रायपुर में 18 जून, 1931 को श्री सुदर्शन जी का जन्म हुआ। रायपुर, दमोह, मण्डला तथा चन्द्रपुर में प्रारम्भिक शिक्षा पूर्ण करने के बाद उन्होंने जबलपुर (सागर विश्वविद्यालय) से 1954 में दूरसंचार विषय में बी.ई. की उपाधि प्राप्त करते ही संघ के माध्यम से समाज कार्य करने के लिए प्रचारक जीवन स्वीकार कर लिया। 1964 में उन्हें मध्य भारत प्रान्त-प्रचारक का दायित्व मिला। 1969 से 1971 तक अखिल भारतीय शारीरिक शिक्षण प्रमुख का दायित्व तथा 1979 में उन्हें अखिल भारतीय बौद्धिक शिक्षण प्रमुख का दायित्व मिला। 1990 में उन्हें सह सरकार्यवाह का दायित्व सौंपा गया। नागपुर में मार्च, 2009 में सम्पन्न हुई संघ की अ.भा. प्रतिनिधि सभा में श्री सुदर्शन जी ने संघ की गौरवशाली परम्परा का उल्लेख करते हुए सरसंघचालक की नियुक्ति परम्परा, उसमें हुए परिवर्तनों का सन्दर्भ देते हुए नवीन सरसंघचालक के रूप में श्री मोहन भागवत जी की घोषणा कर दी। उन्होंने श्री मोहन भागवत जी को एक कुशल संगठक, सबकी सुनने का धैर्य, अध्ययनशील, प्रसन्न व मधुर स्वभाव का धनी बताया और उनके सरकार्यवाह बनने पर (स्व.) बबुआ जी का कथन उद्धृत किया, ‘इन्हें देखते हुए डॉक्टर साहब की याद आती है।’ दायित्व निवृति के बाद भी वह देशभर में प्रवास करते रहे। 15 सितम्बर, 2012 को रायपुर में अकस्मात् उनका निधन हो गया।













