हाल ही में पाकिस्तान के सेना प्रमुख जनरल आसिम मुनीर द्वारा अमेरिका की धरती पर दिया गया एक बयान काफी विवादों में है। उन्होंने भारत के खिलाफ परमाणु हमले की बात कही, जिसे लेकर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारी आलोचना हो रही है। इस बयान की आलोचना करते हुए ब्रिटेन के वरिष्ठ लेखक और राजनीतिक विश्लेषक डेविड वेंस ने इसे पूरी तरह से “घृणित, शर्मनाक और लापरवाह” बताया है।
डेविड वेंस की कड़ी प्रतिक्रिया- न्यूज एजेंसी एएनआई से बात करते हुए डेविड वेंस ने कहा कि इस तरह के बयान न केवल खतरनाक हैं, बल्कि अंतरराष्ट्रीय शांति के लिए भी गंभीर चुनौती हैं। उन्होंने कहा, “भारत जैसे शांतिप्रिय देश पर परमाणु हमले की बात करना पूरी तरह से पागलपन है। यह न सिर्फ भड़काऊ है बल्कि एक बड़े युद्ध की संभावना को भी जन्म दे सकता है।” वेंस ने यह भी कहा कि भारत ने इस भड़काऊ बयान का जवाब बहुत संतुलन और समझदारी के साथ दिया है। उन्होंने पाकिस्तान के रवैये को गैर-जिम्मेदाराना बताते हुए कहा कि ऐसे देश को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर जवाबदेह ठहराया जाना चाहिए।
अमेरिका की प्रतिक्रिया को बताया कमजोर- वेंस ने इस बात पर भी नाराजगी जताई कि पाकिस्तान के आर्मी चीफ ने यह बयान अमेरिकी धरती पर दिया। उन्होंने कहा कि यह अमेरिका का अपमान है, और अमेरिकी सरकार को इस पर कड़ी प्रतिक्रिया देनी चाहिए थी। उनके अनुसार, अमेरिका को पाकिस्तान से अपने राजनयिक संबंधों पर पुनर्विचार करना चाहिए, जब तक कि पाकिस्तान एक जिम्मेदार राष्ट्र की तरह व्यवहार न करे। उन्होंने कहा, “पाकिस्तान बार-बार भड़काऊ बयान देता है और संवेदनशील मुद्दों को हवा देता है। ऐसे में सवाल उठता है कि अमेरिका या पूर्व राष्ट्रपति ट्रंप इसे क्यों बर्दाश्त करते हैं?”
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हम परमाणु ब्लैकमेल से डरने वाले नहीं- भारत के विदेश मंत्रालय ने भी इस बयान की कड़ी आलोचना की है। मंत्रालय के प्रवक्ता ने कहा कि पाकिस्तान की ओर से इस तरह की परमाणु धमकी कोई नई बात नहीं है। यह उनका पुराना तरीका है, जिससे वह अंतरराष्ट्रीय मंच पर दबाव बनाने की कोशिश करते हैं। प्रवक्ता ने कहा, “अब दुनिया खुद देख सकती है कि ऐसे गैर-जिम्मेदार बयान कितने खतरनाक हो सकते हैं, खासकर जब ये उस देश से आ रहे हों जिसकी सेना आतंकवादियों के साथ मिलकर काम करती है। उन्होंने यह भी कहा कि इस तरह का बयान किसी तीसरे, दोस्ताना देश की धरती से दिया जाना विशेष रूप से दुर्भाग्यपूर्ण है। इससे उस देश की छवि पर भी असर पड़ता है। भारत ने दोहराया कि वह किसी भी तरह के परमाणु ब्लैकमेल या धमकी से डरने वाला नहीं है। भारत अपनी राष्ट्रीय सुरक्षा को लेकर पूरी तरह सतर्क है और जो भी कदम जरूरी होंगे, वे उठाए जाएंगे।

















