उत्तर प्रदेश एटीएस ने बलरामपुर जनपद में कन्वर्जन कराने वाले जलालुद्दीन उर्फ छांगुर एवं उसके बेटे महबूब के खिलाफ न्यायालय में आरोप पत्र दाखिल किया है। आरोप पत्र में 29 लोगों को गवाह बनाया गया है। इसके साथ ही आरोप पत्र में 10 पीड़ितों का भी बयान दर्ज किया गया है।
जानकारी के अनुसार एटीएस ने अपनी चार्जशीट में जलालुद्दीन उर्फ छांगुर ,उसके बेटे महबूब एवं उसके सहयोगी नवीन रोहरा के खिलाफ कन्वर्जन, दुष्कर्म एवं छेड़खानी जैसे गंभीर अपराध का खुलासा किया है। बताया जा रहा है कि छांगुर गैंग आर्थिक रूप से कमजोर लोगों को प्रलोभन देकर कन्वर्जन कराता था। एक पीड़िता ने एटीएस को यह भी बयान दिया है कि छांगुर अक्सर कहता था कि इस्लाम को पूरे भारत में बड़े पैमाने पर फैलाना है। एटीएस ने अपनी विवेचना में पाया है कि छांगुर का सहयोगी नवीन रोहरा जो दुबई में व्यवसाय करता था। वो भी कन्वर्जन करने के लिए इस गैंग में शामिल हुआ था। उसके खाते में विदेश में 16 करोड़ 50 लाख रुपए जमा कराए गए थे जिनमें से एक करोड़ 30 लाख रुपए नवीन ने छांगुर और महबूब को भेजे थे।
एटीएस का कहना है कि इन रूपयों का उपयोग उत्तर प्रदेश के बलरामपुर, बहराइच एवं आसपास के जनपदों में कन्वर्जन कराने के लिए किया जा रहा था। इन रूपयों से छांगुर अपने लिए आलीशान और लक्जरी गाड़ियां खरीद रहा था। एटीएस ने करीब 40 खातों में 100 करोड़ रुपए से ज्यादा की फंडिंग का खुलासा किया है। जांच में यह भी सामने आया है कि छांगुर का नेटवर्क उत्तर प्रदेश के अलावा महाराष्ट्र, कर्नाटक, तमिलनाडु, बिहार एवं पश्चिम बंगाल तक फैल चुका था। कन्वर्जन के लिए गिरोह के सदस्य आपस में कोड वर्ड में बात किया करते थे।
उल्लेखनीय है कि ईडी ने मनी लॉन्ड्रिंग के आरोप में छांगुर, नवीन एवं उसकी सहयोगी नीतू के खिलाफ जांच शुरू कर दी है।

















