हाथरस में एक जघन्य हत्याकांड हुआ है। हसरत अली ने अपनी 19 साल की बेटी तमन्ना की बेरहमी से हत्या कर दी। उसने अपनी दूसरी बीवी और ससुर के साथ मिलकर बेटी का सिर धड़ से अलग कर दिया और दोनों को अलग-अलग बोरियों में भरकर नहर में फेंक दिया। पुलिस ने 48 घंटे के भीतर आरोपी हसरत अली, उसकी दूसरी बीवी रानी और ससुर रज्जो पहलवान को गिरफ्तार कर मामले का खुलासा कर दिया है।
क्यों और कैसे हुई हत्या?
पुलिस के अनुसार, अलीगढ़ के रहने वाले हसरत अली ने बताया कि उसकी बेटी तमन्ना जुलाई में घर से चली गई थी, हालांकि वह दो दिन बाद लौट आई। इस घटना के बाद, तमन्ना अपने चाचा के घर रहने लगी, लेकिन 8 अगस्त को वह फिर से लापता हो गई। हसरत अली को लगा कि समाज में उनकी बदनामी हो रही है। इसी बात पर उसने रानी और ससुर के साथ मिलकर हत्या की साजिश रची। रज्जो पहलवान ने उसे तमन्ना को अपने गांव अल्हैपुर लाने के लिए कहा।
नशीला पदार्थ खिलाया :
9 अगस्त को, हसरत अली और रानी ने तमन्ना को अलीगढ़ से लाकर रज्जो पहलवान के घर पर नशीला पदार्थ मिलाकर बेहोश कर दिया। इसके बाद तीनों ने मिलकर गला दबाकर उसकी हत्या कर दी।
शव को ठिकाना लगाया:
पहचान छिपाने के लिए हसरत अली ने तमन्ना का सिर धड़ से अलग कर दिया और शरीर के अन्य हिस्सों पर भी वार किए। इसके बाद, सिर और धड़ को अलग-अलग बोरियों में भरकर नहर में फेंक दिया।
पुलिस ने आरोपियों की निशानदेही पर हत्या में इस्तेमाल किया गया छुरा भी बरामद कर लिया है।
पुलिस ने ऐसे सुलझाया केस
10 अगस्त को जब सादाबाद क्षेत्र की एक नहर में बिना सिर का एक शव मिला, तो पुलिस ने तुरंत जांच शुरू कर दी। शव की पहचान के लिए पुलिस अधीक्षक चिरंजीव नाथ सिन्हा ने पांच टीमें बनाईं। पुलिस टीमों ने मृतका के कपड़ों की तस्वीरें लेकर आसपास के इलाकों में पूछताछ की। अलीगढ़ में एक सिलाई करने वाली महिला ने मृतका के कपड़ों में लगी झालर को देखकर बताया कि ये कपड़े उसने तमन्ना के लिए बनाए थे।
आरोपियों की गिरफ्तारी
मृतका के मामा ने भी शव की शिनाख्त की और हसरत अली व रानी पर हत्या का आरोप लगाया। इसके बाद पुलिस ने तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस अधीक्षक ने इस सफल जांच के लिए सादाबाद कोतवाली प्रभारी योगेश कुमार और उनकी टीम को 25,000 रुपये का पुरस्कार देने की घोषणा की है।
(इनपुट हिंदुस्थान समाचार)












