दिल्ली यूनिवर्सिटी (DU) की अकादमिक परिषद ने हाल ही में अपने राजनीतिक विज्ञान विभाग के पोस्टग्रेजुएट (PG) पाठ्यक्रम में बड़ा बदलाव किया है। विश्वविद्यालय ने कई ऐसे कोर्स हटाने की मंजूरी दी है, जो पाकिस्तान, चीन, इस्लाम और राजनीतिक हिंसा जैसे विषयों से जुड़े थे। हटाए गए पाठ्यक्रमों में शामिल विषय हैं- इस्लाम और अंतरराष्ट्रीय संबंध, पाकिस्तान का राज्य और समाज, पाकिस्तान और विश्व, तथा समकालीन विश्व में चीन की भूमिका।
इन सभी कोर्सों को हटाने का प्रस्ताव विश्वविद्यालय की स्थायी समिति ने जून 2025 में पारित किया था। अब इसे अकादमिक परिषद से भी मंजूरी मिल गई है, जिससे यह निर्णय अंतिम हो गया है। विश्वविद्यालय प्रशासन का कहना है कि इन बदलावों का उद्देश्य पाठ्यक्रम को संतुलित और प्रासंगिक बनाना है। अधिकारियों के अनुसार, इन विषयों को हटाकर ऐसे कोर्सों को महत्व दिया जाएगा जो भारतीय समाज, इतिहास और संस्कृति से जुड़े हों।
एक नई पहल के तहत विश्वविद्यालय ने ‘सिख शहादत’ नाम का कोर्स शुरू करने का निर्णय लिया है। यह कोर्स स्वतंत्रता एवं विभाजन अध्ययन केंद्र (CIPS) के अंतर्गत एक सामान्य ऐच्छिक (GE) विषय के रूप में पढ़ाया जाएगा। डीयू की ओर से जारी प्रेस विज्ञप्ति में बताया गया कि इस कोर्स का उद्देश्य सिख समुदाय के धार्मिक उत्पीड़न, राज्य के दमन और उनके प्रतिरोध के ऐतिहासिक पहलुओं को समझना है। विश्वविद्यालय का कहना है कि यह कोर्स उन ऐतिहासिक घटनाओं और दृष्टिकोणों को सामने लाएगा जिन्हें अब तक पाठ्यक्रम में पर्याप्त स्थान नहीं मिला। इसके अलावा विश्वविद्यालय ने चौथे वर्ष के स्नातक छात्रों के लिए रिसर्च प्रोजेक्ट, डिसर्टेशन और एंटरप्रेन्योरशिप से जुड़ी गाइडलाइंस भी पास की हैं। नई गाइडलाइन के अनुसार किसी भी शिक्षक को रिसर्च गाइड बनने के लिए PhD होना जरूरी नहीं होगा। एक शिक्षक अधिकतम 10 छात्रों को गाइड कर सकता है। जरूरत पड़ने पर कॉलेज की रिसर्च कमेटी (RCC) यह संख्या बढ़ा सकती है।
हालांकि इस पर कुछ शिक्षकों ने आपत्ति जताई है। चार सदस्यों ने कहा कि इससे शिक्षकों पर अतिरिक्त बोझ बढ़ेगा और गेस्ट फैकल्टी को भी इसमें शामिल किया जाना चाहिए। इसके अलावा DU में अब रेडियो जॉकी (RJ) का प्रशिक्षण एक स्किल एनहांसमेंट कोर्स (SEC) के रूप में शुरू किया जा रहा है। इस कोर्स में छात्रों को आवाज़ की ट्रेनिंग, सही उच्चारण, स्टूडियो कैसे चलाते हैं और लाइव रेडियो शो कैसे होस्ट करते हैं, ये सब सिखाया जाएगा। इसके अलावा, 2016-17 में एडमिशन लेने वाले छात्रों को अपनी बैकलॉग परीक्षाएं पूरी करने के लिए दो साल का अतिरिक्त समय देने का फैसला भी किया गया है।

















