बिहार में चुनाव आयोग के द्वारा किए जा रहे SIR से विपक्ष परेशान है, खासकर आरजेडी औऱ कांग्रेस। वे लगातार भाजपा शासित केंद्र सरकार पर निशाना साध रहे हैं। राहुल गांधी ने तो कथित तौर पर महादेवपुरा विधानसभा सीट पर वोटों की चोरी का आरोप तक लगा दिया। ये अलग बात है कि जब चुनाव आयोग ने उनसे इसे लिखित में मांगा तो बगलें झांकने लगे। लेकिन अब भाजपा की आईटी सेल के अध्यक्ष अमित मालवीय ने सोनिया गांधी पर बहुत ही गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने बकायदा सबूत शेयर करते हुए आरोप लगाया कि 1980 में जब सोनिया गांधी का नाम भारत की मतदाता सूची में शामिल था।
अमित मालवीय के अनुसार, उस दौरान तक तो वो भारत की नागरिक तक नहीं थीं। उन्होंने एक्स पर एक विस्तृत पोस्ट साझा की, जिसमें बताया गया कि कैसे सोनिया गांधी का नाम कथित तौर पर मतदाता सूची में दो बार दिखाई दिया, और दोनों बार वह भारत की नागरिक नहीं थीं क्योंकि उनके पास इटली की नागरिकता थी। उन्होंने सोनिया गांधी पर ही वोट चोरी का आरोप लगाते हुए कहा कि 1980 में नई दिल्ली संसदीय क्षेत्र की मतदाता सूची में 1 जनवरी, 1980 को अर्हता तिथि मानकर संशोधन किया गया था। इस संशोधन के दौरान, सोनिया गांधी का नाम मतदान केंद्र 145 के क्रमांक 388 पर जोड़ा गया।
भारत की नागरिक बनने से 3 साल पहले ही वोटर लिस्ट में जुड़ गया था नाम
भाजपा नेता ने दावा किया कि भारत की नागरिक बनने से 3 साल पहले ही सोनिया गांधी का नाम भारत के वोटर लिस्ट में जोड़ दिया गया था। उस दौरान गांधी परिवार 1, सफदरजंग रोड पर स्थित प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी के आधिकारिक आवास पर रहता था।
अमेठी चुनाव में भी हुआ था फर्जीवाड़ा
इसके साथ ही बीजेपी ने सोनिया गांधी पर 1980 के अमेठी उपचुनाव में कथित मतदान दुरुपयोग का आरोप लगाया। बीजेपी का कहना है कि उस समय सोनिया गांधी ने, जो तब राजीव गांधी की पत्नी के रूप में सक्रिय थीं, वोटिंग प्रक्रिया में गड़बड़ी की थी। बीजेपी ने कहा कि 1980 में अमेठी उपचुनाव के दौरान सोनिया गांधी ने कथित तौर पर वोटर लिस्ट में हेरफेर और मतदान में गड़बड़ी को बढ़ावा दिया। उस समय राजीव गांधी कांग्रेस के उम्मीदवार थे और उन्होंने यह सीट जीती थी। बीजेपी का दावा है कि इस जीत के पीछे अनुचित तरीके अपनाए गए थे।

















