चीन के तिनजियांग में शंघाई सहयोग संगठन (SCO) की बैठक में शामिल हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पहलगाम आतंकी हमले को लेकर पाकिस्तान को बेनकाब कर दिया। उन्होंने स्पष्ट कहा कि आतंकवाद किसी एक देश के लिए नहीं, बल्कि समूची मानवता के लिए चुनौती है। कोई भी देश, समाज या नागरिक खुद को इससे सुरक्षित नहीं मान सकता है।
पीआईबी की रिपोर्ट के अनुसार, प्रधानमंत्री ने अपने भाषण की शुरुआत में 25 शिखर सम्मेलन को लेकर शी जिनपिंग को धन्यवाद दिया। साथ ही उज्बेकिस्तान और किर्गिस्तान को उनके राष्ट्रीय दिवस की बधाई भी दी। उन्होंने कहा कि SCO पिछले 24 सालों में यूरेशिया क्षेत्र को एक बड़े परिवार की तरह जोड़ने में अहम भूमिका निभा रहा है। भारत ने इसमें हमेशा सकारात्मक और रचनात्मक योगदान दिया है। हमारी नीति तीन मुख्य आधारों पर टिकी है: सुरक्षा (Security), कनेक्टिविटी (Connectivity), और अवसर (Opportunity)।
सुरक्षा: शांति और स्थिरता का आधार
सुरक्षा किसी भी देश के विकास की नींव है। लेकिन आतंकवाद, अलगाववाद और उग्रवाद इस रास्ते में सबसे बड़ी चुनौतियाँ हैं। आतंकवाद न सिर्फ किसी एक देश की सुरक्षा को खतरा है, बल्कि यह पूरी मानवता के लिए साझा खतरा है। कोई भी देश या समाज इससे अछूता नहीं रह सकता। भारत ने आतंकवाद के खिलाफ एकजुट होकर लड़ने की वकालत की है। SCO-RATS ने इस दिशा में महत्वपूर्ण काम किया है। इस साल भारत ने “अल-कायदा” और उससे जुड़े आतंकी संगठनों के खिलाफ संयुक्त सूचना अभियान का नेतृत्व किया। हमने कट्टरपंथ के खिलाफ समन्वय बढ़ाने और आतंकवाद के वित्तपोषण (टेरर फाइनेंसिंग) को रोकने के लिए ठोस कदम उठाने का प्रस्ताव रखा। इस समर्थन के लिए मैं सभी का आभार व्यक्त करता हूँ। पिछले चार दशकों से भारत आतंकवाद का दंश झेल रहा है। कितनी ही माँओं ने अपने बच्चे खोए, कितने बच्चे अनाथ हुए। हाल ही में पहलगाम में हुए आतंकी हमले ने हमें फिर से झकझोरा। यह हमला सिर्फ भारत पर नहीं, बल्कि मानवता में विश्वास रखने वाले हर देश और व्यक्ति के लिए चुनौती था। इस दुख की घड़ी में जो देश हमारे साथ खड़े रहे, मैं उनका शुक्रिया अदा करता हूँ। लेकिन सवाल उठता है कि क्या कुछ देशों द्वारा आतंकवाद का खुला समर्थन हमें मंजूर हो सकता है? हमें एक स्वर में कहना होगा कि आतंकवाद पर दोहरे मापदंड बिल्कुल स्वीकार्य नहीं हैं। हर रूप में इसका विरोध करना हमारा कर्तव्य है।
कनेक्टिविटी: विश्वास और विकास का द्वार
कनेक्टिविटी सिर्फ व्यापार ही नहीं बढ़ाती, बल्कि देशों के बीच विश्वास और विकास के रास्ते भी खोलती है। भारत इस सोच के साथ चाबहार पोर्ट और इंटरनेशनल नॉर्थ-साउथ ट्रांसपोर्ट कॉरिडोर जैसे प्रोजेक्ट्स पर काम कर रहा है। ये पहल अफ़गानिस्तान और मध्य एशिया के साथ संपर्क को मज़बूत करेंगी। लेकिन हम मानते हैं कि कनेक्टिविटी के हर प्रयास में देशों की संप्रभुता और क्षेत्रीय अखंडता का सम्मान होना चाहिए। यह SCO चार्टर के मूल सिद्धांतों में भी शामिल है। अगर कनेक्टिविटी संप्रभुता को नजरअंदाज करती है, तो वह विश्वास और अर्थ खो देती है।
अवसर: सहयोग और सुधार की राह
2023 में भारत की अध्यक्षता के दौरान SCO में नई ऊर्जा और विचारों का समावेश हुआ। हमने स्टार्टअप्स, पारंपरिक चिकित्सा, युवा सशक्तिकरण, डिजिटल समावेशन और साझा बौद्ध विरासत जैसे नए क्षेत्रों को सहयोग में शामिल किया। हमारा मकसद था कि SCO सिर्फ सरकारों तक सीमित न रहे, बल्कि आम लोग, युवा वैज्ञानिक, विद्वान और स्टार्टअप्स भी आपस में जुड़ें। इसे और मज़बूत करने के लिए मैं प्रस्ताव करता हूँ कि SCO के तहत एक सभ्यतागत संवाद मंच (Civilizational Dialogue Forum) बनाया जाए। इससे हम अपनी प्राचीन सभ्यताओं, कला, साहित्य और परंपराओं को वैश्विक मंच पर साझा कर सकते हैं। भारत आज “रिफॉर्म, परफॉर्म, ट्रांसफॉर्म” के मंत्र पर आगे बढ़ रहा है। कोविड हो या वैश्विक आर्थिक अस्थिरता, हमने हर चुनौती को अवसर में बदला है। हम लगातार सुधारों पर काम कर रहे हैं, जिससे भारत में विकास के साथ-साथ अंतरराष्ट्रीय सहयोग के नए रास्ते खुल रहे हैं। मैं सभी SCO सदस्यों को भारत की इस विकास यात्रा में शामिल होने का न्योता देता हूँ।
SCO का बदलता स्वरूप
SCO भी समय के साथ विकसित हो रहा है। संगठित अपराध, नशा तस्करी और साइबर सुरक्षा जैसी चुनौतियों से निपटने के लिए चार नए केंद्र बनाए जा रहे हैं। हम इस सुधारवादी सोच का स्वागत करते हैं। वैश्विक संस्थानों में सुधार के लिए SCO सदस्य आपसी सहयोग बढ़ा सकते हैं। संयुक्त राष्ट्र की 80वीं वर्षगांठ पर हम एकजुट होकर UN सुधार की मांग कर सकते हैं। ग्लोबल साउथ की आकांक्षाओं को पुराने ढांचों में कैद रखना नई पीढ़ी के साथ अन्याय है। हमें नई स्क्रीन चाहिए, जो नई पीढ़ी के रंगीन सपनों को दिखा सके। SCO बहुपक्षीय और समावेशी विश्व व्यवस्था का मार्गदर्शक बन सकता है। मुझे खुशी है कि इस विषय पर आज एक बयान जारी किया जा रहा है।

















