अहमदाबाद/नई दिल्ली । गुजरात के अहमदाबाद में एक बड़ा विमान हादसा हुआ है। एयर इंडिया का B787 विमान VT-ANB, जो अहमदाबाद से लंदन के गैटविक एयरपोर्ट जा रहा था, आज 12 जून 2025 को दुर्घटनाग्रस्त हो गई। विमान में 242 लोग सवार थे, जिनमें 2 पायलट और 10 केबिन क्रू शामिल थे।गुजरात राज्य पुलिस नियंत्रण कक्ष ने इस दुर्घटना की पुष्टि की है।
जानकारी के अनुसार अहमदाबाद एअरपोर्ट के रनवे 23 से इस विमान ने दोपहर 1।39 पर उड़ान भरी थी। उड़ान भरते ही इसने करीबी एटीसी को MAYDAY कॉल दी थी, लेकिन इसके बाद विमान की ओर से एटीसी को कोई सिग्नल नहीं दिया गया। उड़ान के कुछ सेकंड बाद ही विमान एअरपोर्ट परिसर के बाहर क्रैश हो गया।
क्या होता है ‘मेडे कॉल’..?
बता दें कि फ्लाइट में ‘मेडे कॉल’ (Mayday Call) एक इमरजेंसी मैसेज होता है, जो पायलट उस वक्त देता है जब विमान किसी गंभीर संकट में हो और यात्रियों या क्रू की जान को खतरा हो। जैसे कि विमान का इंजन फेल होना, विमान में आग लगना, हवा में टकराव का खतरा, या हाईजैक जैसी स्थिति बन जाए।
क्यों 3 बार बोला जाता है Mayday
इस कॉल के ज़रिए कोई भी पायलट एयर ट्रैफिक कंट्रोल (ATC) और नज़दीकी विमानों को अलर्ट करता है कि प्लेन को तुरंत मदद की ज़रूरत है। पायलट इसे प्लेन के रेडियो पर तीन बार बोलता है—”Mayday, Mayday, Mayday” ताकि साफ हो जाए कि यह असली संकट है।
Mayday Call पर कंट्रोल रूम की प्रतिक्रिया
वहीं जैसे जैसे ही Mayday Call दिया जाता है कंट्रोल रूम उस विमान को प्राथमिकता देता है और सभी संसाधनों को उसकी मदद में लगा देता है, जैसे इमरजेंसी लैंडिंग की इजाजत, रनवे खाली कराना, एम्बुलेंस और फायर ब्रिगेड तैयार रखना।
कहां से आया ‘मेडे’ शब्द
‘मेडे’ शब्द फ्रेंच के “m’aider” से आया है, जिसका मतलब होता है मेरी मदद करो। ध्यान देने वाली बात ये है कि यदि हालात बहुत ज्यादा गंभीर न हो लेकिन चिंता की हो, तब पायलट पैन-पैन (Pan-Pan) कॉल करता है, जो ‘मेडे’ से कम गंभीर मानी जाती है।

















