22 अप्रैल को जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में एक बड़ा आतंकवादी हमला हुआ था। आतंकियों ने कई निर्दोष लोगों को मार डाला था। इस हमले की जिम्मेदारी आतंकी संगठन लश्कर-ए-तैयबा की शाखा TRF ने ली थी। इस हमले का जवाब देने के लिए भारत ने 7 मई को ऑपरेशन सिंदूर नामक सैन्य कार्रवाई शुरू की।
ऑपरेशन का उद्देश्य- भारत की सेना का मकसद था आतंकवादी कैंपों को तबाह करना और सीमा पार आतंकवाद को जड़ से खत्म करना। इस ऑपरेशन में भारतीय सेना ने पाकिस्तान और पीओके (पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर) में घुसकर आतंकवादियों के 9 ठिकानों को नष्ट कर दिया। इस कार्रवाई में 100 से ज्यादा आतंकवादी मारे गए।
पाकिस्तान की प्रतिक्रिया- पाकिस्तान सरकार और सेना ने इस ऑपरेशन को अपनी हार छुपाने के लिए जीत बताया। उन्होंने दावा किया कि भारतीय सेना को नुकसान हुआ है और वे सफल रहे हैं। उन्होंने अपने सैनिकों को मेडल तक बांटे, जो कि भारत के स्वतंत्रता दिवस के मौके पर हुआ लेकिन पाकिस्तान के एक वरिष्ठ पत्रकार नजम सेठी, जो पूर्व प्रधानमंत्री नवाज शरीफ के करीबी माने जाते हैं, ने पाकिस्तानी सेना के दावों की पोल खोल दी। नजम सेठी ने कहा कि पाकिस्तान की सेना भारत की मिसाइलें रोकने में पूरी तरह नाकाम रही। उनके पास S-400 या आयरन डोम जैसे आधुनिक एयर डिफेंस सिस्टम नहीं हैं, इसलिए भारत की मिसाइलें आसानी से पाकिस्तानी एयरबेस तक पहुंच गईं। नजम सेठी ने कहा कि पाकिस्तान को सोचना चाहिए कि क्या उसके पास ऐसा कोई हथियार है जिससे वह भारत में हिट कर सके। उन्होंने यह भी माना कि पाकिस्तान ने भारत की जमीन पर कोई बड़ा जवाबी हमला नहीं किया।
परमाणु हथियारों की चेतावनी- हालांकि नजम सेठी ने यह भी चेतावनी दी कि अगर स्थिति और बिगड़ी और पाकिस्तान के अस्तित्व को खतरा पहुंचा, तो पाकिस्तान परमाणु हथियार का इस्तेमाल करने से पीछे नहीं हटेगा। उन्होंने कहा कि ये हथियार सिर्फ दिखावा करने के लिए नहीं बनाए गए हैं, बल्कि अगर भारत लाहौर या कराची जैसे शहरों पर कब्जा करने या सिंधु जल समझौते को तोड़ने की कोशिश करता है, तो पाकिस्तान परमाणु हथियारों का इस्तेमाल कर सकता है।

















