उत्तर प्रदेश के एक शहर में राधा नाम की महिला ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराते हुए चौंकाने वाला खुलासा किया है। उसने बताया कि उसके पति की मौत के बाद एक व्यक्ति ने हमदर्दी दिखाकर उसके साथ धोखा किया, उसका और बच्चों का जबरन कन्वर्जन करवाया और उन्हें कई वर्षों तक नजरबंद करके रखा।
राधा के अनुसार, दस साल पहले उसके पति की मौत हो गई थी। वह और उसके पति बैराज रोड पर एक होटल चलाते थे। होटल पर अक्सर भरानीद्दीनपुर गांव का एक व्यक्ति आता-जाता था, जो खुद को जाट जाति का बताकर अपना नाम रवि बताता था। पति की मौत के बाद उस व्यक्ति ने राधा से हमदर्दी जताई और उसे अपने घर ले गया। राधा को विश्वास था कि वह एक हिन्दू है और मदद करना चाहता है। लेकिन जब राधा उसके घर पहुंची, तब उसे सच्चाई का पता चला। महिला ने बताया कि उस व्यक्ति का असली नाम नसीमुद्दीन था और वह मुस्लिम था। उस पर आरोप है कि उसने उसके और उसके पांच बच्चों के साथ धोखा किया और सभी का जबरन कन्वर्जन करवा दिया। राधा का नाम बदलकर ‘जीनत’ रख दिया गया, बेटी शिवानी का नाम ‘सानिया’, हिमानी का नाम ‘सादमानी’, बेटे करन का नाम ‘फैजान’, अर्जुन का नाम ‘अरमान’ कर दिया गया। छोटे बेटे बॉबी का नाम नहीं बदला गया। इनमें से एक बेटे की शादी भी मुस्लिम रीति-रिवाजों से एक मुस्लिम लड़की से करवा दी गई।
इतना ही नहीं, नसीमुद्दीन ने सभी के आधार कार्ड भी मुस्लिम नामों से बनवा दिए और उनका असली पहचान खत्म करने की कोशिश की। राधा ने यह भी आरोप लगाया कि नसीमुद्दीन ने उन्हें घर से बाहर निकलने नहीं दिया और पूरे परिवार को कई सालों तक नजरबंद करके रखा। किसी को भी बाहर जाने की इजाजत नहीं थी, यहां तक कि किसी से बातचीत भी नहीं करने दी जाती थी। राधा ने बताया कि नसीमुद्दीन ने उसे एक मकान बनवाने का वादा किया था। इस भरोसे में आकर राधा ने अपने पास के 8 लाख रुपये के आभूषण उसे दे दिए लेकिन उसने मकान नहीं बनवाया और सारे गहने हड़प लिए।
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17 जुलाई को नसीमुद्दीन किसी शादी में शामिल होने के लिए बाहर गया और घर के बाहर ताला लगाना भूल गया। इसका फायदा उठाकर राधा किसी तरह घर से निकल आई। बाहर आकर वह 26 जुलाई को शहर कोतवाली पहुंची और पूरी घटना की जानकारी पुलिस को दी। राधा की शिकायत पर पुलिस ने तुरंत कार्रवाई की और आरोपी नसीमुद्दीन के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की। उसे गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया है। पुलिस अब इस मामले की गहराई से जांच कर रही है कि कहीं इस तरह की घटनाएं और भी तो नहीं हो रही हैं।
















