कथित पर्यावरण ऐक्टिविस्ट ग्रेटा थंबर्ग इन दिनों इजरायल के गैरकानूनी अधिग्रहण के विरोध में काफिला लेकर निकली हुई हैं। वे एक बड़ी नाव पर इस सफर पर निकली हुई हैं। मगर अब उन्हें ही आयोजक Global Sumud Flotilla में लीडरशिप भूमिका से हटा दिया गया है। मगर ऐसा हुआ क्या है?
1 सितंबर 2025 को स्पेन के बार्सिलोना से गाजा के लिए ग्रेटा के साथ Global Sumud Flotilla के सदस्य नाव पर निकले थे। और दो सप्ताह बाद नावों का यह काफिला ट्यूनीशिया में कुछ और ऐक्टिविस्ट लोगों और मानवीय सहायता को लेने के लिए रुका था। मगर अब इस काफिले में राजनीतिक मतभेद उभर कर आए हैं। ट्यूनीशिया के कोऑर्डनैटर खालेद बॉउजेमा ने यह जानकर अपना नाम वापस ले लिया, क्योंकि बोर्ड पर क्वीर ऐक्टिविस्ट भी उपस्थित थे।
खालेद को आपत्ति ऐक्टिविस्ट सैफ ऐयादी की प्रतिभागिता से भी है, जो कि एक “कम्युनिस्ट क्वीर चरमपंथी” है और जो ट्यूनीशिया से इस काफिले का हिस्सा बना था।
डेली मेल के अनुसार सोशल मीडिया पर जो दो वीडियो खालेद ने पोस्ट किये हैं, उनमें वह काफिले में ट्यूनीशिया के एलजीबीटीक्यू+ समुदाय के लोगों के काफिले में शामिल होने की शिकायत कर रहे हैं और साथ ही कम्युनिस्ट क्वीर चरमपंथी के भी काफिले में शामिल होने पर वे आपत्ति जता रहे हैं। उनका कहना है कि उन्हें इस काफिले में शामिल लोगों की पहचान के बारे में झूठ बोला गया।
काफिले की एक और ऐक्टिविस्ट मरियम मेफताह ने भी सोशल मीडिया पर यह आपत्ति दर्ज कराई कि एलजीबीटीक्यू+ ऐक्टिविस्ट दरअसल गाजा के मामले का लाभ उठा रहे हैं। मरियम की आपत्ति इस बात को लेकर नहीं है कि इन लोगों की लैंगिक पहचान क्या है। मरियम ने कहा कि हर किसी का यौनिक प्रस्तुतीकरण उनका निजी मामला है, मगर एक क्वीर ऐक्टिविस्ट होने का मतलब यही होता है कि आपने समाज से अलग रास्ता चुना है और जो हमारे बच्चों के लिए खतरा है। मरियम ने कहा कि वे स्कूल में अपने बेटे के सेक्स चेंज से इनकार कर चुकी हैं और वे सभी से अनुरोध करती हैं कि स्थिति को समझें और इस काफिले के उन लोगों के साथ न्याय करें जिन्होनें इसे अपने खून पसीने से सींचा है, जिससे कि इस बाड़े का उद्देश्य पूरा हो सके।
इन लोगों का कहना है कि फिलिस्तीन का मामला मुस्लिमों का मामला है और इसमें संदिग्ध ऐक्टिविस्ट लोगों का क्या काम है, जिनका एजेंडा दूसरा है और जिसका कोई भी संबंध गाजा या मुस्लिमों से जुड़ा हुआ नहीं है।
इतना ही नहीं इस हंगामे के बाद ग्रेटा को भी Global Sumud Flotilla की लीडरशिप से बाहर का रास्ता दिखा दिया गया और ऐसा कहा जा रहा है कि वह स्टीयरिंग कमिटी फैमिली बोट से दूसरे जहाज में अपने सामान के साथ चली गई। वह हालांकि काफिले में एक ऑर्गनाइज़र के रूप में और प्रतिभागी कार्यकर्ता के रूप में जुड़ी रहेगी।
ग्रेटा ने मीडिया से बात करते हुए कहा कि उसका विश्वास मानवतावादी अभियान में है और आजाद फिलिस्तीन के लिए जो पूरी दुनिया में मोबलिज़ैशन में सत्ता और प्रतीकवाद फैला है, उसपर भी उसका विश्वास है और गाजा और फिलिस्तीन को आजाद कराने के लिए जो भी अभियान चल रहा है उसपर ध्यान देने की आवश्यकता है।
ग्रेटा ने कहा कि उसका नाम स्टीयरिंग कमिटी में नहीं रहेगा, और एक आयोजक और प्रतिभागी होने के नाते उसका योगदान बेहतर रहेगा।
हालांकि इस विवाद से पहले भी इस काफिले में विवाद हुए। जब नावों का यह काफिला ट्यूनीशिया पहुंचा था, तो यह आरोप लगाए गए थे कि ट्यूनीशिया में उन पर ड्रोन से हमला हुआ, मगर ट्यूनीशिया के आंतरिक मंत्रालय ने ऐसे किसी भी आरोप से इनकार किया था।
इस काफिले में गाजा के लोगों के लिए दवाइयाँ अनाज जैसी चीजें शामिल हैं। क्योंकि ऐसा इन लोगों का मानना है कि गाजा में एक चौथाई फिलिस्तीनी लोग भुखमरी का सामना कर रहे हैं। जबकि इजरायल इस बात से इनकार करता है कि गाजा में भुखमरी का संकट है और इजरायल का यह भी कहना है कि यह काफिला हमास की सहायता के लिए है।
वहीं यरूशलम पोस्ट के अनुसार कम्युनिस्ट क्वीर प्रतिभागी सैफ एयादी ने इस बात से इनकार किया है कि उनके कारण कुछ लोगों ने अपना नाम वापस लिया या फिर उन्हें दूसरे ऐक्टिविस्ट लोगों ने ठुकरा दिया, बल्कि उन्होनें यह दावा किया कि यह सब झूठ यहूदी समर्थक मीडिया और सार्वजनिक हस्तियाँ फैला रहे हैं।
हालांकि सोशल मीडिया पर इस बात को लेकर चटखारे लिए जा रहे हैं कि ग्रेटा के काफिले से इस्लामिस्ट इसलिए बाहर हो गए क्योंकि उन्होनें यह पाया कि उनके कई साथी यात्री एलजीबीटीक्यू समूह से हैं।
इस्लामिज़्म जब लेफ्टिज्म से मिलता है!
कुछ लोगों ने इसके आयोजकों के पुराने वीडियो भी साझा किये। ऐसा दावा किया जा रहा है कि थियागो अविला नामक प्रमुख आयोजक ने पूर्व में “डेथ टू अमेरिका! डेथ टू इजरायल और विक्ट्री टू इस्लाम” का नारा लगाया है।
लोगों का कहना है कि ये लोग मानवतावादी होने का दावा करते हैं मगर इनका मुख्य एजेंडा जिहाद है।
इसके लिए सम्पूर्ण SEO सेटअप WORDPRES के अनुरूप दीजिए….












