प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी के 75वें जन्मोत्सव पर हरिद्वार से स्वामी रामदेव ने दिल्ली में महत्वपूर्ण प्रेस वार्ता की। स्वामी जी ने प्रधानमंत्री के वैश्विक नेतृत्व, व्यक्तित्व व चरित्र को प्रणाम करते हुए उनकी दीर्घायु की कामना की।
स्वदेशी से आत्मनिर्भर और विकसित भारत पर चर्चा
स्वामी रामदेव ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के हिमालय जैसे व्यक्तित्व में स्वदेशी, स्वधर्म, राष्ट्रधर्म व सनातन धर्म सन्निहित है। उन्होंने “स्वदेशी से आत्मनिर्भर और विकसित भारत” के निर्माण में पतंजलि की भूमिका व योगदान पर विस्तार से प्रकाश डाला और विश्व में भारत की बढ़ती भूमिका को रेखांकित किया।
प्रधानमंत्री प्रतिभा पुरस्कार की घोषणा
देश के सभी जिलों में सीबीएसई, बीएसबी (भारतीय शिक्षा बोर्ड) व स्टेट बोर्ड के प्रथम, द्वितीय व तृतीय स्थान पर आने वाले प्रतिभाशाली विद्यार्थियों को प्रोत्साहित करने के लिए पतंजलि द्वारा 11 से 51 हजार रुपए के पुरस्कार से सम्मानित किया जाएगा।
फ्री मेडिकल चैकअप एवं योग-हेल्थ कैम्प
देशभर में 750 स्थानों पर फ्री मेडिकल चैकअप एवं योग व हेल्थ कैम्प आयोजित किए जाएंगे। इसके साथ ही क्रोनिक लीवर डिजीज, फैटी लीवर और लीवर सिरोसिस के लिए निशुल्क औषधि वितरण एवं उपचार कैम्प लगाए जाएंगे। पतंजलि ने योग-आयुर्वेद और स्वस्थ दिनचर्या के माध्यम से हजारों असाध्य रोगियों को स्वस्थ करने का दावा किया।
विकसित भारत अभियान और स्वदेशी आंदोलन
भारत को विश्व की आर्थिक महाशक्ति बनाने के लिए स्वामी रामदेव ने प्रधानमंत्री के “वोकल फॉर लोकल” आह्वान को गाँव-गाँव तक ले जाने की घोषणा की। उन्होंने विदेशी कंपनियों के आर्थिक शोषण पर रोक और स्वदेशी आंदोलन को जनांदोलन बनाने पर जोर दिया।
भारतीय शिक्षा बोर्ड के माध्यम से वैचारिक बदलाव
स्वामी रामदेव ने कहा कि मैकाले की गुलामी वाली शिक्षा व्यवस्था को बदलने के लिए भारतीय शिक्षा बोर्ड के माध्यम से प्रथम चरण में 1 लाख और फिर 3 लाख विद्यालयों को स्वदेशी शिक्षा से जोड़ा जाएगा। इसका उद्देश्य ऐसा आदर्श व्यक्तित्व और चरित्र गढ़ना है जो पूरे विश्व का नेतृत्व कर सके। भारतीय शिक्षा बोर्ड के चेयरमैन एन.पी. सिंह ने इसके गठन और वैधानिक स्वरूप के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का आभार व्यक्त किया।

















