससे पहले, सोमवार को पीड़िता के पिता ने मुख्यमंत्री ममता बनर्जी की उस टिप्पणी की आलोचना की थी, जिसमें उन्होंने कहा था कि “महिलाओं को रात में बाहर नहीं निकलना चाहिए।” पिता ने कहा कि इस तरह की टिप्पणी के बाद वह अब पश्चिम बंगाल में सुरक्षित महसूस नहीं करते। पीड़िता एक एमबीबीएस की दूसरी वर्ष की छात्रा हैं। उनके पिता ने कहा कि जब डॉक्टरों द्वारा उनकी बेटी को स्वस्थ घोषित कर दिया जाएगा, तब वह उसे घर वापस ओडिशा ले जाएंगे। उन्होंने यह भी कहा कि वे इस मामले की सीबीआई जांच की मांग कर रहे हैं। उनका मानना है कि सीबीआई जांच से न्याय मिलने की संभावना बढ़ेगी लेकिन यह राज्य प्रशासन पर भी निर्भर करता है।
बताया गया है कि एमबीबीएस छात्रा के साथ कथित रूप से 10 अक्टूबर की रात को सामूहिक बलात्कार किया गया था। वह उस समय अपने एक दोस्त के साथ निजी मेडिकल कॉलेज के परिसर से बाहर खाना खाने गई थी। पुलिस ने अब तक इस मामले में कथित रूप से शामिल छह लोगों को गिरफ्तार किया है, जिनमें पीड़िता का दोस्त भी शामिल है। पीड़िता के पिता ने यह स्पष्ट किया कि उनका मुख्य उद्देश्य अपनी बेटी को न्याय दिलाना है। उन्होंने कहा कि घटना के बाद उनकी बेटी मानसिक और शारीरिक रूप से बहुत परेशान है। उन्होंने कहा, “मेरा सबसे बड़ा डर यह है कि मेरी बेटी को न्याय न मिले। मैं चाहता हूं कि दोषियों को सख्त सजा मिले।”
उन्होंने मीडिया से भी अपील की कि वह इस मामले को गंभीरता से उठाए और इस बात पर ध्यान दें कि अपराधी कितने भी ताकतवर क्यों न हों, उन्हें कानून के तहत सजा मिलनी चाहिए। उन्होंने कहा कि यह सिर्फ उनकी बेटी का मामला नहीं है, बल्कि समाज के हर महिला और लड़की के लिए यह संदेश है कि उनके अधिकारों की रक्षा की जानी चाहिए। पीड़िता के पिता ने यह भी कहा कि राज्य सरकार से उन्हें उम्मीद है कि वे इस मामले में निष्पक्ष और तेज कार्रवाई करेंगे। उन्होंने कहा, “हमारे समाज में महिलाओं की सुरक्षा सबसे बड़ी प्राथमिकता होनी चाहिए। यह जिम्मेदारी केवल पुलिस और सरकार की ही नहीं, बल्कि हर नागरिक की है।” इस घटना के बाद दुर्गापुर और आसपास के इलाके में लोगों में गुस्सा और चिंता देखने को मिली। कई लोग सड़क पर प्रदर्शन कर रहे हैं और दोषियों को जल्द सजा देने की मांग कर रहे हैं। पीड़िता के पिता ने कहा कि वे अपनी बेटी को सुरक्षित घर वापस ले जाने की कोशिश करेंगे। उन्होंने बताया कि अस्पताल में इलाज के बाद बेटी को स्वास्थ्य लाभ हो रहा है, लेकिन मानसिक रूप से वह अभी भी परेशान है।

















