गत दिनों बठिंडा के गांव जीदा में पांच दिनों में पांच बम विस्फोटों ने पूरे इलाके को दहशत में डाल दिया। इन धमाकों में एक युवक गुरप्रीत सिंह और उसका पिता जगतार सिंह गंभीर रूप से घायल हो गए। घर में मिली विस्फोटक सामग्री को नष्ट करने में सुरक्षा एजेंसियों को भारी मुश्किलें आ रही हैं। एनआईए की टीम भी जांच के लिए बठिंडा पहुंच गई है और सेना से भी बम की जांच के लिए मदद मांगी गई है।
कट्टरपंथी वीडियो से युवक का ब्रेनवॉश
जांच में सामने आया कि सिख परिवार से ताल्लुक रखने वाला गुरप्रीत सिंह कट्टरपंथी इस्लामिक गुटों के वीडियो से प्रभावित होकर पूरी तरह ब्रेनवॉश हो चुका था। वह 72 हूरें पाने की इच्छा रखते हुए इस्लाम के लिए कुर्बान होना चाहता था। जपुजी साहिब का रोज़ पाठ करने वाला यह युवक आतंकी मसूद अजहर के वीडियो देखकर जिहादी बनने के सपने देखने लगा।
विस्फोटक रसायनों की बड़ी खेप बरामद
गुरप्रीत के घर से पिकरिक एसिड, अमोनियम नाइट्रेट, अमोनियम सल्फेट, लेड नाइट्रेट और फास्फोरस पेंटाक्साइड जैसे खतरनाक रसायन मिले हैं। पिकरिक एसिड अत्यधिक विस्फोटक है, जबकि अमोनियम नाइट्रेट का उपयोग खाद और खदानों में विस्फोटक के लिए होता है। लेड नाइट्रेट आतिशबाजी और विस्फोटक बनाने में प्रयोग किया जाता है, जो स्वास्थ्य के लिए अत्यंत हानिकारक है।
धमाकों की श्रृंखला और बढ़ती चिंता
पहला धमाका दस सितंबर को उस समय हुआ जब गुरप्रीत ऑनलाइन मंगवाए केमिकल से बम बना रहा था। घायल होने के बाद परिवार ने पुलिस को सूचना दिए बिना उसे अस्पताल पहुंचा दिया। दूसरा धमाका तब हुआ जब उसका पिता केमिकल हटाने के लिए कमरे में गया। कुल पांच दिन में पांच धमाके हो चुके हैं, जिनमें गुरप्रीत का हाथ काटना पड़ा और उसका पिता भी घायल हुआ। पुलिस ने आसपास के चार घर खाली करवा दिए हैं।
सोशल मीडिया से आतंकी संगठनों का प्रभाव
गुरप्रीत ने पूछताछ में बताया कि उसे केमिस्ट्री में रुचि थी और यूट्यूब पर मसूद अजहर के वीडियो देखने लगा। इन वीडियो से प्रभावित होकर उसने मुस्लिम नाम से एक फर्जी आईडी बनाई और जिहाद के लिए खुद को तैयार किया। वह रोज सौ रुपये की पॉकेट मनी और विदेश में रहने वाली चचेरी बहन से पैसे मंगवाकर रसायन खरीदता था।
परिवार और समाज के लिए चेतावनी
यह घटना अभिभावकों के लिए गंभीर चेतावनी है कि बच्चों की संगत और सोशल मीडिया गतिविधियों पर नजर रखना कितना जरूरी है। गुरप्रीत जैसा युवा जो रोज जपुजी साहिब का पाठ करता था, आतंकी प्रचार से धीरे-धीरे जिहादी विचारधारा की तरफ मुड़ गया। समाज और सरकार को ऐसे नकारात्मक परिवर्तनों को गंभीरता से लेकर रोकथाम के ठोस कदम उठाने चाहिए ताकि परिवार और समाज का भविष्य सुरक्षित रह सके।













