उधम सिंह नगर : ईद-ए-मिलाद-उन-नबी पर मुस्लिम युवकों ने तराई क्षेत्र के ऊंचे ऊंचे मोबाइल टावर्स पर चढ़कर इस्लामिक झंडे लहराए। इन मोबाइल टावर्स पर चढ़ना प्रतिबंधित है। बावजूद इसके युवकों ने अपने अपने गांवों में लगे इन टावर्स पर चढ़ कर झंडे लगा दिए और प्रशासन खामोश रहा।
बड़ा सवाल ये है कि आखिर मोबाइल टावरों पर झंडे लगाने वालों को प्रशासन और मुस्लिम समाज के मौलवियों ने रोका क्यों नहीं ? मोबाइल सेवाओं को सुरक्षा की दृष्टि से संवेदनशील माना गया है। खास तौर पर मोबाइल टावर्स में लगे संचार उपकरणों को और भी सतर्कता की जरूरत रहती आई है।
ईद ए मिलाद उन नबी पर मुस्लिम परिवारों ने अपने घरों में हरे इस्लामिक झंडे लहराए हैं, जिनमें चांद-तारे के साथ साथ मक्का-मदीना की तस्वीर है। बरहाल बाजपुर काशीपुर क्षेत्र के कस्बों में ऊंचे मोबाइल टावर पर लगे इस्लामिक झंडे आते-जाते लोगों का ध्यान खींच तो रहे हैं लेकिन सुरक्षा व्यवस्था पर बड़ा सवाल खड़े कर रहे हैं।
















