महाराष्ट्र के अहिल्यानगर में सड़क पर ‘आई लव मोहम्मद‘ लिखे जाने के खिलाफ हुए हिंसक प्रदर्शन में चार लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है और 200 प्रदर्शनकारियों को आरोपी बनाया गया है। आरोप है कि प्रदर्शन के दौरान गुस्साए मुसलमानों ने पुलिस बल पर पथराव किया, जिससे स्थिति नियंत्रण से बाहर हो गई और पुलिस को स्थिति को नियंत्रित करने के लिए लाठीचार्ज करना पड़ा। वहीं इस मामले में राजनीति गरमा गई है। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने कहा कि अधिकारी इस बात की जांच करेंगे कि क्या विभिन्न प्रकार के बोर्ड लगाकर राज्य में शांति भंग करने और समाज का ध्रुवीकरण करने की कोई साजिश तो नहीं है। वहीं सपा नेता अबू आजमी ने हिंदुओं के खिलाफ भड़काऊ बातें कही हैं।
जानें मुख्यमंत्री ने क्या कहा?
यवतमाल की यात्रा कर रहे मुख्यमंत्री ने कहा, “हमें यह भी देखना होगा कि सामाजिक माहौल बिगाड़ने की कोशिश कौन कर रहा है? हर कोई अपने धर्म को मानने के लिए स्वतंत्र है, लेकिन ध्रुवीकरण में शामिल होने की किसी को कोई इजाजत नहीं है। लोगों के बीच तनाव पैदा करना ठीक नहीं है। लोकसभा चुनाव से पहले वोटों का ध्रुवीकरण करने के लिए ऐसी घटनाएं की गई थीं। हम पता लगाएंगे कि इसके पीछे कौन है और उनके खिलाफ कार्रवाई करेंगे।”
सपा नेता ने हिंदुओं के खिलाफ उगला जहर कहा- भगवान का नाम रौंदा जाए…
वहीं, समाजवादी पार्टी के नेता व विधायक अबू आजमी ने अहिल्यानगर विवाद को लेकर हिंदुओं और हिंदू धर्म को निशाना बनाया है। उन्होंने कहा, “अगर किसी और धर्म के बारे में या जिस धर्म के लोग सबसे अधिक हैं उनके भगवान और ईश्वर का नाम सड़क पर लिखकर उसे रौंदा जाए, तो आग लग जाती है। कितनों को गोली मार दी जाती है। मगर मुसलमानों ने कभी भी ऐसा काम नहीं किया। मैं गारंटी के साथ कहता हूं। मुसलमान कभी किसी मंदिर के सामने चिल्लाया नहीं, कभी किसी भगवान का इस तरह से अपमान नहीं किया। प्रताड़ित मुसलमान हो रहा है और विरोध करने पर कार्रवाई भी उसी के खिलाफ की जा रही है। हमारे बच्चों को जेल में डाल दिया जाता है।”
उन्होंने आगे कहा, ”हम लगातार मांग कर रहे हैं कि यदि कोई भी व्यक्ति किसी भी धर्म, धार्मिक गुरु या धार्मिक किताब का अपमान करता है, तो उसके खिलाफ सख्त कानून बनाया जाए, जिसमें दोषी को 10 साल की सजा होनी चाहिए। फिर ये मामला हमेशा के लिए रुक जाएगा।”
मुस्लिम भीड़ ने पुलिस पर किया पथराव
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक सोमवार (29 सितंबर) को सड़क पर ‘आई लव मोहम्मद’ लिखने को लेकर एक व्यक्ति की गिरफ्तारी के बावजूद कुछ मुस्लिमों ने विरोध प्रदर्शन किया। पुलिस ने बताया कि उन्होंने प्रदर्शनकारियों से कानून-व्यवस्था बनाए रखने का आग्रह किया लेकिन भीड़ ने उन पर ही पथराव शुरू कर दिया। ऐसे में पुलिस को स्थिति सामान्य करने के लिए उन पर लाठीचार्ज करना पड़ा। अहिल्यानगर के पुलिस अधीक्षक सोमनाथ घारगे ने बताया कि हमने कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए बल का प्रयोग किया। पुलिस आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई कर रही है। स्थिति अभी नियंत्रण में है।
जानें कहां से शुरू हुआ विवाद
बता दें कि यह तनाव कोतवाली थाने से शुरू हुआ था। मुस्लिम समुदाय के लोग सड़क पर ‘आई लव मोहम्मद’ लिखे जाने का जवाब मांगने के लिए पुलिस के पास पहुंचे थे। मुस्लिम प्रदर्शनकारी कोतवाली पुलिस से कार्रवाई की मांग को लेकर थाने के सामने सड़क पर ही बैठ गए, जिससे यहां बड़ी संख्या में मुस्लिमों की भीड़ जमा हो गई। पुलिस द्वारा कार्रवाई का आश्वासन दिए जाने के बाद भी वे सड़क पर बैठे रहे, जिसके बाद पुलिस को उन पर लाठीचार्ज करना पड़ा, जिसमें कुछ प्रदर्शनकारी घायल भी हो गए थे।

















