बांग्लादेश के ऑल राउंडर खिलाड़ी शाकिब अल हसन कभी भी बांग्लादेश के लिए खेल पाएंगे। हालांकि उन्होनें पिछले एक वर्ष से अपने मुल्क के लिए कोई मैच नहीं खेला है और अब वे कभी भी अपने मुल्क की जर्सी में खेल नहीं पाएंगे।
शाकिब का खेल या स्वास्थ्य कोई बाधा नहीं
ऐसा नहीं है कि उनके खेल में कोई कमी पाई गई है, या उनका स्वास्थ्य ऐसा है कि वे अपने मुल्क के लिए खेल न सकें। दरअसल शाकिब अल हसन ने बांग्लादेश में ऐसा अपराध कर दिया है, जिसके कारण उन्हें उनके मुल्क के क्रिकेट से निष्कासित कर दिया गया है।
अगस्त 2024 के छात्र आंदोलन के दौरान शाकिब का समर्थन
बांग्लादेश में अगस्त 2024 में हुए कथित छात्र आंदोलन के दौरान शाकिब अल हसन का समर्थन शेख हसीना के साथ था। और वे अवामी लीग की तरफ से बांग्लादेश में सांसद भी थे। अगस्त 2024 में शेख हसीना के देश छोड़कर जाने के बाद से वे भी अपने मुल्क वापस नहीं आए हैं और वे अभी अमेरिका में हैं।
विदेश में खेल और अनुबंध
वे जिन लीग के साथ मैच खेल रहे हैं, उनके साथ अपने अनुबंध के अनुसार खेल रहे हैं। वे पिछले 12 महीने से अपने मुल्क वापस नहीं आए हैं। और उन्होनें अपने मुल्क से बाहर रहते हुए बांग्लादेश की निर्वासित प्रधानमंत्री शेख हसीना को उनके जन्मदिन पर सोशल मीडिया के माध्यम से बधाई भी दी थी।
खेल सलाहकार आसिफ महमूद का निर्णय
इस घटना के बाद बांग्लादेश के खेल सलाहकार आसिफ महमूद ने घोषणा की कि मुल्क का आलराउंडर खिलाड़ी शाकिब अल हसन अब कभी भी मुल्क के लिए नहीं खेल पाएगा। cricbuzz के अनुसार शाकिब का नाम लिए बिना आसिफ ने फ़ेसबुक पर लिखा कि “आप सभी लोगों ने एक आदमी को टीम में न लेने के लिए अपशब्द कहे थे। अंत में मैं ठीक निकला और अब बात को यही समाप्त करते हैं।”
शाकिब का पलटवार
इस पोस्ट के बाद शाकिब ने भी पलटवार करते हुए फ़ेसबुक पर पोस्ट लिखी कि “तो अंतत: किसी व्यक्ति ने यह खुलेआम स्वीकार कर ही लिया कि उसके कारण ही मैं कभी भी बांग्लादेश की जर्सी नहीं पहन पाऊँगा, उसके कारण ही मैं बांग्लादेश के लिए कभी खेल नहीं पाऊँगा। हो सकता है कि मैं कभी अपने मुल्क वापस आऊँ। लव यू बांग्लादेश!”
शेख हसीना को दी गई शुभकामनाओं की स्पष्टता
शाकिब ने दावा किया कि शेख हसीना को दी गई जन्मदिन की शुभकामनाएं राजनीति से प्रेरित नहीं थीं। उन्होनें लिखा कि शेख हसीना ने हमेशा ही क्रिकेट को प्यार दिया है। और यही उन दोनों के बीच संबंधों का कारण है। उन्होनें यह भी बताया कि राजनीति से पहले से ही शेख हसीना के साथ उनका परिचय था और उन्होनें इसी दृष्टिकोण के अनुसार शेख हसीना को जन्मदिन की शुभकामनाएं दीं। इसमें कोई और कारण नहीं था।
टी20 से संन्यास और खेल पर प्रतिबंध
हालांकि शाकिब पहले ही टी20 से सन्यास ले चुके हैं। बांग्लादेश के मीडिया आउटलेट चैनल 24 के साथ बात करते हुए बांग्लादेश के खेल सलाहकार आसिफ ने कहा कि शाकिब को अब कभी मुल्क की जर्सी नहीं पहनने दी जाएगी। उन्होंने कहा कि “हम उन्हें बांग्लादेश का झण्डा नहीं उठाने दे सकते हैं। यह मेरे लिए अब मुमकिन नहीं है कि मैं शाकिब को बांग्लादेश की जर्सी पहनने दूँ। हो सकता है कि मैंने बीसीबी को पहले न बताया हो, मगर अब बीसीबी को यह मेरा स्पष्ट निर्देश है कि शाकिब बांग्लादेश के लिए कभी खेल न पाए!”
शाकिब का निष्कासन और राजनीतिक असहिष्णुता
यह बहुत ही हैरान करने वाली बात है कि जिस मुल्क के लिए शाकिब ने अपने खेल के माध्यम से खून पसीना बहाया, उसी मुल्क में उन्हें इसलिए खेलने से प्रतिबंधित किया जा रहा है कि उनके राजनीतिक रुझान वे नहीं हैं, जो मौजूदा सरकार के हैं। अगस्त 2024 के बाद बांग्लादेश में उपजी हुई राजनीतिक असहिष्णुता पर एक अजीब चुप्पी छाई हुई है।
















