काशीपुर । उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने गुरुद्वारा श्री ननकाना साहिब गुरुद्वारे में आयोजित शहीदी नगर कीर्तन में शिरकत की। यह आयोजन गुरु तेगबहादुर जी और उनके साथ शहीद हुए भाई मती दास, भाई सती दास और भाई दयाला जी के 350वें शहीदी दिवस की स्मृति में किया गया।
असम से काशीपुर तक 2500 किलोमीटर की यात्रा
यह ऐतिहासिक नगर कीर्तन, शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी अमृतसर की ओर से आयोजित किया गया था। असम से शुरू होकर लगभग 2500 किलोमीटर की यात्रा पूरी करने के बाद बीती शाम यह नगर कीर्तन काशीपुर पहुंचा और आज सुबह दिल्ली के लिए रवाना हुआ।
गुरु तेगबहादुर जी के बलिदान को मुख्यमंत्री का नमन
मुख्यमंत्री धामी ने गुरुद्वारा श्री ननकाना साहिब में मत्था टेका और गुरु तेगबहादुर जी के अद्वितीय बलिदान को नमन किया। उन्होंने कहा कि गुरुजी ने हिंदू धर्म और संस्कृति की रक्षा के लिए प्राण न्यौछावर किए लेकिन धर्म के मार्ग से कभी विचलित नहीं हुए। यह बलिदान सम्पूर्ण मानवता के लिए प्रेरणास्रोत है।
गुरुओं के इतिहास से मिलता है एक भारत, श्रेष्ठ भारत का संदेश
सीएम धामी ने कहा कि हमारे गुरुओं का इतिहास हमें एक भारत, श्रेष्ठ भारत की अवधारणा का साकार रूप दिखाता है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश में सभी धर्मों और समाजों को समान रूप से आगे बढ़ाने का कार्य हो रहा है।
सिख समाज के लिए केंद्र सरकार की पहल
मुख्यमंत्री धामी ने सिख समाज के लिए केंद्र सरकार की उपलब्धियों का उल्लेख किया। इसमें करतारपुर साहिब कॉरिडोर का निर्माण, अफगानिस्तान के काबुल से गुरु ग्रंथ साहिब की सुरक्षित वापसी और हेमकुंड साहिब तक कठिन यात्रा को आसान बनाने के लिए 12.5 किलोमीटर लंबे रोपवे कार्य की शुरुआत शामिल है।
धर्म और सत्य पर अडिग रहने का संदेश
धामी ने कहा कि हमारे धर्मगुरुओं ने अन्याय और अत्याचार सहते हुए भी धर्म से समझौता नहीं किया। उनका बलिदान हमें यह सीख देता है कि धर्म, न्याय और सत्य के लिए किसी भी परिस्थिति में अडिग रहना ही सच्ची श्रद्धांजलि है।
गणमान्य लोगों की मौजूदगी
इस अवसर पर विधायक त्रिलोक सिंह चीमा, पूर्व विधायक हरभजन सिंह चीमा, मेयर दीपक बाली समेत अनेकों गणमान्य लोग उपस्थित रहे और नगर कीर्तन में शामिल हुए।

















