क़तर की राजधानी दोहा में विस्फोटों की सूचना के बाद इज़राइली रक्षा बलों (IDF) ने हमास नेताओं पर लक्षित हमले की पुष्टि की। हालांकि बयान में क़तर का नाम सीधे तौर पर नहीं लिया गया, लेकिन यह ज्ञात है कि हमास नेतृत्व के कई सदस्य दोहा में रहते हैं।
आईडीएफ ने बयान में कहा कि शिन बेट और वायुसेना की मदद से हमास के शीर्ष नेतृत्व पर हमला किया गया।
आईडीएफ स्पष्ट किया कि हमले में वही लोग निशाना बने, जो वर्षों से संगठन की गतिविधियों का नेतृत्व कर रहे थे और 7 अक्टूबर के नरसंहार तथा इज़राइल के खिलाफ युद्ध के लिए सीधे तौर पर जिम्मेदार थे।
नागरिकों को बचाने के लिए विशेष उपाय
आईडीएफ ने बताया कि हमले से पहले आम नागरिकों को नुकसान से बचाने के लिए विशेष कदम उठाए गए। इसमें सटीक हथियारों और अतिरिक्त खुफिया जानकारी का इस्तेमाल किया गया, ताकि केवल लक्षित व्यक्तियों को ही निशाना बनाया जा सके।
हमास को समाप्त करने की प्रतिज्ञा
आईडीएफ ने बयान में कहा कि “आईडीएफ और शिन बेट 7 अक्टूबर के नरसंहार के लिए जिम्मेदार हमास को समाप्त करने के लिए पूरी दृढ़ता से कार्रवाई जारी रखेंगे।”
आईडीएफ ने साफ किया कि यह अभियान आतंकवादी संगठन की जड़ों को खत्म करने के उद्देश्य से चलाया जा रहा है।
7 अक्टूबर का नरसंहार
गौरतलब है कि 7 अक्टूबर को गाज़ा सीमा के पास हमास के हमलों में लगभग 1,200 लोग मारे गए थे और 252 इज़राइली तथा विदेशी नागरिकों को बंधक बना लिया गया था। वर्तमान में बचे हुए 48 बंधकों में से लगभग 20 के जीवित होने की संभावना जताई जा रही है।

















