पंजाब बाढ़ की मार झेल रहा है। लगातार भारी बारिश और नदियों के उफान ने राज्य के हालात बिगाड़ दिए हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि यह पिछले 50 वर्षों की सबसे भीषण बाढ़ है। राज्य के 23 जिलों में लगभग 1,900 गांव जलमग्न हो चुके हैं। करीब 3.8 लाख लोग सीधे प्रभावित हुए हैं और हजारों लोग राहत शिविरों में शरण ले रहे हैं। राहत अभियान में NDRF, सेना और BSF की टीमें सक्रिय हैं। अब तक लगभग 22 हजार लोगों को सुरक्षित निकाला जा चुका है। आपदा की इस कठिन घड़ी में पंजाब के साथ
पूरा देश खड़ा है। अनेक सामाजिक संगठन इस सेवा कार्य में सक्रिय रूप से योगदान दे रहे हैं। इन संगठनों में सेवा भारती का विशेष उल्लेखनीय योगदान है, जो पहले दिन से ही राहत एवं पुनर्वास कार्यों में निरंतर संलग्न है।
पठानकोट, गुरदासपुर और मुकेरिया में राशन वितरण और मेडिकल कैंप लगाया
पठानकोट डिवीजन के अंतर्गत आने वाले जिले हाल ही में आपदा से प्रभावित हुए, जिसके कारण कई गांवों में जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया। यहां आर्थिक दृष्टि से काफी नुकसान हुआ है और सैकड़ों परिवार प्रभावित हुए। राहत और बचाव कार्यों में अनके संगठन सक्रिय रूप से आगे आए। इनमें सामाजिक, धार्मिक और राजनीतिक संगठन शामिल रहे, जिन्होंने अपने कार्यकर्ताओं के माध्यम से प्रभावित परिवारों तक सहायता पहुंचाई। प्रभावित क्षेत्रों में भोजन, जल, तिरपाल, अस्थायी आश्रय, पशुओं के लिए चारा, कपड़े और कंबल जैसी आवश्यक वस्तुएं वितरित की गई। जरूरतमंदों को चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने के लिए मेडिकल कैंप लगाए गए और दवाइयां वितरित की गई। राशन वितरण, चारा वितरण और अन्य प्रकार की राहत सामग्री प्रभावित इलाकों में पहुंचाई गई।
जालंधर विभाग (जालंधर महानगर, शहीद भगत सिंह नगर)
जालंधर विभाग (जालंधर महानगर एवं शहीद भगत सिंह नगर) में आई आपदा से कुल 9 गांव प्रभावित हुए। यहां आर्थिक दृष्टि से काफी नुकसान हुआ है। सेवा भारती संगठन के लगभग 25 कार्यकर्ताओं ने मिलकर 150 परिवारों तक सहायता पहुंचाई। प्रभावित परिवारों को खाना और पीने का पानी उपलब्ध कराया गया। अब तक 6 मेडिकल कैंप लगाए गए, 1 स्थान पर राशन वितरण किया गया और 100 क्विंटल चारा फिरोजपुर भेजा गया। इसके अतिरिक्त 150 लोगों को दवाई दी गई।
जालंधर विभाग (कपूरथला)
जालंधर विभाग के अंतर्गत कपूरथला जिले में आई आपदा से कुल 50 गांव प्रभावित हुए। यहां आर्थिक दृष्टि से काफी नुकसान हुआ है, राहत कार्यों में केवल 1 संगठन सक्रिय रहा, जिसमें 8 कार्यकर्ताओं ने मिलकर 50 परिवारों को सहायता प्रदान की। प्रभावित परिवारों को पानी, दवाइयां, मोमबत्तियां और ओआरएस उपलब्ध कराए गए। यहां अब तक न तो मेडिकल कैंप लगाए गए और न ही राशन, चारा, तिरपाल या कंबल का वितरण हुआ। हालांकि, दवाई का वितरण किया गया। राहत कार्यों में 1 धार्मिक और 1 सामाजिक संगठन जुड़े, लेकिन आर्मी या प्रशासन के साथ किसी प्रकार का सहयोग नहीं हुआ। वर्तमान परिस्थिति में यहां मेडिकल कैंप की तत्काल आवश्यकता है, ताकि प्रभावित परिवारों को स्वास्थ्य सेवाएं समय पर उपलब्ध हो सकें।
फिरोजपुर विभाग (फिरोजपुर)
फिरोजपुर विभाग (फिरोजपुर) में कुल 47 गांव प्रभावित हुए। यहां आर्थिक दृष्टि से काफी नुकसान हुआ है। राहत और सेवा कार्यों में 40 संगठन सक्रिय रहे, जिनमें सेवा भारती, राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ, भाजपा और अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद प्रमुख हैं। लगभग 60 कार्यकर्ताओं ने मिलकर 550 परिवारों को सहायता प्रदान की। प्रभावित परिवारों को भोजन, राशन, पशुओं के लिए फीड, दवाइयां और राहत शिविर की सुविधाएं उपलब्ध कराई गई। अब तक 10 स्थानों पर राशन वितरण और 10 स्थानों पर चारा वितरण किया गया। इसके अतिरिरक्त 150 तिरपाल, 500 कंबल और 50 लोगों तक दवाइयां पहुंचाई गईं। राहत कार्यों में 5 धार्मिक और 10 सामाजिक संगठनों ने सहयोग किया। साथ ही, एक स्थान पर आर्मी और 10 स्थानों पर प्रशासन के साथ मिलकर राहत कार्य संपन्न हुए।वर्तमान परिस्थिति में प्रभावित क्षेत्रों में मेडिकल कैंप और मच्छरों से बचाव के लिए फॉगर मशीन की तत्काल आवश्यकता है।
फिरोजपुर विभाग (मोगा)
फिरोजपुर विभाग (मोगा) में 15 गांव प्रभावित हुए। यहां भी आर्थिक दृष्टि से काफी नुकसान हुआ है। राहत कार्यों में सेवा भारती सहित 10 संगठन सक्रिय रूप से लगे रहे और लगभग 50 कार्यकर्ताओं ने मिलकर 350 परिवारों को सहायता पहुंचाई। प्रभावित परिवारों को चीनी, चाय, चावल, दाल, पानी और दवाइयां उपलब्ध कराई गई। अब तक 15 स्थानों पर राशन वितरण और 10 स्थानों पर चारा वितरण किया गया। इसके अतिरिक्त 250 तिरपाल, 50 कंबल और 150 लोगों तक दवाइयां वितरित की गई। राहत कार्यों में 5 धार्मिक तथा 5 सामाजिक संगठनों ने भी सहयोग किया। वर्तमान में प्रभावित क्षेत्रों में डीजल, पशु चारा, बीज और दवाइयों की तत्काल आवश्यकता है।
फिरोजपुर विभाग (फाजिल्का)
फिरोजपुर विभाग (फाजिल्का) में बाढ़ से कुल 29 गांव प्रभावित हुए। यहां भी आर्थिक दृष्टि से काफी नुकसान हुआ है। राहत कार्यों में सेवा भारती और भारत विकास परिषद सहित 12 संगठन सक्रिय रहे, जिनके 42 कार्यकर्ताओं ने मिलकर लगभग 250 परिवारों को सहायता पहुंचाई। प्रभावित लोगों को राशन, पानी, हरा चारा, मीठी रोटी, बिस्कुट और रस जैसी आवश्यक सामग्री उपलब्ध कराई गई। अब तक 4 स्थानों पर राशन वितरण और 5 स्थानों पर चारा वितरण किया गया। साथ ही एक गांव में दवाइयां भी बांटी गई। राहत कार्यों में 2 धार्मिक और 2 सामाजिक संगठनों ने भी सहयोग किया। इसके अतिरिक्त 3 स्थानों पर सेना तथा 3 स्थानों पर प्रशासन के साथ
मिलकर कार्य किया गया। वर्तमान परिस्थिति में यहां 400 गांवों के लिए रहने की व्यवस्था और पशुओं के चारे की तत्काल आवश्यकता है।
अमृतसर विभाग (अमृतसर महानगर)
अमतृसर जिले में हाल की बाढ़ से कुल 90 गांव प्रभावित हुए। यहां आर्थिक दृष्टि से काफी नुकसान हुआ है। राहत और सेवा कार्यों में कुल 8 संगठन सक्रिय रूप से जुड़े रहे, जिनमें सेवा भारती, सरहदी लोक सेवा समिति, विश्व हिंदू परिषद, भारत विकास परिषद, माधव राम ट्रस्ट और भाजपा जैसे संगठन प्रमुख रहे। लगभग 300 कार्यकर्ताओं ने मिलकर अब तक 1210 परिवारों को विभिन्न प्रकार की सहायता पहुंचाई है। सहायता कार्यों में सूखा राशन, पका भोजन, बिस्कुट, रस, बंद जैम, दूध, सैनेटरी पैड, डायपर, बच्चों का दूध, तिरपाल, कपड़े और पशुओं के लिए चारा वितरित किया गया।
अब तक 37 स्थानों पर राशन वितरण और 18 स्थानों पर 16 ट्रॉली चारा वितरित किया गया है। इसके अलावा 256 तिरपाल, 130 कंबल और दवाइयां (8 मेडिकल कैंप व 1500 किट) बांटी गई। इस दौरान 8 मेडिकल कैंप लगाए गए। साथ ही 3 धार्मिक संगठन और 2 सामाजिक संगठनों ने सहयोग किया। 3 स्थानों पर प्रशासन के साथ मिलकर कार्य हुआ। वर्तमान में यहां मेडिकल सेवाओं और पशुचारे की अधिक आवश्यकता है।
अमृतसर विभाग (बटाला)
बटाला जिले में बाढ़ से कुल 175 गांव प्रभावित हुए हैं। यहां आर्थिक दृष्टि से काफी नुकसान हुआ है। राहत कार्यों में कुल 5 संगठन लगे हुए हैं, जिनमें सरहदी लोक सेवा और सेवा भारती प्रमुख हैं। लगभग 40 कार्यकर्ताओं ने मिलकर अब तक 6000 परिवारों को सहायता पहुंचाई है। सहायता के अंतर्गत सूखा राशन, तिरपाल, बना हुआ भोजन तथा पीने का पानी वितरित किया गया। अब तक 50 स्थानों पर राशन वितरण हुआ, 10–15 गांवों में चारा उपलब्ध कराया गया और 120 तिरपाल बांटे गए। दवाइयां भी बड़ी संख्या में प्रभावित लोगों तक पहुंची हैं। अब तक 3 मेडिकल कैंप आयोजित किए गए हैं। राहत कार्यों में 8 धार्मिक संगठनों ने योगदान दिया, जबकि कोई सामाजिक संगठन शामिल नहीं हुआ। 5 स्थानों पर सेना और 20 स्थानों पर प्रशासन के साथ मिलकर सहयोग किया गया। वर्तमान स्थिति को देखते हुए यहां मेडिकल सेवाओं और स्वास्थ्य सुविधाओं की तत्काल आवश्यकता है।

















