उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ के निगोहां क्षेत्र में पुलिस ने एक व्यक्ति को हिंदुओं का मतांतरण कराने के आरोप में गिरफ्तार किया है। यह व्यक्ति बक्तौरीखेड़ा और उसके आसपास के गांवों में रह रहे अनुसूचित जाति के लोगों को ईसाई मत अपनाने के लिए बहला-फुसलाकर उनका ब्रेनवॉश करता था।
कैसे करता था मतांतरण- आरोपी की पहचान मलखान के रूप में हुई है, जो निगोहां क्षेत्र के बक्तौरीखेड़ा गांव का रहने वाला है। वह पिछले लगभग 10 वर्षों से लोगों का मतांतरण करवा रहा था। उसने खुद भी लगभग 10 साल पहले ईसाई मत अपना लिया था और अपना नाम बदलकर मैथ्यू रख लिया था। मलखान ने अपने खेत में एक छोटा सा कमरा बनवाया था, जहां वह हर महीने दो बार “चंगाई सभा” करता था। इन सभाओं में वह बीमार लोगों खासकर गरीब, कम पढ़े-लिखे अनुसूचित जाति के पुरुषों, महिलाओं और बच्चों को बुलाता था। वह दावा करता था कि उसकी प्रार्थनाओं से गंभीर बीमारियां जैसे गठिया, मिर्गी और सांस की दिक्कतें ठीक हो जाती हैं। वह लोगों को प्रार्थना सभा में बुलाकर पवित्र जल छिड़कता था, बाइबिल की बातें बताता और वीडियो के माध्यम से प्रचार करता था। इन सभाओं में वह हिंदू देवी-देवताओं के खिलाफ गलत बातें बोलता था और लोगों को यह विश्वास दिलाता था कि ईसाई मत अपनाने से उनकी सभी समस्याएं खत्म हो जाएंगी।
लालच देकर बनाता था ईसाई- मलखान लोगों को आर्थिक मदद का लालच भी देता था। वह कहता था कि धर्म बदलने के बाद उन्हें पैसे, कपड़े, शिक्षा और इलाज में मदद मिलेगी। उसने अपने भाई-भतीजों और बच्चों के नाम भी ईसाई मत के अनुसार बदल दिए थे। अब तक वह करीब 50 लोगों का मतांतरण करवा चुका है। पुलिस को इस गतिविधि की जानकारी पहले से मिल रही थी, इसलिए जांच के लिए एक विशेष टीम बनाई गई थी।
कैसे हुआ खुलासा- पुलिस उपायुक्त (दक्षिणी) निपुण अग्रवाल ने बताया कि काफी समय से इलाके में मतांतरण की शिकायतें मिल रही थीं। इसके बाद एसीपी मोहनलालगंज रजनीश वर्मा के निर्देशन में निगरानी और सर्विलांस टीमों को लगाया गया। साक्ष्य इकट्ठा करने के बाद पुलिस ने मलखान को शनिवार को हुलासखेड़ा मार्ग से गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ में उसने कबूल किया कि वह पिछले 10 साल से लोगों को ईसाई बना रहा था। उसके घर से दो बाइबिल और धर्म प्रचार से जुड़ी सामग्री भी बरामद की गई है। पुलिस ने उसके खिलाफ मुकदमा दर्ज कर उसे जेल भेज दिया है।
आगे की जांच जारी- पुलिस अब यह जांच कर रही है कि मलखान को मतांतरण के लिए फंडिंग कौन करता था। यह भी देखा जा रहा है कि उसके बैंक खातों में पैसे कहां से और किसके माध्यम से आए। मलखान और उसके परिवार के सभी बैंक खातों की जांच की जा रही है। इस मामले में पुलिस की भूमिका की सराहना करते हुए डीसीपी निपुण अग्रवाल ने गिरफ्तारी में शामिल टीम को 25,000 रुपये इनाम देने की घोषणा की है। इस पूरे मामले को लेकर पहले भी हिंदू संगठनों ने विरोध प्रदर्शन किए थे।
















