नई दिल्ली: नेपाल में युवाओं के दो दिन के प्रदर्शन से सत्ता बदलने जा रही है। युवाओं के हिंसक प्रदर्शन के बीच प्रधानमंत्री केपी शर्मा ओली ने इस्तीफा दे दिया है। उग्र युवाओं की भीड़ ने राष्ट्रपति पौडेल के निजी आवास पर कब्जा कर लिया। कई मंत्रियों के घरों को आग के हवाले कर दिया। काठमांडू समेत कई इलाकों में आगजनी, तोड़फोड़ और पथराव की घटनाएं हुई। देश में राजनीतिक अस्थिरता पैदा हो गई है। इस बीच सवाल उठ रहा है कि अब नेपाल की सत्ता सेना संभालेगी या फिर अंतरिम सरकार बनेगी?
क्या सेना के हाथ में जाएगी देश की कमान?
माना जा रहा है कि राजनीतिक अस्थिरता और सुरक्षा चुनौतियों के बीच नेपाली सेना के मुख्य सेनाध्यक्ष जनरल अशोक राज सिगडेल के हाथ में सत्ता आ सकती है। क्योंकि, नेपाल में आपात स्थिति में सेना प्रमुख की भूमिका अहम हो जाती है। अगर युवाओं का आक्रोश और प्रदर्शन शांत नहीं हुआ तो सेना अपने हाथ में कमान ले सकती है। सेना संवैधानिक प्रावधानों के तहत देश की अस्थाई बागडोर अपने हाथ में ले सकती है।

क्या बालेन शाह बनेंगे अंतरिम प्रधानमंत्री?
वहीं, प्रदर्शनकारी पीएम केपी शर्मा ओली के इस्तीफे से खुश हैं। अलग-अलग वीडियो सामने आये हैं जिनमें प्रदर्शनकारियों ने कहा कि हम बहुत खुश हैं कि ओली ने इस्तीफा दे दिया। कई प्रदर्शनकारी बालेन शाह को अंतरिम प्रधानमंत्री बनाए जाने की मांग कर रहे हैं। सोशल मीडिया पर इसे लेकर कई पोस्ट भी वायरल हो रहे हैं। कई प्रदर्शनकारी बालेन शाह से नई राजनीतिक पार्टी बनाकर देश को दिशा देने की गुहार लगा रहा है।
Gen-Z ने 2 दिन में पलट दी नेपाल की सत्ता, ओली का इस्तीफा; अब आगे क्या?
कौन हैं बालेन शाह जिनको अंतरिम PM बनाने की हो रही है मांग
बालेन शाह सिविल इंजीनियर और रैपर हैं। वह काठमांडू के मेयर हैं। साल 2022 में उन्होंने स्वतंत्र उम्मीदवार के रूप में चुनाव जीता था। उन्होंने अपने कार्यकाल में कई सुधार किये जिसके कारण वह युवाओं के बीच प्रसिद्ध हैं। युवाओं के बीच उनकी बेदाग छवि और भ्रष्टाचार के खिलाफ जीरो टॉलरेंस नीति उनकी सबसे बड़ी ताकत है। उन्होंने Gen Z के नेतृत्व वाले प्रदर्शन को अपना समर्थन दिया था जिस कारण वह युवाओं के चेहते बन गए हैं।
क्या पीएम का इस्तीफा देना मतलब सरकार गिर गई?
इस्तीफा देने से पहले नेपाल के प्रधानमंत्री केपी शर्मा ओली ने जनरेशन जेड से शांति की अपील की। उनके सहयोगी प्रकाश सिलवाल ने न्यूज एजेंसी रॉयटर्स को बताया कि उनका इस्तीफा स्वीकार कर लिया गया है। ओली सैन्य हेलीकॉप्टर में अपने कार्यालय से निकलते हुए भी दिखे हैं। उनके इस्तीफे के बाद भी नेपाल सरकार की तरफ से युवाओं को संयम बरतने के लिए कहा गया है।
इस्तीफे से पहले ओली ने सभी नेपाली राजनीतिक दलों की एक बैठक की अध्यक्षता की और कहा कि हिंसा राष्ट्र के हित में नहीं है। उन्होंने कहा कि हमें इस समस्या का समाधान खोजने के लिए शांतिपूर्ण बातचीत सुनिश्चित करनी होगी। ओली का इस्तीफा प्रदर्शन कर रहे युवाओं की प्रमुख मांग थी। हालाकि, नेपाल में प्रधानमंत्री के पद छोड़ने का मतलब यह नहीं है कि सरकार गिर गई है। अभी राष्ट्रपति राम चंद्र पौडेल ने इस्तीफा नहीं दिया है। जैसे ही वह भी इस्तीफा दे देंगे सरकार पूरी तरह से गिर जाएगी। नेपाल में इस वक्त राजनीतिक अस्थिरता अपने चरम पर है।

















