उत्तर प्रदेश के बागपत जिले की एक मस्जिद में मौलाना की पत्नी और उसकी दो छोटी बेटियों की बेरहमी से हत्या कर दी गई। हैरानी की बात यह है कि ये हत्या करने वाले दो छात्र वही थे, जो मौलाना से पढ़ाई (तालीम) लेने आते थे। शनिवार सुबह करीब 9 बजे मौलाना इब्राहिम ने पढ़ाई के दौरान दोनों छात्रों की किसी गलती पर पिटाई कर दी। इसके बाद मौलाना सहारनपुर के देवबंद चले गए, जहां उन्हें अफगानिस्तान के विदेश मंत्री के स्वागत कार्यक्रम में शामिल होना था।
दोपहर करीब 1 बजे दोनों छात्र फिर मस्जिद में लौटे। उस वक्त मौलाना की पत्नी इसराना (30) और उनकी दो बेटियां सोफिया (5) और सुमैया (2) कमरे में सो रही थीं। दोनों छात्रों ने गुस्से में आकर हथौड़े से तीनों पर हमला किया और फिर चाकू से उनका गला रेत दिया, ताकि कोई जिंदा न बचे। यह सब सिर्फ सुबह की पिटाई का बदला लेने के लिए किया गया।
ऐसे हुआ घटना का खुलासा- दोपहर 2 बजे जब नमाज के लिए लोग मस्जिद पहुंचे, तो उन्होंने मौलाना को आवाज दी, लेकिन कोई जवाब नहीं मिला। ऊपर के कमरे से खून बहता देखकर लोगों ने दरवाजा खोला, तो अंदर का नज़ारा देखकर सब हैरान रह गए मौलाना की पत्नी और दोनों बेटियां खून से लथपथ मृत पड़ी थीं। ट्रिपल मर्डर की खबर फैलते ही सैकड़ों लोग मस्जिद के बाहर जुट गए। पुलिस और वरिष्ठ अधिकारी मौके पर पहुंचे। शुरुआत में पुलिस का शक मौलाना इब्राहिम पर गया क्योंकि मस्जिद के अंदर लगे सभी CCTV कैमरे बंद थे। मौलाना से पूछताछ की गई लेकिन उन्होंने पूरा सच बताया और बाद में उन्हें छोड़ दिया गया। इसके बाद पुलिस ने मस्जिद के बाहर और आसपास लगे कैमरे खंगाले। फुटेज में दो छात्र दोपहर करीब 12:30 बजे मस्जिद में जाते हुए दिखाई दिए। पुलिस ने दोनों नाबालिग छात्रों (उम्र 14 और 15 साल) को पकड़ लिया। पहले तो उन्होंने झूठ बोलने की कोशिश की, लेकिन सख्ती से पूछताछ करने पर दोनों टूट गए और अपराध कबूल कर लिया।
छात्रों का कबूलनामा- दोनों ने बताया कि मौलाना ने सुबह 9 बजे उन्हें डांटा और मारा था। इससे वे बहुत नाराज़ थे। मौलाना के देवबंद जाने के बाद उन्होंने बदला लेने की योजना बनाई और दोपहर में हत्या कर दी।

















