हिंदू धर्म में भगवान गणेश को प्रथम पूज्य देवता माना जाता है। किसी भी शुभ कार्य की शुरुआत गणपति वंदना के बिना अधूरी मानी जाती है। गणेश जी को मोदक अत्यंत प्रिय हैं, इसलिए हर गणेश चतुर्थी या विशेष पूजा-अर्चना के अवसर पर उन्हें मोदक का भोग अवश्य लगाया जाता है। मोदक न केवल श्रद्धा का प्रतीक है, बल्कि यह एक स्वादिष्ट मिठाई भी है जिसे घर पर आसानी से बनाया जा सकता है। इस आर्टिकल में हम जानेंगे कि भगवान गणेश को भोग लगाने के लिए मोदक कैसे बनाया जाए।
सामग्री- (10-12 मोदक के लिए)- चावल का आटा – 1 कप, पानी – 1 कप, घी – 1 चम्मच, ताजा नारियल कद्दूकस किया हुआ – 1 कप, गुड़ (कसा हुआ या बारीक टुकड़ों में) – ¾ कप, इलायची पाउडर – ½ चम्मच, खसखस (वैकल्पिक) – 1 चम्मच, ड्राई फ्रूट्स (बारीक कटे हुए, वैकल्पिक)।
विधि- भरावन तैयार करें- सबसे पहले एक कड़ाही में कसा हुआ नारियल और गुड़ डालें। धीमी आंच पर गुड़ गरम करो और उसमें नारियल डालो। फिर इलायची पाउडर, खसखस और सूखे मेवे डालो। इसे 5–7 मिनट तक भूनो जब तक थोड़ा सूख न जाए। अब इसे ठंडा होने दो। आटा गूंधने के लिए- एक पैन में पानी, थोड़ा-सा नमक और 1 चम्मच घी डालो। जब पानी उबलने लगे, तब थोड़ा-थोड़ा चावल का आटा डालकर चलाओ ताकि गुठलियाँ न बनें। अब इसे 2–3 मिनट ढककर पकाओ। ठंडा होने पर हाथों में घी लगाकर आटा नरम गूंध लो। मोदक बनाना- आटे की छोटी-छोटी लोइयां बनाएं। हर लोई को हथेली से हल्के से दबाकर छोटा सा कटोरी जैसा आकार दें। अब इसमें एक चम्मच भरावन भरें और किनारों को उठाकर मोड़ते हुए ऊपर की ओर बंद करें, जिससे मोदक का पारंपरिक आकार बने। इसी तरह सारे मोदक तैयार करें।
स्टीम- मोदक को घी लगी थाली या केले के पत्ते पर रखकर इडली कुकर में 10–15 मिनट धीमी आँच पर भाप में पकाएँ। जब मोदक पक जाएँगे, तो वे थोड़े पारदर्शी और चमकदार दिखाई देने लगेंगे। मोदक तैयार होने के बाद भगवान गणेश की मूर्ति के समक्ष उन्हें एक थाली में सजा कर रखें। “गणपति बप्पा मोरया” का जाप करते हुए उन्हें प्रेमपूर्वक मोदक समर्पित करें।















