ब्रिटेन में हाल ही में नई होम सेक्रेटरी की नियुक्ति की गई है और उनका नाम शबाना महमूद है और शबाना महमूद की नियुक्ति को लेकर काफी हंगामा भी हुआ था। शबाना महमूद पाकिस्तानी मूल के होने के साथ ही फिलिस्तीन समर्थक भी हैं।
लेबर पार्टी कॉन्फ्रेंस में शबाना महमूद का भाषण
शबाना महमूद फिर से चर्चा में हैं। हाल ही में शबाना महमूद ने लिवरपूल में लेबर पार्टी कान्फ्रन्स में एक कीनोट प्रस्तुत किया और जिसमें उन्होनें यह चिंता व्यक्त की कि देश में जो राष्ट्र के प्रति प्रेम बढ़ रहा है, वह दरअसल नस्लीय-राष्ट्रवाद के रूप में उभर रहा है। और यह नस्लीय-राष्ट्रवाद उन जैसे आप्रवासियों को बाहर कर रहा है, जो इंग्लैंड से हैं और जिनकी ब्रिटिश पहचान है।
‘लिटिल इंग्लैंड’ बनाम ‘बृहत ब्रिटेन’ की बहस
उन्होनें कहा कि आज हमारे सामने चुनौती यह है कि हम छोटे इंग्लैंड के लिए नहीं, बल्कि एक बृहत ब्रिटेन के प्रति अपने विश्वास के लिए लड़ें। इस भाषण के माध्यम से उन्होनें ब्रिटेन में श्वेत और ईसाई समुदाय के लोगों की पहचान पर एक प्रकार से प्रश्न उठाए हैं। उन्होनें कहा कि जो देशभक्ति एक प्रकार से कुछ अच्छा करने के लिए शक्ति होती है, वह कहीं न कहीं बहुत छोटी होती जा रही है और नस्लीय-राष्ट्रवाद में बदलती जा रही है, जो यह स्वीकार करने के लिए तैयार नहीं है कि शबाना महमूद जैसे लोग भी इंग्लिश या ब्रिटिश हो सकते हैं।
देशभक्ति और नस्लीय राष्ट्रवाद पर शबाना महमूद की राय
उन्होनें कहा कि लोगों को ऐसा लगता है कि चीजें हाथ से बाहर होती जा रही हैं, मगर नियंत्रण के बिना ऐसी स्थिति नहीं होगी कि हमारा देश मुक्त, सहिष्णु और उदार रह सके। इसके बाद उन्होनें कहा कि हमारे सामने अगला चुनाव जीतने की चुनौती ही नहीं है, बल्कि यह भी चुनौती है कि हम देश को एक साथ रख सकें और एक छोटे इंग्लैंड के लिए नहीं, बल्कि एक बृहत ब्रिटेन के प्रति अपने विश्वास के लिए लड़ें।
The challenge we face today is to fight for our belief in a greater Britain, not a littler England. pic.twitter.com/f5CZ3loHe4
— Shabana Mahmood MP (@ShabanaMahmood) September 30, 2025
‘लिटल इंग्लैंड’ शब्द पर उठा विवाद
इस लिटल इंग्लैंड या कहें छोटे इंग्लैंड शब्द पर बहस छिड़ गई है। ब्रिटेन में रह रहे लोगों का कहना है कि आप ब्रिटिश नागरिक बन सकते हैं, मगर इंग्लिश नहीं हो सकते हैं, क्योंकि आपका मूल नहीं बदल सकता है। आपकी नागरिकता बदल सकती है, मगर मूल नहीं।
टॉमी रॉबिन्सन का तीखा हमला
टॉमी रॉबिंसन ने कहा कि लेबर की शबाना महमूद ने कान्फ्रन्स में अपने भाषण का प्रयोग उन 3 मिलियन देशभक्त लोगों के बारे में रोने के लिए किया, जिन्होनें “यूनाइट द किंगडम” रैली में भाग लिया था और शबाना ने उन्हें नस्लवादी कहा। टॉमी ने लिखा कि ये शब्द अब मायने नहीं रखते हैं, और हम अधिक संख्या में सामने आएंगे। भविष्य देशभक्तों का है।
ब्रिटेन में आप्रवासियों और अपराध को लेकर आक्रोश
ब्रिटेन में मुस्लिम और अश्वेत अवैध आप्रवासियों के खिलाफ आंदोलन चल रहा है। ब्रिटेन में जब से ग्रूमिंग गैंग्स की कहानियाँ सामने आई हैं और जिस प्रकार से अब पीडिताऐं सामने आ रही हैं और साथ ही जिस प्रकार से अब उस समय के पत्रकार और अधिकारी यह कह रहे हैं, कि पुलिस और प्रशासन ने अपनी ही बेटियों को निराश किया और उनके साथ हो रहे सुनियोजित और संगठित अपराधों पर इसलिए पर्दा डाला जाता रहा कि कहीं उन्हें “इस्लामोफोबिक” न ठहराया जाए, और पाकिस्तानी मूल के अपराधियों को पकड़ा नहीं गया।
देश की पहचान पर संकट और जनता का आंदोलन
ब्रिटेन में आम लोग अब आपराधिक छवि वाले लोगों, श्वेत लड़कियों के साथ संगठित अपराध करने वाले अपराधियों और नाव के माध्यम से अवैध रूप से आने वाले लोगों के विरोध में आवाज उठाने लगे हैं। वहाँ पर रैलियाँ निकल रही हैं और आम ब्रिटिश लोग यह नारे लगा रहे हैं कि उन्हें उनका देश वापस चाहिए। उनका कहना है कि जिस प्रकार से आप्रवासियों की संख्या में वृद्धि हो रही है, उसके कारण ब्रिटेन की जनसंख्या में परिवर्तन हो रहा है और बाहरी लोग अधिक होते जा रहे हैं।
सोशल मीडिया पर जनता का गुस्सा
यह देश की पहचान पर हमला है और ऐसा वे नहीं होने देंगे। जब लोग अपने देश की पहचान को लेकर सजग हो रहे हैं और आंदोलन कर रहे हैं, और अपने देश का झण्डा अपने घरों और सड़कों पर लगा रहे हैं तो लेबर पार्टी के नेता इसे नस्लीय राष्ट्रवाद का नाम दे रहे हैं। इसे लेकर आम लोग सोशल मीडिया पर विरोध दर्ज कर रहे हैं। एक यूजर ने लिखा कि मीरपुर जहां से ज्यादातर पाकिस्तानी रेप गैंग्स के लोग आते हैं, वहाँ की महिला से इंग्लिश राष्ट्रवाद के विषय में सुनने से ज्यादा हैरतअंगेज कुछ नहीं है।
शबाना महमूद पर बाहर से आए लोगों और नेताओं की प्रतिक्रिया
इसने आगे लिखा कि इस महिला जैसे लोग हमारे देश की लाखों बेटियों के बलात्कार के लिए जिम्मेदार हैं, तो उसे चुप रहना चाहिए। ब्रिटेन में बाहर से आकर बसे लोगों ने भी शबाना का विरोध किया। सांसद सुएला ब्रेवमेन ने लिखा कि “मैं इंग्लिश नहीं हूँ। मैं एक प्राउड ब्रिटिश एशियन हूँ। मैं इस देश से प्राप्त हर चीज के लिए कृतज्ञ हूँ, जो इसने मुझे और मेरे परिवार को दी। मैं इंग्लैंड और ब्रिटिश लोगों से प्यार करती हूँ और यह नस्लवाद नहीं है!”
शबाना महमूद के खिलाफ बढ़ता विरोध
कई लोगों ने लिखा कि शबाना, हम लोग इंग्लिश हैं अर्थात अंग्रेज हैं, तुम लोग नहीं। शबाना महमूद के इस भाषण के बाद लोग कह रहे हैं कि यह और कुछ नहीं बल्कि ब्रिटेन की पहचान बदलने की बात है, जो वे होने नहीं देंगे।














