उत्तराखंड: कौन कर रहा देवभूमि के मूल स्वरूप को नष्ट करने की कोशिश, चल रही अवैध मजारों की साजिश
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उत्तराखंड: कौन कर रहा देवभूमि के मूल स्वरूप को नष्ट करने की कोशिश, चल रही अवैध मजारों की साजिश

हरिद्वार के राजाजी टाइगर रिजर्व और वन प्रभाग में अवैध मजारों का निर्माण सनातन नगरी की पवित्रता पर सवाल उठा रहा है। धामी सरकार की कार्रवाई के बावजूद अतिक्रमण का खेल जारी। जानें इस साजिश के पीछे के कारण और वन विभाग की लापरवाही पर उठते सवाल।

Written byउत्तराखंड ब्यूरोउत्तराखंड ब्यूरो
Jun 26, 2025, 08:43 am IST
inउत्तराखंड
Haridwar Illegal majars

राजाजी टाइगर रिजर्व में बनी मजार

हरिद्वार: सांस्कृतिक सनातन पावन गंगा नगरी को किस योजनाबद्ध तरीके से हरी चादरों से ढका जा रहा है इसके नए नए उदाहरण सामने आ रहे हैं। ताजा मामला हरिद्वार के तीन तरफ बने राजा जी टाइगर रिजर्व और हरिद्वार वन प्रभाग का है, जहां पर मुस्लिमों ने अवैध मजारें बना दी हैं।

बड़ा सवाल ये उठ रहा है कि जंगल की सरकारी जमीन पर अतिक्रमण करने की साजिश के पीछे कौन-कौन काम कर रहे हैं, वन विभाग प्रशासन क्यों सोया हुआ है इस पर कई सवाल खड़े हो रहे हैं।

पहले भी दो दर्जन मजारों को किया गया था ध्वस्त

दो साल पहले जिम कॉर्बेट टाइगर रिजर्व में दो दर्जन के करीब अवैध मजारें चिन्हित हुई थी, जिन्हें धामी सरकार के निर्देश पर कॉर्बेट प्रशासन ने ध्वस्त कर दिया था। तब भी ये सवाल उठे थे कि जिस टाइगर रिजर्व में इंसान के पैदल चलने की मनाही है वहां अवैध मजारों के लिए सीमेंट ईंट गारा कैसे पहुंच गया ? अब यही पैटर्न राजा जी टाइगर रिजर्व में भी देखने में आ रहा है।
ओल्ड इंडस्ट्रियल एरिया के पीछे राजाजी टाइगर रिजर्व एरिया में अवैध मजारें बना दी गई है एक दो नहीं कई अवैध मजारें कुछ न कुछ दूरी पर बनी देखी जा सकती है।

इन अवैध मजारों के बारे में जब मुख्यमंत्री हेल्प लाइन पोर्टल पर शिकायतें दर्ज हुई तब राजाजी प्रशासन से जिला अधिकारी ने जवाब तलब किया। जानकारी के मुताबिक, इन अवैध मजारों में से एक पर कोर्ट से 2013 में पानी बिजली का कनेक्शन दिए जाने के लिए निर्देशित किया हुआ है, जिसके आधार पर इसे वैध कब्जा बताया जा रहा है। हैरानी की बात ये है कि एक अवैध मजार के लिए ये निर्देश था, उसकी आड़ में अब कई और अवैध मजारें रिजर्व फॉरेस्ट में बन गई और अब इन्हें पक्का कर उन्हें आलीशान रूप दिया जाने लगा है।

वन विभाग की लापरवाही का नतीजा

इसी तरह हरिद्वार फॉरेस्ट डिविजन में भी अवैध मजारें बनाए जाने का खेल चल रहा है। वन विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल भी उठने लाजमी है कि जिन जंगलों में आम इंसान के जाने पर तरह तरह की पाबंदियां है वहां-वहां एक विशेष समुदाय के लोग बेरोकटोक आ जा रहे हैं।

हरिद्वार सनातन तीर्थ नगरी है, गंगा घाटों में गैर हिंदुओं का प्रवेश वर्जित है उस पावन नगरी के इर्द गिर्द हरी चादरें बिछाने का षड्यंत्र रचे जा रहे हैं। पूर्व में धामी सरकार ने शहरी क्षेत्र में ऐसी कई अवैध मजारे हटाई भी गई थी, बावजूद इसके अभी दर्जनों अवैध मजारे हरिद्वार जिले में मौजूद है। जिनपर धामी सरकार की कार्रवाई का यहां के जनता को विशेष कर अखाड़ों,संत समाज को भी है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा है कि हरिद्वार सनातन की राजधानी है इसका देव पावन मूल स्वरूप बरकरार रखा जाएगा।

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