ट्रंप टैरिफ के बीच भारत लगातार व्यापार के नए अवसर तलाश रहा है। इसी क्रम में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भारत-जापान वार्षिक बातचीत के लिए टोक्यो पहुंचे हैं। टोक्यो में भारतीय समुदाय में पीएम मोदी का शानदार स्वागत किया। इस बीच टोक्यो में आज (29 अगस्त 2025) प्रधानमंत्री ने एक बिजनेस फोरम को संबोधित किया। उन्होंने कहा कि जापान टेक्नोलॉजी का पॉवर हाउस है और भारत टैलेंट का। दोनों मिलकर दुनिया में टेक क्रांति ला सकते हैं।
इस बीच प्रधानमंत्री ने जापान के साथ भारत के रिश्तों को विशेष रणनीतिक और वैश्विक साझीदारी का नाम दिया। साथ ही कहा कि दोनों देशों की दोस्ती भरोसे की मिसाल है। उन्होंने जिक्र किया कि पिछले 11 सालों में दोनों देशों ने मेट्रो रेल, मैन्युफैक्चरिंग, सेमीकंडक्टर और स्टार्टअप जैसे क्षेत्रों में शानदार काम किया है। इस मौके पर पीएम मोदी ने मुंबई-अहमदाबाद हाई-स्पीड रेल प्रोजेक्ट को लेकर कहा कि जापान की ही मदद से ये तेजी से आगे बढ़ रहा है। यह प्रोजेक्ट न सिर्फ भारत के इन्फ्रास्ट्रक्चर को मजबूत कर रहा है, बल्कि दोनों देशों के तकनीकी तालमेल का भी शानदार उदाहरण है।
‘मेक इन इंडिया, मेक फॉर द वर्ल्ड’ का न्योता
मोदी ने जापानी बिजनेस लीडर्स से ‘मेक इन इंडिया, मेक फॉर द वर्ल्ड’ का हिस्सा बनने की अपील की। उन्होंने बताया कि भारत में पिछले कुछ सालों में जबरदस्त बदलाव आए हैं। “आज भारत में स्थिर सरकार और मजबूत अर्थव्यवस्था है। डिजिटल इंडिया, स्टार्टअप इंडिया और स्किल इंडिया जैसे कदमों ने देश को नई दिशा दी है।” उन्होंने गर्व से कहा कि जापानी कंपनियों ने भारत में अब तक 40 बिलियन डॉलर से ज्यादा का निवेश किया है, जिसमें पिछले दो सालों में ही 13 बिलियन डॉलर आए हैं। मोदी ने जापानी कंपनियों को भारत में मैन्युफैक्चरिंग बढ़ाने और ग्लोबल मार्केट के लिए प्रोडक्ट्स बनाने का न्योता दिया।
टेक्नोलॉजी और टैलेंट का धमाकेदार कॉम्बो
“जापान टेक्नोलॉजी का पावरहाउस है, और भारत टैलेंट का,” मोदी ने उत्साह से कहा। उन्होंने भारत के युवाओं की प्रतिभा और जापान की तकनीकी ताकत को मिलाकर इस सदी में टेक क्रांति लाने की बात कही। खास तौर पर AI, सेमीकंडक्टर, क्वांटम कंप्यूटिंग, बायोटेक्नोलॉजी और अंतरिक्ष जैसे क्षेत्रों में भारत की बड़ी योजनाओं का जिक्र किया। उन्होंने कहा कि यह साझेदारी न सिर्फ भारत और जापान को फायदा देगी, बल्कि ग्लोबल साउथ, खासकर अफ्रीका, के विकास में भी मदद करेगी।
नए क्षेत्र, नई संभावनाएं
मोदी ने ऑटोमोबाइल सेक्टर में दोनों देशों की कामयाबी का जिक्र करते हुए कहा कि बैटरी, रोबोटिक्स, सेमीकंडक्टर, शिप-बिल्डिंग और न्यूक्लियर एनर्जी जैसे क्षेत्रों में भी ऐसा ही कमाल हो सकता है। दोनों देशों ने क्लीन एनर्जी के लिए जॉइंट क्रेडिट मैकेनिज्म पर भी समझौता किया, जो पर्यावरण के प्रति उनकी प्रतिबद्धता दिखाता है। मोदी ने बताया कि जापान भारत में अपने निवेश को दोगुना करने की सोच रहा है, जो 10 ट्रिलियन येन तक जा सकता है।
सेंडाई में सेमीकंडक्टर का दौरा
यात्रा के दूसरे दिन मोदी और इशिबा हाई-स्पीड ट्रेन से सेंडाई जाएंगे, जहां वे एक सेमीकंडक्टर फैसिलिटी देखेंगे। यह दौरा दोनों देशों के तकनीकी सहयोग को और मजबूत करेगा। इसके बाद मोदी चीन में SCO शिखर सम्मेलन के लिए रवाना होंगे।

















