सोशल मीडिया पर दिल्ली के इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे के टर्मिनल-3 का एक वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है। वीडियो में कुछ मुस्लिम परिवारों को गेट नंबर 7 के बाहर कालीन पर बैठकर खाने खाते हुए देखा जा सकता है। हालांकि, यह वीडियो किस दिन का है, इसकी अभी तक कोई पुष्टि नहीं हुई है। बीजेपी नेता तेजिंदर सिंह बग्गा ने अपने एक्स अकाउंट पर बुधवार (10 सितंबर) को इसे साझा किया। उन्होंने लिखा, “यह आज का वीडियो इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे, दिल्ली के टर्मिनल-3 का है। मैंने भी यही दृश्य 4-5 साल पहले देखा था और हैरान रह गया था, क्या यह वाकई एक हवाई अड्डा है? इसे कैसे जारी रहने दिया जा सकता है?”
दिल्ली एयरपोर्ट की ओर से इस वीडियो पर प्रतिक्रिया आई है। दिल्ली एयरपोर्ट की तरफ से कहा गया कि हमारी टीम ने त्वरित कार्रवाई की। आगंतुकों को 10 मिनट के भीतर यात्री क्षेत्र से बाहर निकाल दिया गया और यात्री क्षेत्र को सैनिटाइज़ किया गया। दिल्ली हवाई अड्डे पर, हम एक सुचारू और सुरक्षित यात्रा सुनिश्चित करने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध हैं।
चुनावी रणनीतिकार निशांत इस वीडियो को शेयर करते हुए लिखते हैं, “यह दिल्ली के इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे का टर्मिनल-3 है। यहां कुछ यात्री इस तरह की गंदगी फैला रहे हैं और उन्हें रोकने वाला कोई नहीं है। सीआईएसएफ एयरपोर्ट क्या इस तरह का व्यवहार एयरपोर्ट पर अलाउड है? ये यात्री सऊदी अरब जा रहे हैं, जहां लाखों लोगों को कड़े नियमों और कानूनों का पालन करवाया जाता है तो फिर यहां पर ढिलाई क्यों? यह देश की राजधानी का मुख्य टर्मिनल है। सोचिए, भारत की कैसी छवि बनेगी?”
फातिमा खान नाम की यूजर एक्स पर लिखती हैं, “भारत: देखिए, नई दिल्ली हवाई अड्डे पर …कैसे गंदगी फैलाई है। यह इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे का टर्मिनल-3 है, अधिकारी इसकी अनुमति कैसे दे सकते हैं?…जहां भी जाते हैं, गंदगी क्यों फैलाते हैं?”
इसी तरह और भी यूजर्स ने इस वीडियो को शेयर कर एयरपोर्ट पर गदंगी फैलाने को लेकर आक्रोश व्यक्त किया है। एक यूजर ने लिखा, “नहीं! ये सीरिया, अफगानिस्तान, पाकिस्तान या ईरान नहीं है। ये तो दिल्ली का इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे का टर्मिनल-3 है। क्या इसकी इजाजत है? बस पूछ रहा हूं।” टाइगर एनएस नाम के यूजर ने लिखा कि ये वीडियो इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे का टर्मिनल-3 है। अधिकारी इसकी इजाजत कैसे दे सकते हैं? लाखों विदेशी पर्यटक इसी इलाके से गुजरते हैं, जरा सोचिए वो हमारे बारे में क्या सोचते होंगे। पहले तो सड़कों पर नमाज पढ़ते हैं। अब ब्लॉक।”

















