16 साल की उम्र में बच्चे पढ़ाई करेंगे, करियर बनाएंगे या फिर यौन संबंध? दिल्ली से उठी समाज की आवाज, जारी हुई रिपोर्ट
September 25, 2026
  • Read Ecopy
  • Circulation
  • Advertise
  • Careers
  • About Us
  • Contact Us
Android appiPhone AppArattai
Panchjanya
  • ‌
  • भारत
    • अंडमान और निकोबार द्वीप
    • दादरा और नगर हवेली एवं दमन और दीव
    • अरूणाचल प्रदेश
    • असम
    • आंध्र प्रदेश
    • उत्तराखंड
    • उत्तर प्रदेश
    • ओडिशा
    • कर्नाटक
    • केरल
    • गुजरात
    • गोवा
    • चण्‍डीगढ़
    • छत्तीसगढ़
    • जम्‍मू एवं कश्‍मीर
    • झारखण्‍ड
    • तमिलनाडु
    • तेलंगाना
    • त्रिपुरा
    • दिल्ली
    • नागालैण्‍ड
    • पंजाब
    • पश्चिम बंगाल
    • पुडुचेरी
    • बिहार
    • मणिपुर
    • मध्य प्रदेश
    • महाराष्ट्र
    • मिजोरम
    • मेघालय
    • राजस्थान
    • लक्षद्वीप
    • लद्दाख
    • सिक्किम
    • हरियाणा
    • हिमाचल प्रदेश
  • विश्व
  • संघ @100
    • संघ को जानें
    • पंच परिवर्तन
      • स्वदेशी
      • कुटुम्ब प्रबोधन
      • सामाजिक समरसता
      • नागरिक कर्तव्य
      • पर्यावरण
    • संघ गीत
  • सम्पादकीय
  • काम की खबरें
  • स्वदेशी
  • जीवनशैली
  • अधिक
    • विभाजन-विभीषिका
    • पाञ्चजन्य इवेंट
      • सुशासन संवाद
      • सागर मंथन
      • मुंबई संकल्प
      • अष्टायाम
      • गुरुकुलम
      • साबरमती संवाद
      • आधार इन्फ्रा
    • वेब स्टोरी
    • ऑपरेशन सिंदूर
    • विश्लेषण
    • लव जिहाद
    • खेल
    • मनोरंजन
    • यात्रा
    • स्वास्थ्य
    • धर्म-संस्कृति
    • पर्यावरण
    • बिजनेस
    • साक्षात्कार
    • शिक्षा
    • रक्षा
    • कला-साहित्य
      • पुस्तकें
      • पुस्तक समीक्षा
    • सोशल मीडिया
    • विज्ञान और तकनीक
    • मत अभिमत
    • श्रद्धांजलि
    • संविधान
    • आजादी का अमृत महोत्सव
    • मानस के मोती
    • जनजातीय नायक
    • पॉडकास्ट
    • पत्रिका
    • हमारे लेखक
  • Subscribe
    • Subscribe Print Edition
    • Subscribe Ecopy
    • Read Ecopy
  • ‌
  • भारत
    • अंडमान और निकोबार द्वीप
    • दादरा और नगर हवेली एवं दमन और दीव
    • अरूणाचल प्रदेश
    • असम
    • आंध्र प्रदेश
    • उत्तराखंड
    • उत्तर प्रदेश
    • ओडिशा
    • कर्नाटक
    • केरल
    • गुजरात
    • गोवा
    • चण्‍डीगढ़
    • छत्तीसगढ़
    • जम्‍मू एवं कश्‍मीर
    • झारखण्‍ड
    • तमिलनाडु
    • तेलंगाना
    • त्रिपुरा
    • दिल्ली
    • नागालैण्‍ड
    • पंजाब
    • पश्चिम बंगाल
    • पुडुचेरी
    • बिहार
    • मणिपुर
    • मध्य प्रदेश
    • महाराष्ट्र
    • मिजोरम
    • मेघालय
    • राजस्थान
    • लक्षद्वीप
    • लद्दाख
    • सिक्किम
    • हरियाणा
    • हिमाचल प्रदेश
  • विश्व
  • संघ @100
    • संघ को जानें
    • पंच परिवर्तन
      • स्वदेशी
      • कुटुम्ब प्रबोधन
      • सामाजिक समरसता
      • नागरिक कर्तव्य
      • पर्यावरण
    • संघ गीत
  • सम्पादकीय
  • काम की खबरें
  • स्वदेशी
  • जीवनशैली
  • अधिक
    • विभाजन-विभीषिका
    • पाञ्चजन्य इवेंट
      • सुशासन संवाद
      • सागर मंथन
      • मुंबई संकल्प
      • अष्टायाम
      • गुरुकुलम
      • साबरमती संवाद
      • आधार इन्फ्रा
    • वेब स्टोरी
    • ऑपरेशन सिंदूर
    • विश्लेषण
    • लव जिहाद
    • खेल
    • मनोरंजन
    • यात्रा
    • स्वास्थ्य
    • धर्म-संस्कृति
    • पर्यावरण
    • बिजनेस
    • साक्षात्कार
    • शिक्षा
    • रक्षा
    • कला-साहित्य
      • पुस्तकें
      • पुस्तक समीक्षा
    • सोशल मीडिया
    • विज्ञान और तकनीक
    • मत अभिमत
    • श्रद्धांजलि
    • संविधान
    • आजादी का अमृत महोत्सव
    • मानस के मोती
    • जनजातीय नायक
    • पॉडकास्ट
    • पत्रिका
    • हमारे लेखक
  • Subscribe
    • Subscribe Print Edition
    • Subscribe Ecopy
    • Read Ecopy
Panchjanya
panchjanya android mobile app
  • होम
  • भारत
  • विश्व
  • संघ @100
  • सम्पादकीय
  • काम की खबरें
  • स्वदेशी
  • जीवनशैली
  • विश्लेषण
  • मत अभिमत
  • रक्षा
  • धर्म-संस्कृति
  • पत्रिका
  • पाञ्चजन्य इवेंट
  • Print Edition
  • Ecopy
होम भारत दिल्ली

16 साल की उम्र में बच्चे पढ़ाई करेंगे, करियर बनाएंगे या फिर यौन संबंध? दिल्ली से उठी समाज की आवाज, जारी हुई रिपोर्ट

राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग के सदस्य प्रियांक कानूनगो ने गहरी चिंता जताते हुए कहा कि हमारे बच्चों के स्कूल शिक्षा के केंद्र रहेंगे या फिर उस आयु के बच्चे व्याभिचार की आदत डालेंगे।

Written byPanchjanyaPanchjanya
Aug 10, 2025, 10:01 pm IST
inदिल्ली
चर्चा के दौरान रिपोर्ट जारी करते राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग के सदस्य प्रियांक कानूनगो।

चर्चा के दौरान रिपोर्ट जारी करते राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग के सदस्य प्रियांक कानूनगो।

नई दिल्ली। देश के सर्वोच्च न्यायालय में इस बात पर बहस हो रही है कि पॉक्सो कानून के तहत सहमति की आयु 18 से 16 वर्ष की जाए। केंद्र सरकार ने बदलाव से साफ इंकार किया है। लेकिन, कथित सेक्युलर इस मुद्दे को हवा दे रहे हैं। वहीं, समाज के बीच भी इस मुद्दे पर चर्चा शुरू हो गई है। नेटवर्क फॉर एक्सेस टू जस्टिस और मल्टीडिसिप्लिनरी आउटरीच फाउंडेशन ने संयुक्त रूप से कॉन्स्टिट्यूशन क्लब ऑफ इंडिया में “Intrusion on Civilization: Lowering the Age of Consent – Analysing Its Impact” विषय पर विचारोत्तेजक चर्चा हुई।  इस कार्यक्रम में राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (एनएचआरसी) के सदस्य प्रियांक कानूनगो मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित थे। कार्यक्रम में सेवा न्याय उत्थान फाउंडेशन सहयोगी भागीदार और शांति सुरक्षा और सद्भाव ट्रस्ट शोध भागीदार के रूप में शामिल हुआ।

प्रियांक कानूनगो ने कहा कि यह कोर्ट के बंद कमरों की चर्चा का विषय यह नहीं है, यह लोगों के बीच यह चर्चा करने का विषय है कि हमारे बच्चे 16 साल की उम्र में सेक्सुअल रिलेशनशिप स्थापित करेंगे या फिर पढ़ाई करके अपना करियर बनाएंगे। हमारे बच्चों के स्कूल शिक्षा के केंद्र रहेंगे या फिर उस आयु के बच्चे व्याभिचार की आदत डालेंगे। भारत का निर्माण एक दिन में नहीं हुआ, इस सभ्यता के विकास में हजारों सालों की लोगों की मेहनत लगी। ये जो कन्सेंट की बात उठी है तो मैं यह कहना चाहूंगा कि महात्मा गांधी ने कहा था यदि कम उम्र में लड़कियां बच्चों को जन्म देंगी तो हम कमजोर पीढ़ी को तैयार कर रहे हैं। यही बात ग्लोबल स्टडी और वैज्ञानिक भी कहते हैं। गांधी जी कहते हैं कि यदि नाबालिग लड़कियों की शादी हो रही है तो यह उनके लिए स्वराज्य नहीं है। हम भारत में स्वराज्य की स्थापना की लड़ाई लड़ रहे हैं और स्वराज्य की स्थापना तब तक पूरी नहीं होगी जब तक बच्चों की नाबालिग उम्र में शादी नहीं रुकेगी।

विचार व्यक्त करते राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग के सदस्य प्रियांक कानूनगो।

प्रियांक कानूनगो ने कहा कि यह विषय केवल सरकार का नहीं,परिवार का है, समाज को जागना होगा। चर्चा के दौरान इस बात पर भी जोर दिया गया कि स्वेच्छा से यौन संबंधों की उम्र घटाने से न केवल समाज बल्कि नाबालिगों के स्वास्थ्य पर भी बहुत बुरा प्रभाव पड़ेगा। चर्चा में विभिन्न राज्यों के बाल अधिकार संरक्षण आयोगों (एससीपीसीआर) के पूर्व अध्यक्ष और सदस्य, स्वरूपा चतुर्वेदी और पिंकी आनंद, स्वाति गोयल शर्मा, डॉ निवेदिता शर्मा, सर्वोच्च न्यायालय की वरिष्ठ अधिवक्ता, एडवोकेट-ऑन-रिकॉर्ड, कार्यरत अधिवक्ता, सामाजिक कार्यकर्ता, विभिन्न गैर सरकारी संगठनों के प्रतिनिधि और अल्पसंख्यक समुदाय एवं अनुसूचित जाति के सदस्य शामिल हुए।

नाबालिगों की सुरक्षा सर्वोपरि

वक्ताओं ने भारत में सहमति की आयु कम करने के दूरगामी कानूनी, सामाजिक और सांस्कृतिक प्रभावों पर विचार-विमर्श किया, विशेष रूप से नाबालिगों के बीच रोमांटिक यौन संबंधों से जुड़े मामलों पर। विचार-विमर्श में नाबालिगों की सुरक्षा, शोषण की रोकथाम, सामाजिक मानदंडों की सुरक्षा और सांस्कृतिक मूल्यों के संरक्षण पर ऐसे परिवर्तनों के संभावित प्रभावों की जांच की गई। मंच ने बाल संरक्षण कानूनों के प्रति एक सूक्ष्म दृष्टिकोण की आवश्यकता पर बल दिया, जो मौजूदा कानून के सुरक्षात्मक उद्देश्य को कमज़ोर किए बिना, व्यापक सामाजिक विचारों के साथ युवाओं के अधिकारों और सुरक्षा को संतुलित करे।

जारी हुई रिपोर्ट

कार्यक्रम के दौरान इस विषय पर एक व्यापक रिपोर्ट भी जारी की गई, जिसमें प्रमुख कानूनी दृष्टिकोण, शोध इनपुट और क्षेत्रीय अंतर्दृष्टि शामिल हैं। चर्चाओं में इस बात पर प्रकाश डाला गया कि किशोर न्याय (बच्चों की देखभाल और संरक्षण) अधिनियम, 2015 की धारा 15, किशोरों के बीच रोमांटिक यौन संबंधों से जुड़े मामलों को संबोधित करने के लिए एक व्यवहार्य कानूनी तंत्र प्रदान करती है। यह प्रावधान किशोर न्याय बोर्ड को शोषणकारी परिस्थितियों और गैर-शोषणकारी, सहकर्मी-स्तरीय संबंधों के बीच अंतर करने के लिए प्रारंभिक मूल्यांकन करने का अधिकार देता है, जिससे नाबालिगों को दुर्व्यवहार से बचाया जा सके और साथ ही यह सुनिश्चित किया जा सके कि बच्चे के हितों की रक्षा हो।

 

Topics: कांस्टीट्यूशन क्लब ऑफ इंडियादिल्ली समाचारसुप्रीम कोर्टप्रियांक कानूनगो16 साल की उम्रकंसेंट की उम्रसहमति की उम्र
Share
Tweet
SendShareSend
Subscribe Panchjanya YouTube Channel
Download Panchjanya mobile apps: Google Play Store  / App Store

संबंधित समाचार

Supreme Court

मुस्लिम महिलाओं के साथ विरासत में भेदभाव क्यों? सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र से मांगा जबाव

स्वरा भास्कर

राम मंदिर पर आए निर्णय पर स्वरा भास्कर शर्मिंदा क्यों?

हल्द्वानी बनभूलपुरा रेलवे अतिक्रमण मामला: 9 सितंबर को सुप्रीम कोर्ट में फैसला संभव

Supreme Court

ब्रिक्स सम्मेलन से पहले सीजेपी मार्च टालने की याचिका पर सुप्रीम कोर्ट का रुख साफ, अगली सुनवाई 10 सितंबर

Supreme Court

सुप्रीम कोर्ट में आज राजनीतिक दलों के गुमनाम नकद चंदे पर सुनवाई, आयकर अधिनियम की धारा 13ए को चुनौती

Supreme Court

उच्च शिक्षण संस्थानों में जातिगत भेदभाव पर सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई, UGC बोला-नियमों पर हो रहा पुनर्विचार

Load More

ताज़ा समाचार

अमित शाह, केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री

गृह मंत्री अमित शाह बोले-UP में अब कट्टा उद्योग की जगह डिफेंस कॉरिडोर और वाहन चोरी की जगह वाहन निर्माण

प्रतीकात्मक तस्वीर

मानसून की विदाई से पहले 70 घंटे जमकर बरसेंगे ‘बादल’, UP-उत्तराखंड में मूसलाधार बारिश की चेतावनी

ओडिशा: CM माझी ने 2.47 लाख करोड़ रुपये की परियोजनाओं को मंजूरी दी, डेटा सेंटर और AI पर जोर

आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस

Fact Check: क्या AI इंसान की सीखने की क्षमता कम कर रहा है?

Benjamin Netanyahu UAE Visit

Explainer: UNGA नेतन्याहू का तूफानी भाषण, 77 देशों का वॉकआउट और सड़कों पर हजारों प्रदर्शनकारी; झुके नहीं बेंजामिन

टिहरी झील को ग्लोबल टूरिज्म डेस्टिनेशन बनाने की तैयारी, 8000 हेक्टेयर का मास्टर प्लान तैयार होगा

Dehradun Pachhwa Doon Government Land Illegal Religious Structures Encroachment DM Ashish Chauhan Panchjanya

UN में पाकिस्तान की फजीहत: मीडिया ने पूछा-आतंकियों को पालना कब बंद करेंगे? भागे प्रधानमंत्री शहबाज

प्रतीकात्मक तस्वीर

अनंत चतुर्दशी का गूढ़ रहस्य: 14 लोक, विष्णु पूजन और गणेश विसर्जन की कथा

एशियन गेम्स 2026: भारत का स्वर्णिम सफर जारी, जीता दूसरा गोल्ड; जानिए अब तक कितने पदक आए भारत की झोली में

PT Deendayal Upadhyay

पंडित दीनदयाल उपाध्याय का एकात्म मानव-दर्शन: राष्ट्र सर्वप्रथम, अंत्योदय औऱ भारतीयता

Load More
  • Privacy
  • Terms
  • Cookie Policy
  • Refund and Cancellation
  • Delivery and Shipping

© Bharat Prakashan (Delhi) Limited.
Tech-enabled by Ananthapuri Technologies

  • Search Panchjanya
  • होम
  • भारत
    • अंडमान और निकोबार द्वीप
    • दादरा और नगर हवेली एवं दमन और दीव
    • अरूणाचल प्रदेश
    • असम
    • आंध्र प्रदेश
    • उत्तराखंड
    • उत्तर प्रदेश
    • ओडिशा
    • कर्नाटक
    • केरल
    • गुजरात
    • गोवा
    • चण्‍डीगढ़
    • छत्तीसगढ़
    • जम्‍मू एवं कश्‍मीर
    • झारखण्‍ड
    • तमिलनाडु
    • तेलंगाना
    • त्रिपुरा
    • दिल्ली
    • नागालैण्‍ड
    • पंजाब
    • पश्चिम बंगाल
    • पुडुचेरी
    • बिहार
    • मणिपुर
    • मध्य प्रदेश
    • महाराष्ट्र
    • मिजोरम
    • मेघालय
    • राजस्थान
    • लक्षद्वीप
    • लद्दाख
    • सिक्किम
    • हरियाणा
    • हिमाचल प्रदेश
  • विश्व
  • संघ @100
    • संघ को जानें
    • पंच परिवर्तन
      • स्वदेशी
      • सामाजिक समरसता
      • कुटुम्ब प्रबोधन
      • पर्यावरण
      • नागरिक कर्तव्य
    • संघ गीत
  • सम्पादकीय
  • काम की खबरें
  • स्वदेशी
  • जीवनशैली
  • विभाजन-विभीषिका
  • पाञ्चजन्य इवेंट
    • सुशासन संवाद
    • सागर मंथन
    • मुंबई संकल्प
    • अष्टायाम
    • गुरुकुलम
    • साबरमती संवाद
    • आधार इन्फ्रा
  • वेब स्टोरी
  • ऑपरेशन सिंदूर
  • विश्लेषण
  • लव जिहाद
  • खेल
  • मनोरंजन
  • यात्रा
  • स्वास्थ्य
  • धर्म-संस्कृति
  • पर्यावरण
  • बिजनेस
  • साक्षात्कार
  • शिक्षा
  • रक्षा
  • कला-साहित्य
    • पुस्तकें
    • पुस्तक समीक्षा
  • सोशल मीडिया
  • विज्ञान और तकनीक
  • मत अभिमत
  • श्रद्धांजलि
  • संविधान
  • आजादी का अमृत महोत्सव
  • पॉडकास्ट
  • पत्रिका
  • हमारे लेखक
  • Read Ecopy
  • प्रसार विभाग – Circulation
  • About Us
  • Contact Us
  • Careers @ BPDL
  • Advertise
  • Privacy Policy

© Bharat Prakashan (Delhi) Limited.
Tech-enabled by Ananthapuri Technologies