दिल्ली विश्वविद्यालय छात्रसंघ चुनाव में अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद ने ऐतिहासिक जीत हासिल की है। कांग्रेस के वोट चोरी के झूठे विमर्श के बीच एबीवीपी ने विद्यार्थियों का दिल जीत लिया। टुकड़े टुकड़े गैंग के झूठे विमर्श को जेन छात्र-छात्राओं ने नकार दिया। जेनरेशन Z ने दिल खोलकर एबीवीपी का राजतिलक कर डूसू में भगवा लहरा दिया है।
एबीवीपी अध्यक्ष, सचिव और संयुक्त सचिव पद जीत लिया है। जबकि उपाध्यक्ष पद पर कांटे की टक्कर दी। डूसू का अध्यक्ष एबीवीपी का होगा।
DUSU 2025 काउंटिंग अपडेट
अध्यक्ष
- आर्यन मान (एबीवीपी): 26,642
- जोसलीन चौधरी: 10,814
- उमांशी लांबा : 5,129
- लीड: 15,828 वोट
उपाध्यक्ष
- गोविंद तंवर (एबीवीपी) : 19,145
- राहुल झांसला : 27,182
- लीड: 8,037 वोट
सचिव
- कुणाल चौधरी(एबीवीपी) : 21,944
- कबीर: 14,987
- लीड: 6,957 वोट
संयुक्त सचिव
- दीपिका झा (एबीवीपी): 20,254
- लवकुश भड़ाना : 15,970
- लीड: 4,284 वोट
टुकड़े-टुकड़े गैंग का झूठा विमर्श
अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (अभाविप), कांग्रेस की छात्र इकाई एनएसयूआई द्वारा दिल्ली विश्वविद्यालय छात्रसंघ चुनाव के दौरान किरोड़ीमल कॉलेज तथा हंसराज कॉलेज सहित कई स्थानों पर की गई हिंसा की कड़ी की थी। एबीवीपी ने पहले ही कह दिया था कि एनएसयूआई की छटपटाहट और बौखलाहट से यह सिद्ध हो गया कि एनएसयूआई डूसू चुनाव में बुरी तरह से हार रही है। हुआ भी यही। एबीवीपी की तरफ से कहा गया कि एनएसयूआई के ईवीएम तथा अन्य आरोप खोखले तथा तथ्यहीन हैं। कांग्रेस तथा कांग्रेस पोषित ‘टुकड़े-टुकड़े गैंग’ के ईवीएम पर आधारहीन आरोप तथा लोकतंत्र को कमजोर करने का विमर्श दिल्ली विश्वविद्यालय का छात्रों , एनएसयूआई की छटपटाहट हिंसा के रूप में सामने आई।
कांग्रेस का पुराना राग
अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के राष्ट्रीय महामंत्री डॉ वीरेन्द्र सिंह सोलंकी ने कहा कि कांग्रेस और राहुल गांधी का यह पुराना राग है कि जब चुनाव हारने लगें तो पूरी चुनावी प्रक्रिया पर दोष मढ़ दिया जाए।
श्यामा प्रसाद मुखर्जी में एबीवीपी का पूरा पैनल जीता
श्यामा प्रसाद मुखर्जी कॉलेज में एबीवीपी का पूरा पैनल जीता, भगिनी निवेदिता कॉलेज छात्रसंघ कॉलेज में क्लीन स्वीप, एसजीटीबी खालसा कॉलेज में बहुमत 4 सीटें जीती। जाकिर हुसैन मार्निंग कॉलेज बहुमत 5 सीटें जीते। मिरांडा हाउस, हिंदू कॉलेज, श्याम लाल कॉलेज, आत्माराम सनातन धर्म कॉलेज सहित विभिन्न कॉलेजों में अलग-अलग पदों पर जीते एबीवीपी कार्यकर्ता।

















