ऑपरेशन सिंदूर में मिली करारी पराजय से पाकिस्तान की तिलमिलाहट अभी नहीं जा रही है। वह भारत के पंजाब में गड़बड़ी की निरंतर कोशिश कर रहा है। यह जानकारी पंजाब पुलिस प्रमुख गौरव यादव ने दी। सीमा पार से लगातार आ रहा नशा व हथियारों की खेप और सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लेने के लिए डीजीपी गौरव यादव सोमवार को अमृतसर पहुंचे। उन्होंने पुलिस अधिकारियों के साथ बैठक की। डीजीपी ने मौजूदा हालात और तस्करों पर डाली जा रही नकेल संबंधी चर्चा की।
आईएसआई की सक्रियता के इनपुट मिले
डीजीपी ने बताया कि पंजाब पुलिस को इनपुट मिले हैं कि ऑपरेशन सिंदूर के बाद से ही पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी आईएसआई पंजाब में माहौल को बिगाड़ने की कोशिश में जुटी है। इसको ध्यान में रखते हुए राज्य की सुरक्षा बढ़ा दी गई है। इसके साथ ही राज्य में 57 अतिरिक्त कंपनियां तैनात की गई हैं। ताकि त्योहारों सीजन में आईएसआई किसी अपने गलत मंसूबे को अंजाम न दे सके।
त्यौहारी सीजन पर विशेष सतर्कता
उन्होंने बताया कि त्योहारों को ध्यान में रखते हुए 7 बीएसएफ कंपनियों को बुलाया गया है। हर बॉर्डर जिले को 1-1 कंपनी दी जाएगी। इसके अलावा 50 पुलिस कंपनियां भी राज्यभर में तैनात की जा रही हैं। इस दौरान चेकिंग अभियान को बढ़ाया जाएगा। पंजाब पुलिस और बीएसएफ के बीच तालमेल को मजबूत किया जा रहा है, जिसका असर भी देखने को मिला। पाकिस्तान अब नशे की खेप के साथ छोटे हथियार भी भेज रहा है। सितंबर में 78 हथियार पाकिस्तान की तरफ से पंजाब आए और रिकवर किए गए, जिनमें से 27 पिस्टल फिरोजपुर, 21 फाजिल्का और 29 पिस्टल अमृतसर से रिकवर हुईं। पाकिस्तान की यह हरकत राज्य में माहौल को बिगाड़ने की है।
घुसपैठ के प्वाइंट तलाशे गए
बाढ़ के बाद से ही बॉर्डर पर सुरक्षा बढ़ाई गई है। इसी दौरान पुलिस और बीएसएफ ने पठानकोट एरिया में कुछ घुसपैठ के पाइंट्स भी ढूंढे हैं। यहां सुरक्षा और तेज की गई है। पाकिस्तान गेम प्लान कर रहा है।
फिरौती के मामलों पर चिंता व्यक्त
डीजीपी ने राज्य में बढ़ रहे फिरौती के मामलों पर भी चिंता जताई और कहा कि ज्यादातर मामलों को हल किया जा चुका है। वहीं आम जन से भी अपील कर कहा कि अगर कोई फिरौती के लिए कॉल करता है तो तुरंत पुलिस सूचना दें। पंजाब पुलिस लगातार केंद्रीय एजेंसियों के साथ संपर्क में है।
विदेश में बैठे आतंकियों का प्रत्यर्पण
आतंकियों व गैंगस्टरों को लेकर अन्य देशों में भी कई ऑपरेशन चलाए जा रहे हैं। यही कारण है कि बीते दिनों यूएई से पिंदी नामक बब्बर खालसा के आतंकी को अरेस्ट कर भारत लाया जा सका।
आतंकी माड्यूल को किया गया ध्वस्त
डीजीपी ने कहा कि पिछले समय के दौरान आतंकी माड्यूल को ध्वस्त किया गया है। बीते साल सितंबर से अभी तक 88 टेरर मॉड्यूल तोड़े जा चुके हैं। इनमें से अधिकतर आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है। इतना ही नहीं, बीते 8 महीनों में 20 मर्डर केसों में से 18 आरोपियों को अरेस्ट किया जा चुका है। 1 मार्च 2025 से लेकर अभी तक युद्ध नशे विरुद्ध मुहिम के तहत 20,414 केस दर्ज किए जा चुके हैं। जबकि, 31,177 को गिरफ्तार किया जा चुका है। इस दौरान 1342 किलो हेरोइन भी जब्त हो चुकी है।
डीजीपी के साथ एंटी गुंडा टास्क फोर्स (एजीटीएफ) हेड प्रमोद बान, काउंटर इंटेलिजेंस के प्रमुख अमित प्रसाद, अमृतसर पुलिस कमिश्नर गुरप्रीत सिंह भुल्लर और बॉर्डर एरिया के एसएसपी मौजूद रहे।

















