हाल के वर्षों में अमेरिका में बसे भारतीय समुदाय को कई प्रकार की सांस्कृतिक और धार्मिक चुनौतियों का सामना करना पड़ा है। इन चुनौतियों में सबसे चिंता जनक विषय है- हिंदू मंदिरों पर हो रहे हमले। ताजा घटना 10 अगस्त 2025 को इंडियाना के ग्रीनवुड शहर स्थित बीएपीएस स्वामीनारायण मंदिर में हुई, जहाँ मंदिर के मुख्य साइनबोर्ड को विकृत कर दिया गया और परिसर की दीवारों पर भारत और हिंदू विरोधी स्लोगन लिखे गए।
यह घटना अपने आप में पहली नहीं है। पिछले एक वर्ष के भीतर अमेरिका में यह चौथा ऐसा मामला है जब किसी हिंदू मंदिर को निशाना बनाया गया है। इससे न केवल प्रवासी भारतीयों की धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुँची है, बल्कि एक बहुसांस्कृतिक और विविधता को सम्मान देने वाले समाज पर भी गंभीर सवाल खड़े हुए हैं।
भारतीय वाणिज्य दूतावास की प्रतिक्रिया- शिकागो स्थित भारतीय वाणिज्य दूतावास ने इस घटना पर त्वरित प्रतिक्रिया देते हुए इसे “निंदनीय” करार दिया। दूतावास ने अपने बयान में कहा कि मंदिर के साथ हुई यह घटना न केवल एक धार्मिक स्थल का अपमान है, बल्कि प्रवासी भारतीय समुदाय की धार्मिक स्वतंत्रता पर भी आघात है। एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर दिए एक बयान में कहा गया- “ग्रीनवुड, इंडियाना में बीएपीएस स्वामीनारायण मंदिर के मुख्य साइनबोर्ड का अपमान निंदनीय है।”साथ ही वाणिज्य दूतावास ने कानून प्रवर्तन एजेंसियों से इस मामले में शीघ्र और प्रभावी कार्रवाई की माँग की है। मंदिर के आसपास सुरक्षा बढ़ाने और उपद्रवियों पर नज़र रखने के लिए स्थानीय प्रशासन को सचेत किया गया है।
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यह हमला ऐसे समय हुआ है जब हिंदू समुदाय कृष्ण जन्माष्टमी की तैयारी कर रहा था, जो 16 अगस्त को मनाई जानी थी। त्योहारों का समय समुदायों के लिए सामूहिक उत्सव और आध्यात्मिक एकता का अवसर होता है। ऐसे में इस तरह की घटनाएँ समुदाय की भावनाओं को गहराई से आहत करती हैं और डर का वातावरण पैदा करती हैं। मार्च 2025 में, कैलिफोर्निया स्थित बीएपीएस मंदिर को एक अज्ञात व्यक्ति द्वारा अपवित्र किया गया था। उस समय विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने इस कृत्य को “घृणित” करार देते हुए अमेरिकी प्रशासन से कठोर कार्रवाई की माँग की थी। इसके अलावा न्यूयॉर्क और टेक्सास में भी इसी प्रकार की घटनाएँ देखी जा चुकी हैं, जहाँ मंदिरों की दीवारों पर अपमानजनक संदेश लिखे गए थे।

















