आप्रवासी विरोधी 'March For Australia' रैलियां निकालीं 'Neo-Nazi' तत्वों ने, भारतवंशियों को बनाया निशाना
July 24, 2026
  • Read Ecopy
  • Circulation
  • Advertise
  • Careers
  • About Us
  • Contact Us
Android appiPhone AppArattai
Panchjanya
  • ‌
  • भारत
    • अंडमान और निकोबार द्वीप
    • दादरा और नगर हवेली एवं दमन और दीव
    • अरूणाचल प्रदेश
    • असम
    • आंध्र प्रदेश
    • उत्तराखंड
    • उत्तर प्रदेश
    • ओडिशा
    • कर्नाटक
    • केरल
    • गुजरात
    • गोवा
    • चण्‍डीगढ़
    • छत्तीसगढ़
    • जम्‍मू एवं कश्‍मीर
    • झारखण्‍ड
    • तमिलनाडु
    • तेलंगाना
    • त्रिपुरा
    • दिल्ली
    • नागालैण्‍ड
    • पंजाब
    • पश्चिम बंगाल
    • पुडुचेरी
    • बिहार
    • मणिपुर
    • मध्य प्रदेश
    • महाराष्ट्र
    • मिजोरम
    • मेघालय
    • राजस्थान
    • लक्षद्वीप
    • लद्दाख
    • सिक्किम
    • हरियाणा
    • हिमाचल प्रदेश
  • विश्व
  • संघ @100
    • संघ को जानें
    • पंच परिवर्तन
      • स्वदेशी
      • कुटुम्ब प्रबोधन
      • सामाजिक समरसता
      • नागरिक कर्तव्य
      • पर्यावरण
    • संघ गीत
  • सम्पादकीय
  • काम की खबरें
  • स्वदेशी
  • जीवनशैली
  • अधिक
    • विभाजन-विभीषिका
    • पाञ्चजन्य इवेंट
      • सुशासन संवाद
      • सागर मंथन
      • मुंबई संकल्प
      • अष्टायाम
      • गुरुकुलम
      • साबरमती संवाद
      • आधार इन्फ्रा
    • वेब स्टोरी
    • ऑपरेशन सिंदूर
    • विश्लेषण
    • लव जिहाद
    • खेल
    • मनोरंजन
    • यात्रा
    • स्वास्थ्य
    • धर्म-संस्कृति
    • पर्यावरण
    • बिजनेस
    • साक्षात्कार
    • शिक्षा
    • रक्षा
    • कला-साहित्य
      • पुस्तकें
      • पुस्तक समीक्षा
    • सोशल मीडिया
    • विज्ञान और तकनीक
    • मत अभिमत
    • श्रद्धांजलि
    • संविधान
    • आजादी का अमृत महोत्सव
    • मानस के मोती
    • जनजातीय नायक
    • पॉडकास्ट
    • पत्रिका
    • हमारे लेखक
  • Subscribe
    • Subscribe Print Edition
    • Subscribe Ecopy
    • Read Ecopy
  • ‌
  • भारत
    • अंडमान और निकोबार द्वीप
    • दादरा और नगर हवेली एवं दमन और दीव
    • अरूणाचल प्रदेश
    • असम
    • आंध्र प्रदेश
    • उत्तराखंड
    • उत्तर प्रदेश
    • ओडिशा
    • कर्नाटक
    • केरल
    • गुजरात
    • गोवा
    • चण्‍डीगढ़
    • छत्तीसगढ़
    • जम्‍मू एवं कश्‍मीर
    • झारखण्‍ड
    • तमिलनाडु
    • तेलंगाना
    • त्रिपुरा
    • दिल्ली
    • नागालैण्‍ड
    • पंजाब
    • पश्चिम बंगाल
    • पुडुचेरी
    • बिहार
    • मणिपुर
    • मध्य प्रदेश
    • महाराष्ट्र
    • मिजोरम
    • मेघालय
    • राजस्थान
    • लक्षद्वीप
    • लद्दाख
    • सिक्किम
    • हरियाणा
    • हिमाचल प्रदेश
  • विश्व
  • संघ @100
    • संघ को जानें
    • पंच परिवर्तन
      • स्वदेशी
      • कुटुम्ब प्रबोधन
      • सामाजिक समरसता
      • नागरिक कर्तव्य
      • पर्यावरण
    • संघ गीत
  • सम्पादकीय
  • काम की खबरें
  • स्वदेशी
  • जीवनशैली
  • अधिक
    • विभाजन-विभीषिका
    • पाञ्चजन्य इवेंट
      • सुशासन संवाद
      • सागर मंथन
      • मुंबई संकल्प
      • अष्टायाम
      • गुरुकुलम
      • साबरमती संवाद
      • आधार इन्फ्रा
    • वेब स्टोरी
    • ऑपरेशन सिंदूर
    • विश्लेषण
    • लव जिहाद
    • खेल
    • मनोरंजन
    • यात्रा
    • स्वास्थ्य
    • धर्म-संस्कृति
    • पर्यावरण
    • बिजनेस
    • साक्षात्कार
    • शिक्षा
    • रक्षा
    • कला-साहित्य
      • पुस्तकें
      • पुस्तक समीक्षा
    • सोशल मीडिया
    • विज्ञान और तकनीक
    • मत अभिमत
    • श्रद्धांजलि
    • संविधान
    • आजादी का अमृत महोत्सव
    • मानस के मोती
    • जनजातीय नायक
    • पॉडकास्ट
    • पत्रिका
    • हमारे लेखक
  • Subscribe
    • Subscribe Print Edition
    • Subscribe Ecopy
    • Read Ecopy
Panchjanya
panchjanya android mobile app
  • होम
  • भारत
  • विश्व
  • संघ @100
  • सम्पादकीय
  • काम की खबरें
  • स्वदेशी
  • जीवनशैली
  • विश्लेषण
  • मत अभिमत
  • रक्षा
  • धर्म-संस्कृति
  • पत्रिका
  • पाञ्चजन्य इवेंट
  • Print Edition
  • Ecopy
होम विश्व

आप्रवासी विरोधी ‘March For Australia’ रैलियां निकालीं ‘Neo-Nazi’ तत्वों ने, भारतवंशियों को बनाया निशाना

आस्ट्रेलिया सरकार ने इन रैलियों की कड़ी आलोचना की। वहां के पर्यावरण मंत्री मरे वॉट ने कहा है कि 'हम ऐसी रैलियों का समर्थन नहीं करते जो नफरत फैलाती हैं और समाज को बांटती हैं'

Written byAlok GoswamiAlok Goswami
Sep 1, 2025, 02:55 pm IST
in विश्व, विश्लेषण
पर्यावरण मंत्री मरे वॉट ने कहा, 'हम ऐसी रैलियों का समर्थन नहीं करते जो नफरत फैलाती हैं'

पर्यावरण मंत्री मरे वॉट ने कहा, 'हम ऐसी रैलियों का समर्थन नहीं करते जो नफरत फैलाती हैं'

आस्ट्रेलिया के अनेक प्रमुख शहरों, जैसे सिडनी, मेलबर्न, ब्रिसबेन, कैनबरा, एडिलेड और पर्थ में ‘मार्च फॉर आस्ट्रेलिया’ नाम से निकाली गईं। रिपोर्ट है कि इन रैलियों में हजारों स्थानीय लोगों ने भाग लिया। रैलियों का उद्देश्य था ‘आप्रवासन के विरुद्ध’ आवाज उठाना, लेकिन इनका जो स्वरूप दिखा वह विशेष रूप से भारतवंशियों को निशाना बनाने की कवायद जैसा महसूस हुआ। आस्ट्रेलिया सरकार ने इन रैलियों की भर्त्सना करते हुए इन्हें समाज को तोड़ने वाले तत्वों की ​कारिस्तानी बताया है। इन तत्वों को सरकार ने ‘नियो—नाजी’ भी कहा।

लेकिन सरकार के उक्त बयान से उलट इन रैलियों के आयोजकों ने दावा किया कि ‘हमारे देश की सड़कें विदेशी संघर्ष, भरोसे की कमी और सांस्कृतिक क्षरण के तेज होते जाने की गवाह बन रही हैं।’ रैली में बांटे गए पर्चों पर ​भी लिखा गया था कि ‘पिछले पांच वर्ष में जितने भारतीय आए हैं, उतने यूनानी और इतालवी सौ वर्ष में नहीं आए थे। यह कोई मामूली सांस्कृतिक बदलाव नहीं, बल्कि एक बड़ी आबादी का यहां बसते जाना है।’

दूसरी ओर ऐसा मानने वाले भी कम नहीं हैं कि रैली निकालने वालों की ऐसी भाषा न केवल भेदभावपूर्ण है, बल्कि यह एक भय और असंतोष की भावना को दर्शाती है, जो कुछ वर्गों में आप्रवासन को लेकर व्याप्त है। यह सोच अक्सर आर्थिक दबाव, संसाधनों की मारामारी तथा सांस्कृतिक पहचान खत्म होने के बेसिरपैर के भय से जुड़ी होती है।

जैसा पहले बताया, आस्ट्रेलिया सरकार ने इन रैलियों की कड़ी आलोचना की। वहां के पर्यावरण मंत्री मरे वॉट ने कहा, ‘हम ऐसी रैलियों का समर्थन नहीं करते जो नफरत फैलाती हैं और समाज को बांटती हैं।’ गृह मामलों के मंत्री टोनी बर्क ने इस प्रयास को ‘आधुनिक आस्ट्रेलिया के विरुद्ध’ बताया और कहा कि माहौल ऐसा बनना चाहिए जहां ‘हर आस्ट्रेलियाई, चाहे वह कहीं भी जन्मा हो, को सुरक्षित महसूस हो।’ एक अन्य मंत्री ऐनी अली ने इन रैलियों को ‘नस्लवाद और जातीय अहम पर आधारित’ बताया और कहा कि ‘ऐसी सोच का आधुनिक आस्ट्रेलिया में कोई स्थान नहीं है।’

आस्ट्रेलिया सरकार ने इन रैलियों की भर्त्सना करते हुए इन्हें समाज को तोड़ने वाले तत्वों की ​कारिस्तानी बताया है। इन तत्वों को सरकार ने ‘नियो-नाजी’ भी कहा

उल्लेखनीय है कि आस्ट्रेलिया में भारतवंशियों की संख्या तेजी से बढ़ रही है। साल 2023 की जनगणना के अनुसार, भारतीय मूल के लोग अब देश की कुल जनसंख्या का 3 प्रतिशत से अधिक हैं यानी लगभग 8.45 लाख भारतीय वहां हैं। आज शिक्षा, स्वास्थ्य, आईटी और व्यवसाय जैसे क्षेत्रों में भारतीयों का महत्वपूर्ण योगदान है। इसके बावजूद, उन्हें इन रैलियों में विशेष रूप से निशाना बनाया गया, जिससे यह स्पष्ट होता है कि नस्लवादी पूर्वाग्रह आज भी समाज के कुछ हिस्सों में मौजूद है। रैली में भाग लेने वाले कई लोगों ने कहा कि आप्रवासी ‘हमारे संसाधनों जैसे आवास, अस्पताल, सड़कों का उपभोग कर रहे हैं जबकि हमारे बच्चे इनके लिए संघर्ष कर रहे हैं।’

आस्ट्रेलिया एक बहुसांस्कृतिक राष्ट्र है, जहां आधे से अधिक लोग या तो विदेश में जन्मे हैं या उनके माता-पिता विदेश में जन्मे थे। इस विविधता को न केवल स्वीकार करना, बल्कि उसका सम्मान करना आधुनिक लोकतंत्र की पहचान है। सरकार की प्रतिक्रिया इस बात की पुष्टि करती है कि वह इस विविधता को बनाए रखने के लिए प्रतिबद्ध है।

इन रैलियों ने एक बात तो साबित की है कि आस्ट्रेलिया में एक वोक वर्ग खड़ा किया जा रहा है जो समाज में अब एक दरार पैदा करने की कोशिश कर रहा है। खालिस्तानी उग्रपंथी गुरपतवंत पन्नू और उसके गुर्गे भी उस देश में सक्रिय हैं जो कुछ देशों में भारत विरोधी भाव पैदा करने की असफल कोशिश कर रहे हैं। पाकिस्तान से मिल रहे कथित पैसों और रणनीतिक मदद से उनका एजेंडा ही भारतवंशियों के प्रति नफरत पैदा करना, भारत की मोदी सरकार के विरुद्ध दुष्प्रचार करना और खालिस्तान की अलगावादी सोच को आगे बढ़ाना रहा है। बहुत संभव है आस्ट्रेलिया में ऐसी विभेदकारी रैलियां निकालने वालों के पीछे ऐसी ताकतें छिपी हों। आस्ट्रेलिया की सरकार को ऐसे सभी प्रयासों को गंभीरता से पहचानकर उन्हें शुरू में ही दबाना होगा।

वहां भारतवंशियों और अन्य आप्रवासियों को निशाना बनाना न केवल अनैतिक है, बल्कि यह उस मूल भावना के खिलाफ है जिस पर आधुनिक आस्ट्रेलिया खड़ा है। सरकार की स्पष्ट प्रतिक्रिया और समाज के प्रगतिशील वर्गों की इसके विरुद्ध सक्रियता इस बात का संकेत है कि नफरत और विभाजन की राजनीति को व्यापक समर्थन नहीं मिलेगा।

Topics: indian diasporamarch for australiaIndiaNeo NazihalistaniProtestभारतआस्ट्रेलियानस्लवाद
Alok Goswami
Alok Goswami
A Delhi based journalist with over 25 years of experience, have traveled length & breadth  of the country and been on foreign assignments too. Areas of interest include Foreign Relations, Defense, Socio-Economic issues, Diaspora, Indian Social scenarios, besides reading and watching documentaries on travel, history, geopolitics, wildlife etc. [Read more]
ShareTweetSendShareSend
Subscribe Panchjanya YouTube Channel
Download Panchjanya mobile apps: Google Play Store  / App Store

संबंधित समाचार

AI generated image

भुखमरी कम करने में भारत बना दुनिया का सबसे बड़ा हीरो, UN रिपोर्ट में बड़ा खुलासा

Jantar Mantar Protest: राजीव चौक मेट्रो में घुसे सैकड़ों CJP प्रदर्शनकारी, मची अफरा-तफरी

BIMSTEC बैठक में भारत के एनएसए अजीत डोवल

BIMSTEC का नेता भारत, New Delhi बैठक में NSA Doval ने कहा-खतरे अनेक समाधान एक-सहयोग और समन्वय

Explainer: भारत को तकनीकी रूप से आत्मनिर्भर बनाने का रोडमैप, MODI की टेक क्रांति, बूम पर इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग

Racism with indian trucker in austrelia

“भारतीयों को मार डालो, बच्चों को डुबो दो…औरतों को गुलामी में बेंचो”– ऑस्ट्रेलिया में भारतीयों के साथ हिंसक नस्लवाद

मेलबर्न मीट्स मोदी में करनाल का लाल छाया, PM मोदी ने सिर पर हाथ रखकर दिया आशीर्वाद

Load More

ताज़ा समाचार

25 जुलाई का पंचांग

25 जुलाई 2026 का पंचांग: जानें कल की एकादशी, ग्रहों की स्थिति, शुभ योग और सभी शुभ मुहूर्त

प्रतीकात्मक तस्वीर

हापुड़ की मस्जिद में 6 साल की बच्ची के साथ हैवानियत! मौलाना पर गंभीर आरोप

सरकार ने मानी CJP की दो मांग

सरकार और CJP की बैठक में क्या-क्या हुआ? किन दो मांगों पर बनी सहमति, कहां फंस गई बात

पेपर लीक रोकने के लिए सरकार ने बनाई नई योजना

पेपर लीक पर मोदी सरकार का बड़ा एक्शन: अब 10 साल की जेल, ₹10 करोड़ जुर्माना और 3 महीने में होगा फैसला

पीयूष गोयल, केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री

पाकिस्तानी प्रोपगैंडा अकाउंट्स ने पीयूष गोयल का AI वीडियो किया वायरल, PIB फैक्ट चेक ने खोल दी पोल

दिल्ली मेट्रो

दिल्ली वालों के लिए बड़ी खबर! अब यह मेट्रो स्टेशन भी अगले आदेश तक बंद

प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी

Explainer: पेपर लीक की जांच के लिए फास्ट ट्रैक कोर्ट अच्छा और सशक्त विचार, क्या बदलेगी स्थिति?

EPFO

EPFO ने खातों में भेजा ब्याज, मोबाइल पर आया SMS? ऐसे मिनटों में चेक करें अपना PF बैलेंस

Punjab drugs overdose

पंजाब बना देश के लिए नशे का प्रवेशद्वार: यहां से पाकिस्तान देश के अन्य हिस्सों में सप्लाई कर रहा ड्रग्स

Sambhal violence administration extends ban on entry of outsiders till 10 dec

संभल हिंसा के मुख्य अभियुक्त वारिस के खिलाफ NSA के तहत कार्रवाई

Load More
  • Privacy
  • Terms
  • Cookie Policy
  • Refund and Cancellation
  • Delivery and Shipping

© Bharat Prakashan (Delhi) Limited.
Tech-enabled by Ananthapuri Technologies

  • Search Panchjanya
  • होम
  • भारत
    • अंडमान और निकोबार द्वीप
    • दादरा और नगर हवेली एवं दमन और दीव
    • अरूणाचल प्रदेश
    • असम
    • आंध्र प्रदेश
    • उत्तराखंड
    • उत्तर प्रदेश
    • ओडिशा
    • कर्नाटक
    • केरल
    • गुजरात
    • गोवा
    • चण्‍डीगढ़
    • छत्तीसगढ़
    • जम्‍मू एवं कश्‍मीर
    • झारखण्‍ड
    • तमिलनाडु
    • तेलंगाना
    • त्रिपुरा
    • दिल्ली
    • नागालैण्‍ड
    • पंजाब
    • पश्चिम बंगाल
    • पुडुचेरी
    • बिहार
    • मणिपुर
    • मध्य प्रदेश
    • महाराष्ट्र
    • मिजोरम
    • मेघालय
    • राजस्थान
    • लक्षद्वीप
    • लद्दाख
    • सिक्किम
    • हरियाणा
    • हिमाचल प्रदेश
  • विश्व
  • संघ @100
    • संघ को जानें
    • पंच परिवर्तन
      • स्वदेशी
      • सामाजिक समरसता
      • कुटुम्ब प्रबोधन
      • पर्यावरण
      • नागरिक कर्तव्य
    • संघ गीत
  • सम्पादकीय
  • काम की खबरें
  • स्वदेशी
  • जीवनशैली
  • विभाजन-विभीषिका
  • पाञ्चजन्य इवेंट
    • सुशासन संवाद
    • सागर मंथन
    • मुंबई संकल्प
    • अष्टायाम
    • गुरुकुलम
    • साबरमती संवाद
    • आधार इन्फ्रा
  • वेब स्टोरी
  • ऑपरेशन सिंदूर
  • विश्लेषण
  • लव जिहाद
  • खेल
  • मनोरंजन
  • यात्रा
  • स्वास्थ्य
  • धर्म-संस्कृति
  • पर्यावरण
  • बिजनेस
  • साक्षात्कार
  • शिक्षा
  • रक्षा
  • कला-साहित्य
    • पुस्तकें
    • पुस्तक समीक्षा
  • सोशल मीडिया
  • विज्ञान और तकनीक
  • मत अभिमत
  • श्रद्धांजलि
  • संविधान
  • आजादी का अमृत महोत्सव
  • पॉडकास्ट
  • पत्रिका
  • हमारे लेखक
  • Read Ecopy
  • प्रसार विभाग – Circulation
  • About Us
  • Contact Us
  • Careers @ BPDL
  • Advertise
  • Privacy Policy

© Bharat Prakashan (Delhi) Limited.
Tech-enabled by Ananthapuri Technologies