उत्तरकाशी: उत्तराखंड के धराली में आई भीषण आपदा ने देश दुनिया को हिला कर रख दिया है इस आपदा की कई तस्वीरें सामने आ रही है।
भारी मोबाइल टावर कैसे धराशायी हुआ? ऐसी ही एक तस्वीर में एक पूरा घर पुल के नीचे से बहता हुआ जा रहा है जैसे पानी पर सहजता के साथ नाव तैर रही है ठीक ऐसा ही हाल इस घर का है जो बाद में भागीरथी में समा जाता है। धराली कस्बा अब मलवे के ढेर जैसा दिखाई दे रहा है पूरा गांव पहले दलदल में फिर उसके ऊपर रेत में दफन हो गया है। कई जिंदगियां इसकी चपेट में आ गई हैं, जिनका इस मलबे में निकाल पाना भी मुश्किल दिखाई देता है। चार चार पांच पांच मंजिला आलीशान होटल मकान ध्वस्त होकर मलबे में दब गए हैं और उन बिल्डिंग में जो लोग भी मौजूद रहे होंगे वो भी मलबे के नीचे दब गए हैं।
धराली में ही फिल्माई गई थी ‘राम तेरी गंगा मैली’
इसी धराली गांव में राज कपूर की फिल्म राम तेरी गंगा मैली की शूटिंग हुई थी इसकी खूबसूरती पर्यटकों को आकर्षित करती थी।
जल प्रलय के बाद मलबे के नीचे दबे खूबसूरत धराली गांव के निचले हिस्से में एक दलदल का समंदर है और दूर तक बस तबाही ही तबाही नजर आ रही है। जब यह आपदा आई तो कुछ लोग आराम कर रहे थे कुछ दुकानों में बैठकर दुकानदारी तो कुछ पर्यटक इस खूबसूरत प्यार से गांव का भ्रमण करने में लगे हुए थे।
लेकिन तभी अचानक ये आया ये सैलाब 34 सेकंड में सब कुछ खत्म कर गया किसी को बचने का मौका तक नहीं लगा कुछ देर पहले तक जहा चलपहल थी वहां अब श्मशान सा सन्नाटा पसर चुका है आंखें बंद करें तो खामोशी के साथ सुनाई दे रही वो चीखे है जो लोग मदद के लिए चिल्ला रहे थे लेकिन शायद पहाड़ों पर ऐसा मंजर किसी ने अभी तक नहीं देखा होगा इतना भारी भरकम टावर चंद सेकंड में गिर जाता है एक पूरा घर नदी में बह जाता है और फिर जल समाधि ले लेता है।
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दिन रात रेस्क्यू ऑपरेशन जारी
यहां मलवे में दबे लोगों को बचाने के लिए एनडीआरएफ, एसडीआरएफ और सेना की टीमें दिन रात लगी हुई हैं। कई लोगों को आपदा के तुरंत बाद बचा लिया गया, लेकिन अभी भी कई लोग लापता है कई राज्यों के पर्यटक इस मलवे के नीचे पता नहीं कहां-कहां फंसे हैं आर्मी के नौजवान भी प्रलय की चपेट में आकर लापता बताए जा रहे हैं इस आपदा में सभी टीमें बिना रुके बिना जान की परवाह किए रेस्क्यू में लगी हुई है ताकि वहां फंसे लोगों को जल्द से जल्द बाहर निकाला जा सके।
अपनों की राह ताकती आखें
जो लोग दबे हैं उनके अपने, अपनों की राह देख रहे हैं और किसी चमत्कार के इंतजार में है कि काश कुछ ऐसा हो जाए कि उनके अपने चलकर दौड़कर भाग कर रेंग कर किसी तरह से इस मलवे के नीचे से निकल कर बाहर आ जाए और उनसे कहें कि मैं बिल्कुल ठीक हूं। भारतीय सेना के खोजी कुत्ते और अत्याधुनिक उपकरण इंसानों की खोज में बीते कल से मलबे के ऊपर सर्च कर रहे हैं। धराली में कितने लोग अभी लापता है इस बारे में कोई अधिकृत सूचना नहीं दी गई है, लापता लोगों में कई मिल भी गए है जोकि रास्तों में फंसे हुए थे।
धराली में डेरा डाले हैं सीएम धामी
सीएम पुष्कर सिंह धामी स्वयं उत्तरकाशी से धराली आ जा रहे हैं और स्थानीय लोगों के बीच पहुंच कर उनका धैर्य बंधा रहे हैं। सीएम कभी सेना आईटीबीपी तो कभी एसडीआरएफ,एनडीआरफ के अधिकारियों को सर्च अभियान के लिए हौंसला देते हुए दिखाई देते हैं। आपदा के शिकार हुए स्थानीय लोगों को भोजन पानी छत मिले इसकी चिंता करते हुए अधिकारियों को निर्देशित करते हैं।
बीआरओ सड़के दुरुस्त करने में लगी है। धराली, भटवाड़ी, हर्षल गंगोत्री का रास्ता दुरुस्त हो जाएगा तो वहां राहत के कामों में और तेजी आएगी। बाधित बिजली की सप्लाई के लिए जनरेटर पहुंच गए ही। टूटी तारों को जोड़ा जा रहा ही। मोबाइल टावर की जगह वी सेट लगाकर मोबाइल नेटवर्क को शुरू किया गया है। एसडीआरएफ ने भोजनालय शुरू कर दिया है। धराली में जन जीवन सामान्य तो हो रहा है लेकिन एक वीरान एक उदासी का मातम भी छाया हुआ है। हर्षिल गंगोत्री में फंसे हुए लोगों को सुरक्षित क्षेत्रों तक पहुंचाने का काम चिनुक और एम आई हेलीकॉप्टर के माध्यम से जारी है।

















