हरियाणा के नूंह जिले से एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है। यहाँ एक महिला ने शिकायत दर्ज कराई है कि उसे शादी करने के लिए जबरन कन्वर्जन के लिए मजबूर किया गया। इस मामले में पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है। बताया जा रहा है कि हरियाणा गैरकानूनी धर्मांतरण निषेध अधिनियम, 2022 के तहत नूंह पुलिस द्वारा की गई यह पहली गिरफ्तारी है।
यह महिला मूल रूप से उत्तर प्रदेश के हमीरपुर जिले की रहने वाली है। उसका नाम शीला उर्फ कंचन है। कई साल पहले वह नूंह आकर बस गई थी और अपने दो बच्चों के साथ यहाँ रह रही थी। पुलिस की जानकारी के अनुसार, साल 2008 में कंचन की शादी नूंह में मजदूरी करने वाले छुट्टन नामक व्यक्ति से हुई थी। लेकिन छुट्टन नशे का आदी था और अपराधी प्रवृत्ति का भी था। इस वजह से दोनों के रिश्तों में खटास आ गई। कुछ सालों बाद कंचन ने अपने बच्चों के साथ छुट्टन से अलग होकर किराए के मकान में रहना शुरू कर दिया।
आजम से मुलाकात और रिश्ता- साल 2020 में कंचन की मुलाकात नूंह के रहने वाले आज़म नाम के व्यक्ति से हुई। दोनों के बीच बातचीत बढ़ी और धीरे-धीरे उनका रिश्ता गहरा होता गया। कंचन अपने दोनों बच्चों को लेकर आजम के साथ भिवाड़ी में रहने लगी। महिला का आरोप है कि शुरुआत में सब कुछ सामान्य था, लेकिन जून 2020 में हालात अचानक बदल गए। कन्वर्जन का दबाव- महिला ने पुलिस में दी गई शिकायत में बताया कि जून 2020 में भिवाड़ी के किराए के मकान में आजम एक मौलाना को लेकर आया। वहाँ उसने महिला पर धमकियाँ देकर कन्वर्जन करने का दबाव बनाया। मौलाना ने जबरदस्ती उससे कलमा पढ़वाया और उसका नाम बदलकर ‘साईबा’ कर दिया। महिला का कहना है कि इसके बाद उसे मजबूर करके आजम के साथ निकाह भी कराया गया। निकाह और कन्वर्जन के बाद महिला की जिंदगी बदल गई। शिकायत के मुताबिक, आजम का रवैया पहले जैसा नहीं रहा। उसने शीला से कहा कि वह अब बुर्का पहने, रोजाना नमाज अदा करे और तबलीगी जमात की बैठकों में हिस्सा ले। महिला ने यह भी बताया कि कन्वर्जन और निकाह के कुछ समय बाद उसे एक और सच्चाई का पता चला। उसे मालूम हुआ कि आजम पहले से ही शादीशुदा है और उसके बच्चे भी हैं। महिला ने जब यह सब सहन करना मुश्किल पाया तो उसने नूंह पुलिस से शिकायत दर्ज कराई। शिकायत मिलने के बाद पुलिस ने तुरंत जांच शुरू की और आरोपी आजम को गिरफ्तार कर लिया।

















