- झारखंड प्रतिनिधि
झारखंड के साहिबगंज और पाकुड़ जिले में जम्मू-कश्मीर, केरल एवं असम के यूआईडी कोड से आधार कार्ड बनाने का मामला सामने आया है। यह देश की सुरक्षा के लिए खतरा है, क्योंकि पाकुड़ तथा साहिबगंज जिला बांग्लादेश की सीमा के निकट हैं। आधार कार्ड बनाने के संबंध में पाकुड़ प्रखंड के ईशा कपुर निवासी तनवीर आलम ने पाकुड़ के उपायुक्त को पत्र लिखा है। पत्र में कहा गया है कि एक गिरोह पाकुड़ प्रखंड के सीतारामपुर, पृथ्वीनगर, अंजना, भवानीपुर, इलामी, चांचकी, देवतल्ला, भवानीपुर, फरसा में घर, दुकान, राशन दुकान आदि जगहों पर आधार कार्ड बनाने का काम कर रहा है। वहीं, यूआईडी अधिकारी रितेश कुमार की मानें तो पाकुड़ प्रखंड में आधार बनाने के लिए किसी को यूआईडी कोड नहीं दिया गया है। ये कैसे आधार कार्ड बना रहे हैं, इसकी जानकारी उन्हें नहीं है। इस बीच पाकुड़ के प्रखंड विकास पदाधिकारी ने कहा कि अनुमंडल पदाधिकारी के निर्देश पर फर्जी आधार केंद्र मामले की जांच कराई जा रही है। जांच के बाद मामले की पूरी सच्चाई सामने आएगी।
आधार कार्ड बनाने में किसी दस्तावेज की जरूरत नहीं
सूत्रों का कहना है कि आधार केंद्रों पर एक से चार हजार रुपये खर्च करने पर सभी जरूरी कागजात तैयार कर दिए जाते हैं। अभी केवल जिला स्तर पर बच्चों का आधार कार्ड बनाया जा सकता है परंतु इन केंद्रों में किसी भी उम्र के व्यक्ति का आधार कार्ड बना दिया जाता है।
ठीक उसी प्रकार से साहिबगंज जिले में भी आधार में हो रहे फर्जीवाड़े पर गत दिनों मुहर लग गई। साहिबगंज के जिरवाबाड़ी थाना क्षेत्र के सोतीचौकी पांगड़ो से 10 अक्तूबर की शाम पकड़े गए दो युवकों के पास से बरामद लैपटॉप की जांच-पड़ताल के दौरान उसमें असम की यूआईडी मिली, जिसके माध्यम से मूल दस्तावेज में छेड़छाड़ कर आधार बनाया जा रहा था। छानबीन के दौरान पिछली तारीख में 22 लोगों के आधार बनाने के सबूत मिले हैं। इसके बाद बरामद आधार को छानबीन के लिए यूआईडी के राज्य मुख्यालय भेजने का निर्देश उपायुक्त ने यूआईडी पदाधिकारी को दिया है।
जनसंख्या से अधिक आधार कार्ड
अवैध बांग्लादेशी घुसपैठ प्रभावित साहिबगंज-पाकुड़ सहित राज्य के पांच जिलों में अनुमानित जनसंख्या से अधिक लोगों के आधार कार्ड बन गए हैं। अक्तूबर, 2024 तक साहिबगंज जिले की अनुमानित आबादी 13 लाख, 92 हजार, 393 थी, लेकिन यहां 14 लाख, 53 हजार, 634 लोगों के आधार कार्ड बने हैं।इसके बाद आधार केंद्रों पर प्रशासन ने नजर रखनी शुरू की। गत दिनों यूआईडी पदाधिकारी संदीप कुमार को जानकारी मिली कि सोतीचौकी पांगड़ो स्थित ग्राहक सेवा केंद्र में फर्जी तरीके से आधार बनाया जा रहा है। संदीप कुमार ने वहां जाकर छानबीन की। ग्राहक सेवा केन्द्र के संचालक से आधार निर्माण का प्राधिकार पत्र मांगा तो वह नहीं दे सका। वहीं आरोपी को पकड़ कर थाना लाया गया। उसके लैपटॉप की जांच की गई तो पता चला कि उसमें असम का यूआईडी कोड है। जांच के दौरान कागजात में छेड़छाड़ कर आधार बनाने के साक्ष्य भी मिले।
इसके बाद दोनों आरोपितों को जेल भेज दिया गया। सूत्रों की मानें तो इस तरह के कई और आधार केंद्र जिले में चल रहे हैं, जहां दस्तावेज में छेड़छाड़ कर आधार बनाया जाता है। बताया जाता है कि कुछ दिन पूर्व भी जिला प्रशासन ने एक लैपटाप को जांच के लिए भेजा था जिसकी रिपोर्ट अब तक नहीं आयी है। जिले में आधार की जांच की मुकम्मल व्यवस्था नहीं है। इससे भी जांच-पड़ताल में परेशानी होती है।
बता दें कि कुछ तत्व संथाल परगना क्षेत्र में फर्जी आधार कार्ड बना कर मतदाता सूची में आसानी से शामिल हो जाते हैं। साहिबगंज और पाकुड़ में हो रही बांग्लादेशी घुसपैठ के मुद्दे को ‘हिन्दू धर्म रक्षा मंच’ के केन्द्रीय अध्यक्ष संत कुमार घोष एवं राजमहल के पूर्व विधायक अनंत ओझा उठाते रहे हैं।
क्या कहते हैं उपायुक्त
साहिबगंज के उपायुक्त हेमंत सती का कहना है कि जिले में लगातार फर्जी तरीके से आधार कार्ड बनाने की शिकायत मिल रही थी। इसे देखते हुए प्रशासन सतर्क है। पिछले दिनों सोतीचौकी पांगड़ो में स्थित बैंक ऑफ इंडिया के ग्राहक सेवा केंद्र में फर्जी तरीके से आधार निर्माण की सूचना मिली। इसके बाद यूआईडी पदाधिकारी ने पुलिस के साथ वहां पहुंचकर छानबीन की। पता चला कि वह किसी दूसरी जगह की यूआइडी से आधार बना रहा था। ऐसे में पकड़े गए दोनों युवकों को जेल भेज दिया गया है। मामले की विस्तृत छानबीन की जा रही है।

















