15 अगस्त को स्वतंत्रता दिवस के मौके पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लाल किले से एक बहुत ही महत्वपूर्ण मिशन की घोषणा की, जिसे ‘मिशन सुदर्शन चक्र’ नाम दिया गया है। यह मिशन देश की सुरक्षा को और अधिक मजबूत बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम माना जा रहा है।
मिशन सुदर्शन चक्र का उद्देश्य- इस मिशन का मुख्य उद्देश्य यह है कि भारत की सीमाओं, सेना के ठिकानों, जरूरी असैन्य स्थलों जैसे रेलवे स्टेशन, अस्पताल, धार्मिक स्थानों और बड़े शहरों की सुरक्षा को नई तकनीक से मजबूत किया जाए। इस मिशन के तहत अत्याधुनिक हथियार और सुरक्षा प्रणाली विकसित की जाएगी जो आने वाले 10 वर्षों में यानी साल 2035 तक पूरी तरह लागू की जाएगी। प्रधानमंत्री ने कहा कि आज की दुनिया में युद्ध के तरीके बदल गए हैं। अब पारंपरिक युद्ध से ज्यादा तकनीक पर आधारित हमले जैसे ड्रोन अटैक, मिसाइल स्ट्राइक आदि हो रहे हैं। ऐसे में भारत को भी अपनी सुरक्षा प्रणाली को उसी हिसाब से तैयार करना होगा। इसी को ध्यान में रखते हुए यह मिशन शुरू किया जा रहा है।
इस योजना के तहत भारत ऐसे सिस्टम बनाएगा जो सिर्फ हमारी रक्षा नहीं करेंगे, बल्कि अगर जरूरत पड़ी तो दुश्मन पर जवाबी हमला भी कर सकेंगे। जैसे भगवान श्रीकृष्ण का सुदर्शन चक्र था- वह सीधे अपने निशाने पर वार करता था और फिर अपने आप वापस लौट आता था, ठीक वैसे ही यह सिस्टम भी काम करेगा।
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सुरक्षा कवच का विस्तार- प्रधानमंत्री ने बताया कि इस मिशन के जरिए देश के चार बड़े महानगरों और अन्य प्रमुख शहरों में भी आधुनिक डिफेंस सिस्टम लगाए जाएंगे। यह ड्रोन या मिसाइल हमलों से लोगों की जान-माल की रक्षा करेगा। जैसे ऑपरेशन सिंदूर में भारत के S-400 सिस्टम ने पाकिस्तान की मिसाइलें रोक ली थीं, वैसे ही अब भारत और भी बेहतर तकनीक बनाएगा। प्रधानमंत्री ने ‘मेक इन इंडिया’ और ‘आत्मनिर्भर भारत’ पर भी जोर दिया। उन्होंने कहा कि इस पूरी प्रणाली का अनुसंधान, विकास और निर्माण देश में ही किया जाएगा। यह देश के नौजवानों के टैलेंट और देशी तकनीक के बल पर होगा। देश में ही बनाए गए आधुनिक मिसाइल सिस्टम, जैसे आकाश मिसाइल, पिनाका रॉकेट सिस्टम और अब नए प्रकार की ‘टारगेटेड एक्शन मिसाइल’ भी तैयार की जाएंगी जो अपने लक्ष्य का पीछा कर उसे नष्ट करेंगी। प्रधानमंत्री ने कहा कि जब युद्ध के मैदान में तकनीक हावी हो रही है, तो भारत को भी अपनी सुरक्षा नीति को उसी स्तर पर अपग्रेड करते रहना होगा। समृद्धि तभी काम की है जब देश सुरक्षित हो।

















