छत्तीसगढ़ के जगदलपुर से सनातन धर्म में घर वापसी का मामला प्रकाश में आया है, जहां ईसाई बनाए गए दो परिवारों के 8 लोगों ने एक बार फिर से सनातन धर्म अपना लिया है। इन सभी को बरगलाकर ईसाई मिशनरियों ने क्रास पहना दिया था।
रिपोर्ट्स के अनुसार, घर वापसी करने वाले लोग वनवासी समुदाय से आते हैं। कुछ साल ही ये ईसाई मिशनरियों के बहकावे में आ गए थे। मिशनरियों ने इन्हें कथित तौर पर अच्छी शिक्षा, अच्छी जीवन शैली और पैसों का लालच देकर ईसाई बना दिया था। लेकिन जल्द ही इन लोगों को इनकी भूल का अहसास हुआ कि ये तो हिन्दू हैं और इनके साथ धोखा किया गया है।
लंबे वक्त से ये लोग घर वापसी की राह देख रहे थे। इस बीच जिले के अलनार गांव के अंतर्गत आने वाले कचरा पाठी परगना में हिन्दू संगठनों के द्वारा भूले-भटके लोगों के लिए चलाए जा रहे घर वापसी अभियान से प्रेरित होकर इन सभी ने एक बार फिर से सनातन धर्म में घर वापसी कर ली।
घर वापसी करने वालों में कमल कुमार, विमल कुमार, संगीता कुमार, कलावती कुमार, आहान कुमार , घासीराम कुमार, सुनील कुमार और फूल कुमार शामिल हैं।

















