वाराणसी। शहर दक्षिणी विधानसभा क्षेत्र के आदिविशेश्वर वार्ड स्थित पत्थर गली में बूचड़खाने की जगह अब हॉस्पिटल खुल गया है। कभी यहां से निकलने वाले सीवर में मांस और हड्डियां बहा करती थी। स्थानीय लोगों का दुर्गंध से जीना मुश्किल हो गया था। स्थानीय पार्षद इंद्रेश सिंह और विधायक डॉ नीलकंठ तिवारी की पहल पर शहरी प्राथमिक केंद्र ( आयुष्मान आरोग्य मंदिर ) हॉस्पिटल खुल गया।
पहले लिए जाते थे प्राण, अब बचाएंगे
विधायक डॉ नीलकंठ तिवारी ने बताया कि स्थानीय लोग बूचड़खाने की वजह से काफी परेशान थे। 2017 में सरकार बनने पर यहां पर जानवरों के कटने पर रोक लगा दी गई। कभी यहां जानवरों के प्राण लिए जाते थे। अब हॉस्पिटल में लोगों के प्राण बचाए जाएंगे। बूचड़खाने की दुर्गंध से लोगों का जीवन त्रस्त हो गया था। घर का पता लोग कभी बूचड़खाने के पास बताते थे। वही लोग अब अपना पता अस्पताल के पास का बताएंगे। लोगों की जिंदगी बचेंगी। गलियों में लोगों के लिए अस्पताल संजीवनी है।
करीब 1300 स्क्वायर फीट में स्वास्थ्य केंद्र पर नियमित ओपीडी शुरू होने साथ ही निःशुल्क दवाइयां भी मिलेंगी। पार्षद इंद्रेश सिंह ने बताया कि भू माफियाओं की जमीन पर नजर थी। कभी जानवरों के काटे जाने की वजह से लोग आने जाने में कतराते थे। गालियां सकरी होने की वजह से कोई बीमार पड़ जाए तो परिजनों को काफी मुश्किलों का सामना करना पड़ता था। अब लोग अस्पताल में जाकर आसानी से अपना इलाज करा पाएंगे।













