ओडिशा के पुरी स्थित विश्वविख्यात 12वीं शताब्दी के श्रीजगन्नाथ मंदिर की सुरक्षा एक बार फिर सवालों के घेरे में आ गई है। बीते एक महीने में लगातार छिपे कैमरों और ताज़ा ड्रोन उड़ान की घटनाओं के कारण सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल उठ रहा है। मंदिर प्रबंधन और पुलिस द्वारा कड़े प्रतिबंधों के बावजूद श्रद्धालुओं द्वारा फोटोग्राफी और वीडियोग्राफी के प्रयास लगातार सामने आ रहे हैं।
ताजा घटना बुधवार को सामने आई, जब पश्चिम बंगाल के उत्तर 24 परगना ज़िले का निवासी 31 वर्षीय अरुप राय अपने परिवार के साथ दर्शन के लिए मंदिर पहुँचे । इस दौरान वह ऐसे चश्मे पहने हुए था, जिनमें गुप्त कैमरा लगा हुआ था। संदेह होने पर मंदिर पुलिसकर्मी हरिहर प्रतिहारी ने उसे रोक लिया और जाँच के लिए सिंहद्वार थाने ले जाया गया।
पुरी के पुलिस अधीक्षक (एसपी) प्रतीक सिंह ने घटना की पुष्टि करते हुए बताया कि आरोपी से बरामद कैमरे को ज़ब्त कर लिया गया है और उसके खिलाफ श्रीजगन्नाथ मंदिर अधिनियम के तहत कार्रवाई की जा रही है। उन्होंने कहा कि श्रद्धालु चाहे किसी भी रूप में गुप्त उपकरण अंदर लाने की कोशिश करें, हमारी विशेष रूप से प्रशिक्षित सुरक्षा टीम उन्हें पकड़ लेगी। मंदिर परिसर में लगे पुराने ‘नो फोटोग्राफी’ बोर्ड भी जल्द ही नए और अधिक स्पष्ट साइनबोर्ड से बदले जाएंगे।”
लेकिन इसी बीच बुधवार देर रात मंदिर पर एक और सुरक्षा संकट दिखा , जब श्रद्धालुओं और स्थानीय लोगों ने मंदिर परिसर के ऊपर एक ड्रोन को उड़ते हुए देखा। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, यह ड्रोन पहले मार्केट चाक क्षेत्र से उड़ता हुआ मंदिर की ओर बढ़ा और उसके ऊपर कुछ देर मंडराने के बाद डोलमंडप साही की दिशा में चला गया।
चूँकि श्रीजगन्नाथ मंदिर और इसके आसपास का क्षेत्र औपचारिक रूप से ‘नो-फ्लाइंग ज़ोन’ घोषित है, इसलिए ड्रोन की यह गतिविधि गंभीर चिंता का विषय बन गई है। अभी तक पुलिस न तो ड्रोन के संचालक का पता लगा पाई है और न ही उसके उड़ान स्थल की पुष्टि कर सकी है। प्रारंभिक अनुमान है कि ड्रोन को मार्केट चाक के आस-पास से उड़ाया गया होगा। इन घटनाओं ने न केवल श्रद्धालुओं की सुरक्षा बल्कि मंदिर की गरिमा और ऐतिहासिक धरोहर की पवित्रता को लेकर भी चिंता गहरा दी है। विशेषज्ञ मानते हैं कि यदि सुरक्षा में ये चूकें लगातार होती रहीं, तो इसका दूरगामी प्रभाव मंदिर की प्रतिष्ठा पर पड़ सकता है।
हाल ही में सामने आये सुरक्षा उल्लंघन के मामले
- 27 अगस्त: पश्चिम बंगाल के अरुप राय को जासूसी कैमरे वाले चश्मे के साथ मंदिर में प्रवेश करने पर पकड़ा गया।
- 5 अगस्त: पश्चिम बंगाल के एक युवक को गुप्त कैमरा चश्मे के साथ गिरफ्तार किया गया।
- 4 अगस्त: गुजरात से आए एक श्रद्धालु को इसी तरह के कैमरा लगे चश्मे के साथ पकड़ा गया।
- 29 जुलाई: पुरी का ही एक युवक मंदिर के अंदर गुप्त कैमरा उपकरण के साथ रंगे हाथों पकड़ा गया।










