वाराणसी। विश्व गुरु बनने की ओर अग्रसर भारत ने पूरी दुनिया को योग की पहचान बताई है। हरिद्वार और ऋषिकेश के बाद अब बाबा विश्वनाथ की नगरी काशी जल्द ही योग केंद्र के रूप में विकसित होगा। देश और दुनिया भर से आने वाले श्रद्धालुओं – पर्यटकों को संस्कृति और धर्म के साथ योग पर्यटन का नया अनुभव प्राप्त होगा। वाराणसी टूरिज्म एसोसिएशन की ओर से इसका प्रस्ताव तैयार किया जा रहा है।
वाराणसी के साथ ही सोनभद्र, चंदौली और मिर्जापुर को भी प्रस्ताव के माध्यम से जोड़ा जाएगा। काशी आने वाले पर्यटक – श्रद्धालु बाबा विश्वनाथ, सारनाथ, गंगा, गंगा आरती का दर्शन करते हैं। वाराणसी में गंगा किनारे तो मिर्जापुर, सोनभद्र और चंदौली में पहाड़ों और झरनों के किनारे पर्यटकों को योग का नया अनुभव देने की तैयारी है।
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महादेव की काशी में सीखेंगे योग
वाराणसी टूरिज्म एसोसिएशन के कोषाध्यक्ष प्रवीण मेहता ने बताया कि योग को जानने समझने के लिए लोग हरिद्वार और ऋषिकेश जाते हैं। ऐसा प्रस्ताव तैयार किया जा रहा है कि महादेव की नगरी से लोगों को योग का नया अनुभव मिले। काशी आने वाले पर्यटकों को योग सीखने का मौका मिलेगा। यात्रा के दौरान उनको घाटों, झरनों के पास योग से रूबरू कराया जाएगा। ताकि भारतीय योग का विस्तार विश्व में और अच्छे से हो सके। योग इन वाराणसी के नाम से वेबसाइट बनाई जा रही है। इस वेबसाइट से शहर के होटलों को भी जोड़ा जाएगा। नवंबर माह तक इसकी शुरुआत हो सकती है।












