पश्चिम बंगाल में भारी बारिश और बाढ़ के कारण हालात बहुत ही बुरे हो गए हैं। उत्तर बंगाल के पहाड़ और मैदान तबाह हो चुके हैं। शनिवार रात से रविवार सुबह तक की तेज बारिश ने सब कुछ उलट-पुलट कर दिया। लैंडस्लाइड और बाढ़ ने दार्जिलिंग से कूच बिहार तक को तहस-नहस कर दिया। कम से कम 28 लोगों की मौत हो गई है। ज्यादातर मिरिक हिल स्टेशन में थे। दर्जनों अभी भी लापता बताए जा हैं। रेस्क्यू टीमें दूर-दराज इलाकों तक पहुंचने के लिए जूझ रही हैं, जहां रास्ते कट चुके हैं। मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने तुरंत मदद का ऐलान किया, लेकिन नदियां खतरे के स्तर से ऊपर बह रही हैं। जंगलों में जानवर डूबते इलाकों से भागे, और पर्यटक स्पॉट बंद होने से सैकड़ों सैलानी फंस गए।
24 घंटे में 261 मिमी बारिश
दार्जिलिंग में 24 घंटे में 261 मिलीमीटर बारिश रिकॉर्ड की गई है। ये ‘अत्यधिक भारी’ बारिश की श्रेणी में आता है। कूच बिहार में 192, जलपाईगुड़ी में 172, और गजोलडोबा में तो 300 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई है। आखिरी रात 12 घंटों में ही 300 मिलीमीटर से ज्यादा बरस गया।
कई इलाकों में सैलाब की तबाही
पश्चिम बंगाल के मिरिक, जोरेबुंग्लो, माने भंजंग, सुकियापोखरी और फलाकाटा सबसे ज्यादा प्रभावित इलाकों में शामिल हैं। मिरिक में 13 मौतें, 10 लापता – इनमें कोलकाता की पर्यटक हिमाद्री पुरकायेत भी। ये जगह सुमेंदु झील और कंचनजंगा के नजारे के लिए मशहूर है, लेकिन अब सिलीगुड़ी का सीधा रास्ता कट गया। इसको लेकर अफसरों का कहना है कि ऊपरी पहाड़ियों तक पहुंचने पर मौतों के आंकड़े और बढ़ सकते हैं। कुल 28 मौतें, और भूटान-सिक्किम से आने वाले अतिरिक्त पानी से उत्तर और दक्षिण बंगाल के कई इलाके डूब गए।
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दुधिया पुल बहा
दुधिया में बालासन नदी पर लोहे का पुल ढह गया, जिससे इलाके कट गए। पुलबाजार का पुल बुरी तरह क्षतिग्रस्त, थनालाइन और बीजानबारी के हिस्से अलग-थलग। रोहिणी रोड, जो दार्जिलिंग को मैदानों से जोड़ता है, धंस गया है। एनएच10 बंद, सिक्किम को जोड़ने वाली सड़क टूटने से संपर्क टूट गया है। दार्जिलिंग हिमालयन रेलवे अनिश्चितकाल के लिए बंद। बिजली गुल, कनेक्टिविटी खराब, सड़कें बह गईं।
पर्यटन पर असर
बारिश और बाढ़ के कारण डूअर्स, कालिम्पोंग और दार्जिलिंग के हिल रिजॉर्ट्स और वाइल्डलाइफ जोन में सैकड़ों पर्यटक फंसे हैं। जालदापारा में कमर तक पानी में चलना पड़ा, कुछ हाथियों पर चढ़कर निकले। सभी पर्यटक स्पॉट बंद कर दिए गए हैं। दार्जिलिंग एसपी प्रवीण प्रकाश ने सोशल मीडिया पर लोगों से बाहर निकलने से पहले हालात देखने की अपील की है।
नदियां उफान पर
रातभर की बेरहम बारिश ने महानंदा, जलधाका, तीस्ता जैसी नदियों को खतरे से ऊपर पहुंचा दिया। हाथी, गैंडे, हिरण, बाइसन जैसे जानवर डूबते जंगलों से भागे। ये दृश्य दिल दहला देते।

















