देहरादून: धामी सरकार सरकारी भूमि पर अपने अतिक्रमण अभियान को और धार देने जा रही है। जानकारी के मुताबिक, अतिक्रमण करने वालों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता के अंतर्गत मुकदमे दर्ज किए जा सकते है। उल्लेखनीय है कि उत्तराखंड में सरकारी भूमि पर अतिक्रमण एक जटिल और बड़ी समस्या बनी हुई है। पिछले दो सालों में 9 हजार एकड़ सरकारी भूमि अतिक्रमणकारियों से खाली करवायी गई है।
अभी भी हजारों हैक्टेयर सरकारी भूमि पर लोगों के अवैध कब्जे है , इसमें राजस्व ग्राम घोषित प्रस्तावित प्रक्रिया में शामिल ग्रामों को छोड़ कर शेष भूमि को अतिक्रमण मुक्त करवाने का अभियान धामी सरकार ने तेज किया हुआ है। जानकारी के मुताबिक, अभी तक प्रशासन द्वारा अतिक्रमण करने वालों को नोटिस दिए जा रहे थे, अब नोटिस में भारतीय न्याय संहिता की धारा 111 के तहत क़ानूनी कारवाई करने के विषय भी जोड़े जाएंगे। उक्त धारा में जमीन कब्जे को भी अपराध माना जाता है। प्रशासन अब भूमि कब्जाने वालों के खिलाफ़ सीधे एफ आई आर दर्ज कर सकेगा।
उत्तराखंड में सरकारी भूमि पर कब्जे कर उसे खुर्दबुर्द करने वाले कई गिरोह चिन्हित किए गए है। इनपर अब सरकार कानूनी धाराओं के साथ साथ गिरोहबंदी ( गैंगस्टर) एक्ट भी लगाने का निर्णय लेने जा रही है। वन विभाग ,लोक निर्माण, सिंचाई, नदी श्रेणी, राजस्व, ग्राम समाज (सभा) आदि सरकारी विभागों की भूमि पर बड़े पैमाने पर अवैध कब्जे है। पिछले दिनों धामी सरकार ने एक ऐप भी जारी किया है जिसमें अतिक्रमण करने के मामले तुरंत सामने आ जाएंगे। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी लगातार ये कहते आए हैं कि राज्य सरकार अपनी भूमि से अवैध कब्जे हटाने के लिए प्रतिबद्ध है। हमारे पास भूमि की कमी है हमें अपनी जमीन हर हाल में चाहिए और ये अभियान जारी है।

















