चमोली। थराली में बादल फटने और भूस्खलन ने भारी तबाही मचाई है। इस दौरान कई घरों में मलबा और पानी भर गया और पेड़ गिरने से नुकसान हुआ है। आपदा की चपेट में सरस्वती शिशु मंदिर और कई वाहन भी आए हैं। उत्तराखंड पुलिस की टीम मौके पर पहुंची हुई है।
जिलाधिकारी संदीप तिवारी ने बताया कि देर रात करीब 12 बजे तेज बारिश के दौरान बादल फटा और थराली कस्बे में नुकसान हुआ है, एक लड़की के लापता होने की सूचना है। एसडीआरएफ और स्थानीय पुलिस के जवान राहत कार्यों में जुटे हुए हैं। घटना से पूर्व स्थानीय लोगों ने मौसम के हालात को देखते हुए काफी हद तक अपने को सुरक्षित स्थानों पर स्वयं पहुंचाया।
थराली बाजार की गलियों में नालों के पानी के साथ मलबा पहुंचा। सरस्वती शिशु मंदिर भवन को भी नुकसान हुआ है और आसपास के बड़े पेड़ भी गिर गए। कई छोटे वाहन मलबे में दब गए। स्थानीय लोग प्रशासन के साथ मिलकर सहयोग कर रहे हैं।
झील का पानी कम हुआ
उत्तरकाशी में स्यानाचट्टी नौगांव में यमुना नदी के बहाव के रास्ते बनी झील के मुहाने पर कल देर शाम विस्फोट किया गया, जिसके बाद से पानी का रिसाव शुरू हो गया। जिलाधिकारी प्रशांत आर्य स्वयं मौके पर मौजूद रहे। सुबह होने तक झील का जल स्तर करीब चार फुट नीचे चला गया था और पुल के नीचे से यमुना का जल बहा दिखा।
कल स्थानीय लोगों के घरों तक यमुना का पानी घुस गया था, जिसके बाद उनमें गुस्सा भी देखा गया। जानकारी के मुताबिक गाद-गदेरो से मलबा आने की वजह से यमुना का प्रवाह बाधित होने से यहां झील बन गई थी, जिसके पानी से पुल डूब गया और पूरा गांव जलमग्न हो गया था। प्रशासन ने स्थानीय लोगों को ऊपरी स्थानों पर पहुंचाया।
मुख्यमंत्री ने की हालात की समीक्षा
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने आपदा प्रबंधन सचिव विनोद सुमन से बातचीत कर थराली, स्यान चट्टी और धराली के बारे में जानकारी लेकर आवश्यक दिशा-निर्देश दिए है। गढ़वाल आयुक्त को भी प्रभावित क्षेत्रों में राहत कार्य सुनिश्चित किए जाने के लिए निर्देशित किया है।

















