गत 18 अगस्त को नई दिल्ली में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के वरिष्ठ कार्यकर्ता श्री रमेश प्रकाश के जीवन और योगदान को समर्पित पुस्तक ‘तन समर्पित, मन समर्पित’ का लोकार्पण हुआ। इस अवसर पर राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सरसंघचालक श्री मोहनराव भागवत ने रमेश जी के प्रेरणादायक गुणों पर प्रकाश डाला और इस बात पर जोर दिया कि कैसे उनके जीवन में त्याग, अनुशासन और सामाजिक सद्भाव के प्रति अथक प्रतिबद्धता के आदर्श प्रतिबिम्बित हुए।
एक समर्पित कार्यकर्ता की पहचान उपाधियों, धन या सार्वजनिक प्रशंसा से नहीं, बल्कि आंतरिक अनुशासन, विनम्रता और समाज के व्यापक हित के प्रति निरंतर प्रतिबद्धता से होती है। ऐसा व्यक्ति शांत, त्याग की भावना से परिपूर्ण होता है, हमेशा जिम्मेदारियों को निभाने के लिए तत्पर रहता है।
वह कभी भी पहचान की चाह नहीं रखता, और हमेशा अपने उदाहरण से दूसरों को प्रेरित करता रहता है। रमेश जी इन गुणों के प्रतीक थे। दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने सार्वजनिक जीवन में रमेश जी के योगदान की सराहना की और इस बात पर जोर दिया कि कैसे उनके मूल्य समाज की सेवा में पीढ़ियों का मार्गदर्शन करते रहेंगे।
इंडिया टुडे समूह की अध्यक्ष कली पुरी ने पुस्तक की सराहना करते हुए कहा कि यह राष्ट्र निर्माण में व्यक्तिगत त्याग के महत्व की समयोचित याद दिलाती है और पंच परिवर्तन के विचार के महत्त्व पर भी प्रकाश डालती है। ‘तन समर्पित, मन समर्पित’ पुस्तक सुरुचि प्रकाशन से प्रकाशित हुई है।
बता दें कि रमेश जी पहले प्रचारक थे। बाद में गृहस्थ बने। उन्होंने संघ के उत्तर क्षेत्र और दिल्ली प्रांत में संघचालक के नाते हजारों कार्यकर्ताओं का जीवन भर मार्गदर्शन किया।

















